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वंदना हम कर रहे

माँ शारदे माँ शारदे

अज्ञान के अंधेरों से

तू हमें तार दे

हम तो अज्ञानी  हैं

ज्ञान से संवार दे

माँ शारदे------------

.

श्वेत वस्त्र धारणी

कमल पे विराजती

वीणा के तार की

झंकार दे झंकार दे

माँ  शारदे----------

.

चरणों में तेरे हम

शीश को झुका रहे

ज्ञान की ज्योति

हमको उपहार दे

माँ शारदे------------

 

 

मौलिक व अप्रकाशित------

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Comment

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Comment by Pragya Srivastava on June 25, 2013 at 12:07am

अरूण  जी, माँ सरस्वती की कृपा सब पर बनी रहे....................धन्यवाद

Comment by अरुन 'अनन्त' on June 24, 2013 at 11:45am

जय माँ शारदे , बहुत ही सुन्दर वंदना की है आपने माँ अवश्य आपकी मुरादें पूर्ण करेंगी. प्रयास अच्छा हुआ है हार्दिक बधाई स्वीकारें.

Comment by sombirnaamdev on June 23, 2013 at 11:06pm

सुंदरे रचना

Comment by Anurag Singh "rishi" on June 23, 2013 at 5:06pm

बेहद सुन्दर रचना परम आराध्या माँ शारदे के चरणों में निवेदित की है माँ की आशीष हम सभी पर बना रहे
बहुत बहुत बधाई
सादर

Comment by D P Mathur on June 22, 2013 at 7:59am

अच्छी वंदना के लिए आपको बधाई !

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on June 22, 2013 at 5:20am

चरणों में तेरे हम

शीश को झुका रहे

ज्ञान की ज्योति

हमको उपहार दे

माँ शारदे----------

जय माँ शारदे जय माँ शारदे!

Comment by बृजेश नीरज on June 21, 2013 at 4:15pm

आपके इस प्रयास पर आपको बधाई!

Comment by aman kumar on June 21, 2013 at 1:34pm

जय माँ शारदे !

ज्ञान की ज्योति

हमको उपहार दे!

आभार .....

Comment by Shyam Narain Verma on June 21, 2013 at 1:18pm
इस प्रस्तुति हेतु बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएँ.................

कृपया ध्यान दे...

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