For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सब रह जाएगा

कहीं किडनी फेल कहीं हार्ट फेल
कुदरत के हैं यह अजीब खेल
कर्म किए हैं तूने जैसे
वैसी ही अब सज़ा तू झेल
भूल गया था तू औकात
कुछ भी तुझको रहा न याद
बहुत हँसा अब रोएगा तू
कौन सुने तेरी फरियाद
वोह ऊपर बैठा सब देखे है
कर्मों के ही सब लेखे हैं
इंसाफ़ करेगा वोह तो ज़रूर
मिटा के रहेगा तेरा गरूर
जीवन में चाहे कुछ भी करना
किसी के हक से घर न भरना
धन दौलत यहीं रह जाएगा
अपनी हस्ती पे गुमाँ न करना

दीपक 'कुल्लुवी'
13/07/12
9350078399

Views: 405

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on July 30, 2012 at 11:02am

shukriya bharamar ji ,albela ji

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on July 13, 2012 at 11:27pm

बहुत हँसा अब रोएगा तू 
कौन सुने तेरी फरियाद
वोह ऊपर बैठा सब देखे है
कर्मों के ही सब लेखे हैं
इंसाफ़ करेगा वोह तो ज़रूर
मिटा के रहेगा तेरा गरूर 

प्रिय दीपक जी  सुन्दर सन्देश ...प्यारी  रचना ..गुरुर टूटना बहुत जरुरी भी होता है 

भ्रमर ५ 

 

Comment by Albela Khatri on July 13, 2012 at 6:06pm

क्या कहने दीपक कुल्लुवी जी......
बहुत सुन्दर रचना ........
बधाई !

Comment by Deepak Sharma Kuluvi on July 13, 2012 at 4:15pm

शुक्रिया पटेल जी,श्रीवास्तव जी ........

मेरे गम से न रख रिश्ता
मगर अपना मुझे दे दे
अपने दर्द के लम्हे
हमारे नाम तू कर दे
.................
दीपक शर्मा 'कुल्लुवी '

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on July 13, 2012 at 3:42pm

वाह वाह आदरणीय दीपक जी
कम शब्दों में सुन्दर बातें कह डालीं हैं आपने
नमन सहित बधाई आपको इस लेखन के लिए

Comment by Er. Ambarish Srivastava on July 13, 2012 at 3:38pm

वाह वाह वाह ........इतनी छोटी से रचना में इतना सब कुछ कह डाला आपने ........बधाई है बधाई ......

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
15 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं
"आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद ' जी सादर अभिवादन प्रथम तो मैं क्षमाप्रार्थी हूँ देरी से आने की…"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा दशम. . . . . उम्र

दोहा दशम् . . . . उम्रठहरी- ठहरी उम्र अब, करती एक सवाल ।कहाँ गई जब जिंदगी, रहती थी खुशहाल ।।यादों…See More
Monday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं
"आदरणीय Jaihind Raipuri साहिब, नमस्कार। बढ़िया ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार करें। /ये मेरा…"
Friday
आशीष यादव added a discussion to the group धार्मिक साहित्य
Thumbnail

चल मन अब गोकुल के धाम

चल मन अब गोकुल के धाम अद्भुत मनहर बाल रूप में मिल जाएंगे श्याम कि चल मन अब……………………….कटि करधनी शीश…See More
Friday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदरणीय अशोक भाईजी धन्यवाद ... मेरा प्रयास  सफल हुआ।"
Mar 31
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह वाह वाह !!! बहुत दिनों बाद ऐसी लाजवाब प्रतिक्रिया पढने में आई है। कांउटर अटैक ॥ हजारों धन्यवाद…"
Mar 31
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय शेख शाहज़ाद उस्मानी जी सादर, सरकारी शालाओं की गलत परम्परा की ओर ध्यान आकृष्ट कराती…"
Mar 31
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"सार्थक है आपका सुझाव "
Mar 31
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ रचना पटल पर उपस्थिति और समीक्षाओं हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय जी। मेरी…"
Mar 31
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"हार्दिक धन्यवाद आदरणीया प्रतिभाजी ।  इसमें कुछ कमी हो सकती है लेकिन इस प्रकार के आयोजन शहरों…"
Mar 31
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब सादर, बिना सोचे बोलने के परिणाम पर सुन्दर और संतुलित लघुकथा…"
Mar 31

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service