For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नारी [ कुण्डलिया ]

नारी सबला जानिए ,देकर अनुपम प्यार
नारी से नर उपजिया ,मानस पटल सुधार |
मानस पटल सुधार , जान नारी जस माता
जैसे करता करम ,फल वैसा तभी पाता |
नारी माँगे मान,जान ना उसको अबला
देकर अनुपम प्यार,जान लो नारी सबला ||

.................

मौलिक व अप्रकाशित 

Views: 727

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on September 3, 2013 at 10:07pm

आ0 सरिता  जी,  सादर प्रणाम!   वाह!... नारी का सशक्त और जाग्रत रूप का सुन्दर वर्णन... सुन्दर प्रस्तुति।   हार्दिक बधाई स्वीकारें।  सादर,

Comment by mrs manjari pandey on September 3, 2013 at 9:50pm

  

         आदरणीया सरिता भाटिया जी , आभार कुन्डलियों  के लिये   !

Comment by Sarita Bhatia on September 2, 2013 at 6:46pm

आदरणीया विजय श्री जी एवं कल्पना रमानी जी ,आदरणीय लक्ष्मण जी एवं रविकर जी , अरुण तह दिल से शुक्रिया  

Comment by रविकर on September 2, 2013 at 10:29am

अच्छी कुण्डलिया छंद-
आभार आदरेया-

Comment by अरुन 'अनन्त' on September 1, 2013 at 12:38pm

आदरणीया सरिता जी धीरे धीरे आप लेखनी को मजबूत कर रही हैं काफी सुधार भी है प्रयासरत रहिये, एक गुजारिश है लिखने के बाद कम से कम तीन चार बार स्वयं सस्वर पढके जांच लें बहुत कुछ स्पष्ट हो जायेगा. इस प्रयास पर ढेरों बधाई स्वीकारें.

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on September 1, 2013 at 11:53am

sundar prayaas ke liye badhaai swikaare 

Comment by कल्पना रामानी on September 1, 2013 at 10:06am

बहुत सुंदर भाव पूर्ण रचना है सरिता जी, लेकिन पूरी तरह परिमार्जन चाहती है। आप और तुम दोनों तरह का प्रयोग है।कहीं-कहीं लय भी बाधित हो रही है।सुंदर प्रयास के लिए हार्दिक बधाई

Comment by vijayashree on September 1, 2013 at 12:17am

सुंदर प्रयास सरिताजी 

Comment by Sarita Bhatia on August 31, 2013 at 2:40pm

सभी दोस्तों का हार्दिक अभिनन्दन जिन्होंने मेरे लिए इतना समय निकाला  ,राजेश दी आपकी बातों पर गौर कर रही हूँ 

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on August 31, 2013 at 2:33pm

  कुंडलिया कुछ छोटी लगी पर अच्छी लगी, बधाई सरिता जी ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"पत्थर पर उगती दूब ============ब्रह्मदत्तजी स्नान-ध्यान-पूजा आदि से निवृत हो कर अभी मुख्य कमरे में…"
5 minutes ago
Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई का "
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला गर किसी को भूल गया इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक राज कपूर जी नमस्कार बहुत- बहुत धन्यवाद आपका आपने समय निकाला ग़ज़ल तक आए और ऐसी बेहतरीन…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजय गुप्ता 'अजेय' जी नमस्कार बहुत धन्यवाद आपका आपने समय दिया आपने सहीह फ़रमाया गुणी…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात ही को भूल गया "
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"इस सुझाव को विशेष रूप से रूहानी नज़रिये से भी देखेंहुस्न मुझ पर सवार होने सेशेष सारी कमी को भूल…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई दयाराम जी, अभिवादन व आभार।"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"हार्दिक आभार आदरणीय "
yesterday
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय दयाराम जी नमस्कार  बहुत शुक्रिया आपका  सादर "
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service