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मुहब्बत : करके भी न कर सके !

खु़दा मेरी दीवानगी का राज फा़श हो जाये
वो हैं मेरी ज़िन्दगी उन्हें एहसास हो जाये

सांसे उधर चलती है धड़कता है दिल मेरा
एक ऐसा दिल उनके भी पास हो जाये

हर मुलाकात के बाद रहे हसरत दीदार की
ऐसे मिले हम दूर वस्ल की प्यास हो जाये

तड़पता है दिल उनके लिये तन्हाई में कितना
बेताबी भरा जज़्बात उधर भी काश हो जाये

तश्नाकामी इस कदर रहे नामौजुदगी में उनकी
जैसे सूखी जमीं को सबनमी तलाश हो जाये

करे तफ़सीर कैसे दिल उल्फत का ब्यां उनसे
करके ख़्याल इतना सा और उदास हो जाये

जाने ये बैगानगी कब आशनाई में तब्दील होगी
कर दे जो कोई मदद ’’शरद’ सिपास हो जाये
सिपास ====आभार

सुबोध कुमार ’’शरद’

Views: 613

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Comment by Subodh kumar on September 24, 2010 at 7:59pm
धन्यबाद प्रीतम जी.. इस हौसला अफजाई के लिए तहे दिल से शुक्रिया...
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on September 23, 2010 at 9:39pm
खु़दा मेरी दीवानगी का राज फा़श हो जाये
वो हैं मेरी ज़िन्दगी उन्हें एहसास हो जाये

सांसे उधर चलती है धड़कता है दिल मेरा
एक ऐसा दिल उनके भी पास हो जाये

shandaar rachna hai....ye lines mujhe bahut pasand aayi...ye lines abhi mere gmail status ki shobha badha rahi hai.....bahut bahut dhanybaad is khubsurat rachna ke liye
Comment by Subodh kumar on September 21, 2010 at 5:15pm
dhanyabaad chaturvedi jee..
Comment by Subodh kumar on September 21, 2010 at 5:14pm
dhanybaad bagi jee

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 21, 2010 at 8:31am
खु़दा मेरी दीवानगी का राज फा़श हो जाये
वो हैं मेरी ज़िन्दगी उन्हें एहसास हो जाये,
बहुत खूब सुबोध जी , बढ़िया कहे आप,
Comment by Subodh kumar on September 20, 2010 at 9:30pm
dhanyabaad raj jee...

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Rana Pratap Singh on September 20, 2010 at 9:06pm
तश्नाकामी इस कदर रहे नामौजुदगी में उनकी
जैसे सूखी जमीं को सबनमी तलाश हो जाये

बहुत बढ़िया|
Comment by राज लाली बटाला on September 20, 2010 at 8:16pm
khoob hai !! g
Comment by Subodh kumar on September 20, 2010 at 7:23pm
dhanybaad giri jee...
Comment by Rash Bihari Ravi on September 20, 2010 at 4:54pm
khubsurat

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