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कुण्डलिया : धोती मुनिया फर्श को.....

धोती मुनिया फर्श को, मुन्ना माँजे प्लेट |
कल का भारत देख लो, ऐसे भरता पेट ||
ऐसे भरता पेट, और ये नेता सारे,
चलते सीना तान, लगा के जमकर नारे |
नहीं तनिक है शर्म, कहाँ है जनता सोती,
इनको अपनी फिक्र, साफ हो कुर्ता-धोती ||

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Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on August 10, 2012 at 10:05pm
आदरणीय सुरेन्द्र जी, आपको भी जन्माष्टमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।
Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on August 10, 2012 at 1:01pm

 प्रिय अजीतेंदु जी बाल पीड़ा को दर्शाती सरकार को आँख खोलने को प्रेरित करती प्यारी रचना मार्मिक 

जन्माष्टमी की हार्दिक शुभ कामनाये आप सपरिवार और सारी प्यारी मित्र मण्डली को भी ....
भ्रमर ५ 
Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on August 9, 2012 at 8:42am

आपका बहुत-बहुत धन्यवाद आदरणीय सौरभ सर........


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on August 9, 2012 at 12:01am

बहुत ही कर्कश सच्चाई. सुन्दर शिल्प.  इस साफ़बयानी के लिये हार्दिक बधाई.

Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on August 8, 2012 at 10:19pm

आपका हार्दिक आभार आदरणीया राजेश जी........


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on August 8, 2012 at 8:40pm

वाह वाह वाह क्या कटाक्ष भरी कुण्डलियाँ है बहुत खूब हार्दिक बधाई 

Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on August 8, 2012 at 6:37pm

कुण्डलिया पसंद करने के लिए आपका आभार अरुण शर्मा जी........

Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on August 8, 2012 at 6:36pm

सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार आदरणीया रेखा जी.........

Comment by अरुन 'अनन्त' on August 8, 2012 at 12:17pm

बहुत सुन्दर कुण्डलियाँ गौरव जी

Comment by Rekha Joshi on August 8, 2012 at 10:47am

नहीं तनिक है शर्म, कहाँ है जनता सोती,
इनको अपनी फिक्र, साफ हो कुर्ता-धोती ||,अति सुंदर कुंडलियाँ ,बहुत बहुत बधाई गौरव जी 

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