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लोग कहेला तोहके तेंदुलकर , हम कहब कमालकर,

बधाई हो बधाई ,
भाई तोहके बधाई ,
भारत रत्न के उपाधि ,
भाई तहरा नइखे जरुरी ,
तोहके भारत रत्न बनावल ,
बा हमनी के मज़बूरी ,
एक से आखिरी तक ,
तोहरा लगे केहू लउकत नइखे ,
दस साल पाहिले तू काबिल रहला ,
अभी आख खुलल हा सबके ,
देर आइल दुरुस्त आइल ,
अबकिर सरकार के काम बढ़िया बा ,
लोग जवान कहे ला ,
ओकरा के झुठलावे ला ,
जब जरुरत परेला ,
आपन बल्ला चलावे ला ,
लोग कहत रहे २०-२० ,
नया खून के खेला हा ,
बीस बरस से चल रहल बा ,
इ हिंद के खून अलबेला हा ,
सतकबीर तोहे गुरु कहे ,
जनम दिन मुबारक हो ,
तू जिया हजारो साल ,
हर दम करत रहा कमल
लोग कहेला तोहके तेंदुलकर ,
हम कहब कमालकर,

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Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on April 24, 2010 at 5:23pm
bahut badhiya guru jee......ee rachna ek tarah se sachin ke open books parivar ke taraf se gift bhail......
bahut bahut badhiya baa guru jee...hamesha ke tarah ek aur dhamakedaar rachna.....
Comment by Admin on April 24, 2010 at 2:33pm
सचिन रमेश तेन्दुलकर के ३७ वें जन्मदिन पर Open Books Online परिवार के तरफ से ढेर सारी शुभकामनायें है, गुरू जी कि कविता Open Books Online परिवार के तरफ से सचिन को समर्पित है, बहुत बहुत धन्यबाद है गुरू जी आपको ।

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on April 24, 2010 at 2:25pm
Bahut bahut badhai ba janam din key Sachin jee key, aur guru jee key kavita sachin key Birthday gift ho gail, Dhanyabad Guru jee rauwaa key,

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