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हम को भी तुमसे प्यार था और बेहिसाब था
था वक़्त आशिकी का दौरे शबाब था

आँखों में शराब जब वक्ते शबाब था
जुल्फे भी उनकी नागिन ऐसा जनाब था

जो तुम खफा हुए तो ज़माना खफा हुआ
हम पर खुदा कसम की कोई अज़ाब था

उसने जब अपने हाथ में मेहदी रचा लिया
सब कुछ मिटा के रख दिया जितना खवाब था

मुझसे बिछड़ के रुख की कशिश को भी खो दिया
चेहरा था पुर कशिश कोई ताज़ा गुलाब था

अलीम के होश उड़ गए देखा जो एक झलक
कयामत वो ढा रहा था और बेहिजाब था
हिजाब- पर्दा
आपकी मोहब्बत दोबारा लिखने के लिए मुझे येह तक फिर लायी आप सब के प्यार इतना मिला की रहा नहीं गया
और आपकी खिदमत के हाज़िर हो गया ...उम्मीद है आप अपनी मोहब्बतों से ऐसे नवाजते रहेंगे इंशाल्लाह -

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Comment by Kanchan Pandey on May 28, 2010 at 9:35pm
उसने जब अपने हाथ में मेहदी रचा लिया
सब कुछ मिटा के रख दिया जितना खवाब था

wow the great effort, bahut badhiya Gazal likhey hai Aleem jee, bahut bahut aabhar,
Comment by Rash Bihari Ravi on May 27, 2010 at 5:35pm
अलीम के होश उड़ गए देखा जो एक झलक
कयामत वो ढा रहा था और बेहिजाब था

namaskar bhai jan aap bhi gajab dha rahe ho bahut badhia,

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on May 26, 2010 at 10:18pm
हम को भी तुमसे प्यार था और बेहिसाब था
था वक़्त आशिकी का दौरे शबाब था

आलीम भाई बहुत बढ़िया ग़ज़ल आपने पेश किया है, धन्यबाद,
Comment by satish mapatpuri on May 26, 2010 at 4:48pm
जो तुम खफा हुए तो ज़माना खफा हुआ
हम पर खुदा कसम की कोई अज़ाब था
मुझसे बिछड़ के रुख की कशिश को भी खो दिया
चेहरा था पुर कशिश कोई ताज़ा गुलाब था
Bahut Khub Aleem Saheb.Pyar Ruth Jata Hai,To Duniya Viran Ho Jati Hai.
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on May 26, 2010 at 9:18am
हम को भी तुमसे प्यार था और बेहिसाब था
था वक़्त आशिकी का दौरे शबाब था\
waah aleem bhai waah........ek baar fir se aapki dhamakadaar gazal aayi hai aur wo bhi aapke janamdin ke mauke par......aapka bahut bahut dhanayabaad...
Comment by Admin on May 26, 2010 at 9:00am
अलीम जी, कल आप का जन्म दिन था और जन्म दिन के सुअवसर पर हम सबको आपने बहुत अच्छी ग़ज़ल से नवाजा है, बहुत बहुत धन्यवाद आपको,
Comment by Biresh kumar on May 25, 2010 at 10:00pm
हम को भी तुमसे प्यार था और बेहिसाब था
था वक़्त आशिकी का दौरे शबाब था
subhanallah
shabab hai .....................abhi bhi

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