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सोन परी हिय मोद भरे !

बिटिया रानी खिली कली सी

सागर चीरे- परी सी आई

बांह पसारे स्वागत करती

जन मन जीते प्यार सिखाई !

--------------------------------

कदम बढ़ाओ तुम भी आओ

धरती अम्बर प्रकृति कहे

गोद उठा लो भेद भाव खो

सोन परी हिय मोद भरे !

--------------------------------------

हहर-हहर मन ज्वार सरीखा

चन्दा को अपनाने दौड़ा

कहीं न मुड़ जाए  'पूनम' सा

नैन हिया भर सीपी -मोती पाने दौड़ा !

----------------------------------------

बिना कल्पना ,बिन प्रतिभा के

लक्ष्मी कहाँ ? रूठ ना जाए

आओ प्यारे फूल बिछा दें

चरण 'देवि' के नेह लुटाएं !

---------------------------------

ये अद्भुत मुस्कान- धरा की

दर्द व्यथा कल से हर लेगी

सोन चिरइया -नदी दूध की

कल्प-वृक्ष बन वांछित फल  देगी !

----------------------------------------

सुरेन्द्र कुमार शुक्ल 'भ्रमर ५ '

कुल्लू यच पी १९.६.२०१२

Views: 756

Comment

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Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on June 20, 2012 at 8:35pm

आदरणीया रेखा जी    सोन  परी  के स्वागत की इस  रचना की ये पंक्तियाँ आप के मन को छू सकीं लिखना सार्थक रहा प्रोत्साहन कृपया बनाये रखें 

भ्रमर ५ 
Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on June 20, 2012 at 8:32pm

आदरणीय कुशवाहा जी .  बिटिया रानी के स्वागत की ये रचना  आप को अच्छी लगी सुन ख़ुशी हुयी ....आप का समर्थन मिला ....आभार 

भ्रमर ५ 
Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on June 20, 2012 at 8:29pm

प्रिय डॉ सूरज जी ..संसार छे चाले छे ..गृहस्थी में सब कुछ निभाना पड़ता है ..आप की ही तरफ आया था लू के थपेड़े और गर्मी १५ दिन ..अब वापस आप सब के बीच ..रचना आप को अच्छी लगी सुन ख़ुशी हुयी आभार 

भ्रमर ५ 
Comment by Rekha Joshi on June 20, 2012 at 7:20pm

बिटिया रानी खिली कली सी

सागर चीरे- परी सी आई

बांह पसारे स्वागत करती

जन मन जीते प्यार सिखाती ,

बढ़िया पंक्तियाँ ,बधाई 

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on June 20, 2012 at 1:57pm

ये अद्भुत मुस्कान- धरा की

दर्द व्यथा कल से हर लेगी

सोन चिरइया -नदी दूध की

कल्प-वृक्ष बन वांछित फल  देगी !

आदरणीय भ्रमर जी, सादर 

सत्य कहा आपने. बधाई.

Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on June 20, 2012 at 1:12pm

सुरेन्द्र भाई नमस्कार ! बहुत दिनों बाद दर्शन हुए कहाँ ग़ायब हो गए थे भाई ! लेकिन आपका आगमन  बड़ी सुंदर कविता के साथ हुआ है। अच्छा लगा ...बहुत बहुत बधाई!!

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