For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मोदी के बहाने इ बात देश में आइल बा ,

मोदी के बहाने इ बात देश में आइल बा ,
का केहू के बरका एतना उचित बनावल बा ,
छुट देके खुबे कमा के त्गानरी खिचाइल बा ,
मोदी के बहाने इ बात देश में आइल बा ,
तिन साल पाहिले सब कुछ मोदी रहले ,
अब कुछ नइखन उ सब इ चिला के कहले,
अरबो घोटाला भइल मॉल कहा उ गइल,
एकर जानकारी ना लिआईल सस्पेंसन दिआइल,
सोची ना मोदी के संगे केकर हाथ रंगाइल बा ,
मोदी के बहाने इ बात देश में आइल बा ,
बरका बरका टीम बनल आई सी एल के मिटावे ला ,
इहो एकछत्र राज कईलन घर भरावे ला ,
बेटी और दामाद के ता कुछ भाई के मिलल बा ,
देश के टैक्स चुरावे खातिर आइ पि एल बनावल बा ,
एक के पेट ता भर गइल दूसरा के बारी बा ,
मोदी के बहाने इ बात देश में आइल बा ,

Views: 354

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Ratnesh Raman Pathak on April 26, 2010 at 9:56pm
आज सुबह एक हिंदी समाचार चैनल पर आ रहा था की चेनई की टीम किसी ज्योतिषी को रखा है और ज्योतिषी जी ही हर निर्णय ज्योतिष के हिसाब से करते है, जैसे बालिंग करना है या बैटिंग, किससे कितना ओवर फेकवाना है , कौन किस क्रम मे बलेबाजी करेगा इत्यादी,बदले मे ज्योतिषी महाशय को टीम प्रबंधन २ करोड़ रुपया सालाना देती है, है न आश्चर्य की बात ? आधुनिक क्रिकेट मे अंधविश्वाश , हम कहा जा रहे है हमे खुद पता नहीं

ganesh bhaiya bahut sahi kaha aapne ki aaj ke modern jamane me andhbiswas ka itna kimat.
ascharya to is baat ka hai ki jitne bade log the wo ipl se pahle aandhbiswas ko nahi mante the,lekin kripa hai is ipl devta ki ,jo andhbiswas ko biswas me badal raha hai.nahi to dosh andhbiswas me biswas karne walo ki hai nahi biswas nahi karnewalo ki hai .....dosh to sirf us paise ka hai jo ye sab kara rahi hai........bus yahi hai ki paisa ke liye aadmi kisi hud tak ja sakta hai....bade bade ki imaan dol rahi hai ipl me.

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on April 26, 2010 at 8:00pm
Guru jee, bahut badhiya likhaley baani, rauwaa lagat ba IPL key bhut key dhoo key rakh deb, bahut badhiya,
Comment by Admin on April 26, 2010 at 1:08pm
गुरु जी बहुत बढ़िया कविता लिखे है, सम सामयिकी पर आप की पकड़ बहुत ही बढ़िया है, अच्छी कविता बनी है,
IPL के बहाने देखते रहिये केतना बड़ा घोटाला उजागर होता है, आज सुबह एक हिंदी समाचार चैनल पर आ रहा था की चेनई की टीम किसी ज्योतिषी को रखा है और ज्योतिषी जी ही हर निर्णय ज्योतिष के हिसाब से करते है, जैसे बालिंग करना है या बैटिंग, किससे कितना ओवर फेकवाना है , कौन किस क्रम मे बलेबाजी करेगा इत्यादी,बदले मे ज्योतिषी महाशय को टीम प्रबंधन २ करोड़ रुपया सालाना देती है, है न आश्चर्य की बात ? आधुनिक क्रिकेट मे अंधविश्वाश , हम कहा जा रहे है हमे खुद पता नहीं,

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
8 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
15 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
15 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"मेरा प्रयास आपको अच्छा और प्रेरक लगा। हार्दिक धन्यवाद हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ नववर्ष की पहली गोष्ठी में मेरी रचना पर आपकी और जनाब मनन कुमार सिंह जी की टिप्पणियों और…"
Saturday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"प्रेरक रचना।मार्ग दिखाती हुई भी। आज के समय की सच्चाई उजागर करती हुई। बधाइयाँ लीजिये, आदरणीय उस्मानी…"
Saturday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"दिली आभार आदरणीया प्रतिभा जी। "
Saturday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"हार्दिक आभार आदरणीय उस्मानी जी। "
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service