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भारत बन्द महोत्सव.........

पप्पू ने पूछा पापा,
ये भारत बन्द क्या होता है ?
पापा मुस्कुराया
पप्पू को बताया -

बेटा,
मेरा भारत महान में लोकतान्त्रिक  सरकार है
और भारत बन्द हमारा  राजनैतिक त्यौहार है
जो विपक्ष द्वारा  मनाया जाता है
और पब्लिक को सताया जाता है

जो लोग किसी गरीब के घर में एक दीया तक नहीं जलाते
वे सड़कों पर टायर ट्यूब जलाते हैं
वाहनों पर भी पत्थर ख़ूब चलाते हैं
ट्रेनें रोक रोक के तोड़ फोड़ करते हैं
निशानेबाज़ी बसों पे बेजोड़ करते हैं
जम कर हुडदंग और मनमानी करते हैं
या यों समझो  कि कुछ तूफानी करते हैं
जब थक जाते हैं
तब रुक जाते  हैं


आम आदमी घर में बैठ,  तमाशा देखते हैं
और नेता लोग इस आग में रोटी सेंकते हैं
अहिंसा का आईना  जब चूरा चूरा हो जाता है
तब यह भारत बन्द महोत्सव पूरा हो जाता है


जय हिन्द !

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Comment

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Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on June 1, 2012 at 4:59pm

आदरणीय अलबेला जी, सादर 

वास्तविक बेबाक चित्रण बधाई योग्य है, बधाई. 

बेवकूफ जनता अपना ही घर फूंकती है. 

Comment by Albela Khatri on June 1, 2012 at 11:15am

बहुत बहुत  शुक्रिया और आभार राजेश कुमारी जी........


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on June 1, 2012 at 10:30am

बहुत  अच्छे से सच्चाई बयान की है रचना ने यही सब तो होता है इस बढ़िया सामयिक रचना के लिए बधाई 

कृपया ध्यान दे...

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