For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

एक राष्ट्र एक टोली, एक भाव एक बोली,
हिंदी से ही हो सकेगी, आप जान जाइए |

भाषा ये सनातनी है, शीलवाली, पावनी है,
शोला है सुहावनी है, विश्व को बताइए |

पूर्वजों ने भी कहा है, हिंदी ने बड़ा सहा है,
हिंदी को बढ़ावा दे के, विद्वता दिखाइए |

भारती की कामना है, शत्रु को जो थामना है,
भाई मेरे बंधु मेरे, हिंदी को बचाइए ||

Views: 648

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on September 13, 2012 at 4:14pm
आदरणीय योगी जी, अपनी हिन्दी के लिये ये मेरी भावनाएँ हैं। हिन्दी बिना हिन्द की कल्पना अधूरी है। सराहना के लिये आपका आभारी हूँ।
Comment by Yogi Saraswat on September 13, 2012 at 11:10am

पूर्वजों ने भी कहा है, हिंदी ने बड़ा सहा है,
हिंदी को बढ़ावा दे के, विद्वता दिखाइए |

भारती की कामना है, शत्रु को जो थामना है,
भाई मेरे बंधु मेरे, हिंदी को बचाइए ||

सुन्दर शब्दों में यथार्थ को दिखाती रचना कुमार साब !

Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on September 13, 2012 at 10:27am

आदरणीय मित्र संदीप पटेल जी......सराहना के लिए आपका आभार........आपने जो पंक्तियाँ दी हैं बिलकुल वो भी सही बैठतीं हैं.....धन्यवाद.....

Comment by SANDEEP KUMAR PATEL on September 13, 2012 at 10:12am

आदरणीय अजीतेंदु जी सादर
आपकी घनाक्षरी कथ्य और शिल्प की दृष्टि से बहुत उत्तम है
किन्तु अंत में जैसा की आदरणीय सौरभ सर ने कहा
कमजोर हो रही है
उस पर ध्यान देना परम आवश्यक है

काम धाम में भी आप हिंदी अपनाइए
 यदि ऐसा कहा जाये तो कैसा रहे

सादर

Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on September 13, 2012 at 7:01am

आदरणीया सीमा जी........प्रोत्साहन के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद......आपकी प्रतिक्रिया उत्साहवर्धक है.........आभार....

Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on September 13, 2012 at 6:56am

आदरणीय अग्रज अम्बरीश जी.........खुले दिल से की गई सराहना के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद......आपका स्नेह और आपकी सीख तो सदैव मार्गदर्शन करती है...आभार..........

Comment by seema agrawal on September 12, 2012 at 11:58pm

कथ्य और शिल्प दोनों दृष्टियों से सुगढ़ घनाक्षरी के लिए बधाई कुमार गौरव जी 

Comment by Er. Ambarish Srivastava on September 12, 2012 at 10:56pm

प्रिय कुमार गौरव जी ,  बेहतर शिल्प से सुसज्जित सुन्दर घनाक्षरी के लिए हार्दिक बधाई मित्र !

जैसा कि आदरणीय सौरभ जी ने कहा है कथ्य में बारीकी से थोड़ा सा सुधार करके इसे सोने से कुंदन बनाया जा सकता है ! सस्नेह

Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on September 12, 2012 at 10:17pm

आदरणीय अलबेला भैया.......आपका प्यार सर-आँखों पर.......धन्यवाद......

Comment by कुमार गौरव अजीतेन्दु on September 12, 2012 at 10:16pm

आदरणीया राजेश जी.....सराहना हेतु आपका बहुत-बहुत धन्यवाद.......आपलोगों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है.....इसी का नाम तो ओ बी ओ है.........एक बार पुनः आभार....

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

माँ

माँ यह शब्द नहींं केवलइस जग की माँ से काया है। हम सबकी खातिर अतिपावन माँ के आँचल की छाया है।१।माँ…See More
9 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर आप यों घबरा कर मैदान छोड़ देंगे तो जिन्होने एक जुट होकर षड़यन्त्र किया है वे अपनी जीत मानेंगे।…"
13 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
yesterday
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
Thursday
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
May 13

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
May 13
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service