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ग़ज़ल : अरुन शर्मा 'अनन्त'

फाईलु / फाइलातुन / फाईलु / फाइलुन

वज्न : २२१, २१२२, २२१, २१२

नैनो के जानलेवा औजार से बचें,
करुणा दया ख़तम दिल में प्यार से बचें,


पत्थर से दोस्त वाकिफ बेशक से हों न हों,
है आइना फितरती दीदार से बचें,

आदत सियासती है धोखे से वार की,
तलवार से डरे ना सरकार से बचें,

गिरगिट की भांति बदले जो रंग दोस्तों,
जीवन में खास ऐसे किरदार से बचें,

नफरत नहीं गरीबों के वास्ते सही,
यारों सदा दिमागी बीमार से बचें,

जो चासनी लबों पर रख के चले सदा,
इंसान है मतलबी उपकार से बचें....

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

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Comment by वीनस केसरी on June 11, 2013 at 3:48pm

sundar ghazal hai shaandaar hone ke aasaar hain 

shubhkaamnaayen ...

Comment by Vindu Babu on June 11, 2013 at 12:59pm
वाह! आदरणीय अरुण जी।
जो चाशनी लबों पर रखके चले सदा
इंसान है मतलबी उपकार से बचें..
क्या बात है!सचेत करता हुआ अति सुन्दर कथ्य।
सादर बधाई!
Comment by Shyam Narain Verma on June 10, 2013 at 3:19pm

बहुत ही अच्छी प्रस्तुति ..

Comment by Abid ali mansoori on June 10, 2013 at 12:36pm
गिरगिट की भांति बदले जो रंग दोस्तोँ,
जीवन मेँ खास ऐसे किरदार से बचेँ,वाह...
आदरणीय अरुन जी हार्दिक बधाई आपको!
Comment by Sumit Naithani on June 10, 2013 at 12:15pm

गिरगिट की भांति बदले जो रंग दोस्तों,
जीवन में खास ऐसे किरदार से बचें,...सुन्दर प्रस्तुति 

Comment by D P Mathur on June 10, 2013 at 10:45am

अति सुन्दर !!!

Comment by Sarita Bhatia on June 9, 2013 at 11:06pm

अरुण हार्दिक बधाई स्वीकारें इस बढ़िया गजल के लिए 

शुभाशीष 

Comment by MAHIMA SHREE on June 9, 2013 at 2:25pm

नफरत नहीं गरीबों के वास्ते सही,
यारों सदा दिमागी बीमार से बचें,

जो चासनी लबों पर रख के चले सदा,
इंसान है मतलबी उपकार से बचें....

नमस्कार अरुण जी ..

बहुत -२ बधाई आपको . . बहुत ही अच्छी प्रस्तुति ..

Comment by annapurna bajpai on June 9, 2013 at 11:44am

hardik badhai arun sharma ji .

Comment by ram shiromani pathak on June 9, 2013 at 11:18am

नैनो के जानलेवा औजार से बचें,
करुणा दया ख़तम दिल में प्यार से बचें///वाह फटे हाल मज़नू की कहानी //हा हा हा हा 

गिरगिट की भांति बदले जो रंग दोस्तों,
जीवन में खास ऐसे किरदार से बचें,

नफरत नहीं गरीबों के वास्ते सही,
यारों सदा दिमागी बीमार से बचें,///////////वाह वाह ये हुई  ना बात 

हार्दिक बधाई आदरणीय भाई अरुण जी ///सादर 

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