For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मत्तगयंद सवैया :-
===============
आज हुयॆ मतदान सभी चुनि, बैठ गयॆ चढ़ि आसन चॊटी,
भारत कॆ यह राज-मणी सब, फ़ॆंक रहॆ अब  खॊटम खॊटी,
नागिन सी  फ़ुँफ़कार भरॆं सब, छीनत हैं जनता कइ रॊटी,
आय गयॆ पुनि भारत मॆं तब, नाहि बचैं लकुटी व लँगॊटी,
=======================================

Views: 504

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on December 18, 2012 at 3:50am

Ashok Kumar Raktale जी ,,,आपको एवं आपके रचना स्नेह दोनो को नमन,,,,,,,,,,,,,,आभार,,,,,,,,,,

Comment by Ashok Kumar Raktale on December 16, 2012 at 10:23pm

सुन्दर व्यंग प्रस्तुत करते मत्तगयन्द सवैया पर सादर  बधाई स्वीकारें आद. राज जी.

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on December 6, 2012 at 2:32pm

अरुन शर्मा "अनन्त"  जी ,,,आपको एवं आपके रचना स्नेह दोनो को नमन,,,,,,,,,,,,,,आभार,,,,,,,,,,

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 6, 2012 at 11:51am

अत्यंत सुन्दर रचना बधाई स्वीकारें

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on December 6, 2012 at 2:08am

वीनस केसरी जी ,,,आपको एवं आपके रचना स्नेह दोनो को नमन,,,,,,,,,,,,,,आभार,,,,,,,,,,

Comment by वीनस केसरी on December 6, 2012 at 12:50am

आय गयॆ पुनि भारत मॆं तब, नाहि बचैं लकुटी व लँगॊटी,

हा हा हा
सत्य वचन
सुन्दर रचना
सहज अभिव्यक्ति

Comment by कवि - राज बुन्दॆली on December 5, 2012 at 2:26pm
Comment by कवि - राज बुन्दॆली on December 5, 2012 at 2:24pm

आदरणीया,,,,,,,,,,,,rajesh kumari जी ,,,आपको एवं आपके रचना स्नेह दोनो को नमन,,,,,,,,,,,,,,आभार,,,,,,,,,,

Comment by रविकर on December 5, 2012 at 11:51am

बहुत बढ़िया सवैया||

आदरणीय राज बुन्देली जी -
बधाइयां ||


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on December 5, 2012 at 11:49am

वाह राज बुन्देली जी मत्तगयन्द विधा में कितना सुन्दर समसामयिक छंद रच डाला वाह बहुत प्रेरणास्पद 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और विस्तृत टिप्पणी से मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार।…"
13 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post आदमी क्या आदमी को जानता है -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई रवि जी सादर अभिवादन। गजल पर आपकी उपस्थिति का संज्ञान देर से लेने के लिए क्षमा चाहता.हूँ।…"
14 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अशोक भाई, आपके प्रस्तुत प्रयास से मन मुग्ध है. मैं प्रति शे’र अपनी बात रखता…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"रचना पर आपकी पाठकीय प्रतिक्रिया सुखद है, आदरणीय चेतन प्रकाश जी.  आपका हार्दिक धन्यवाद "
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय अशोक भाईजी "
yesterday
Ashok Kumar Raktale posted blog posts
yesterday
Chetan Prakash commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"नव वर्ष  की संक्रांति की घड़ी में वर्तमान की संवेदनहीनता और  सोच की जड़ता पर प्रहार करता…"
yesterday
Sushil Sarna posted blog posts
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । "
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय अशोक रक्ताले जी सृजन पर आपकी समीक्षात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभार । इंगित बिन्दु पर सहमत…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कुर्सी जिसे भी सौंप दो बदलेगा कुछ नहीं-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी सादर अभिवादन। गजलपर उपस्थिति और सप्रेमं मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार। इसे बेहतर…"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service