For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गीत (पृष्ठ ह्रदय के जब मैं खोलूँ)

गीत (पृष्ठ ह्रदय के जब मैं खोलूँ)

पृष्ठ ह्रदय के जब मैं खोलूँ, केवल तुम ही तुम दिखते हो,

जैसे पूछ रही हो मुझसे, क्या मुझ पर भी कुछ लिखते हो।

 

तुम नयनों से अपने जैसे

कोई सुधा सी बरसाती हो,

कैसे कह दूँ संग में अपने

नेह निमंत्रण भी लाती हो,

फिर भी कहती हो तुम मुझसे, क्यों मुझ में ही गुम दिखते हो,

पृष्ठ ह्रदय के जब मैं खोलूँ, केवल तुम ही तुम दिखते हो।

 

वाणी तुम्हारी वेद मंत्र सी

पावन दिल को छूने वाली,

और रसीले अधर तुम्हारे,

केश हैं जैसे बदरा काली,

तुम मीरा सी श्याम की धुन में, जैसे हो गुमसुम दिखते हो,

पृष्ठ ह्रदय के जब मैं खोलूँ, केवल तुम ही तुम दिखते हो।

 

तुम हो शरद सी ऋतु मस्तानी

हिम का घूँघट ओढ़ चली हो,

तुम वसंत में तन पर अपने

सुमन लताएँ मोड़ चली हो,

तुम वर्षा की रिमझिम धारा, और कभी फागुन दिखते हो,

पृष्ठ ह्रदय के जब मैं खोलूँ, केवल तुम ही तुम दिखते हो।

----------------------------------------------------- सुशील जोशी

"मौलिक व अप्रकाशित"

Views: 1135

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बृजेश नीरज on October 16, 2013 at 10:44am

वाह बहुत सुन्दर आदरणीय! इस बेहतरीन गीत पर आपको हार्दिक बधाई!

Comment by vijay nikore on October 16, 2013 at 7:22am

श्रंगार रस का अति मोहक गीत... सच, कितनी बधाई दूँ.. !

आशा है पढ़ने को ऐसा ही आपसे और मिलेगा।

 

सादर,

विजय निकोर

Comment by Sushil.Joshi on October 16, 2013 at 7:12am

आपकी स्नेहिल टिप्पणी के लिए आपका हार्दिक आभार आदरणीया महिमा जी...

Comment by MAHIMA SHREE on October 15, 2013 at 11:05pm

बेहद कोमल  सुंदर मधुर गीत ... बहुत -२ हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील जी

Comment by Sushil.Joshi on October 15, 2013 at 7:57pm

सुंदर अनुमोदन के लिए आपका अतिश: धन्यवाद आदरणीय अखिलेश जी..... आपकी टिप्पणियाँ मुझे बल प्रदान करती हैं.....

Comment by Sushil.Joshi on October 15, 2013 at 7:55pm

आदरणीया शशी जी.... आपकी टिप्पणियों से ही प्रभावित होकर थोड़ा बहुत लिख पाता हूँ..... सादर धन्यवाद आपका....

Comment by Sushil.Joshi on October 15, 2013 at 7:54pm

हा...हा..हा..... आदरणीय गिरिराज जी..... आपकी स्नेहिल टिप्पणी कहीं मुझे अहंकारी न बना दे... हा..हा..हा...... बहुत बहुत आभार आपका रचना पसंद कर उस पर अपनी प्रतिक्रिया करने हेतु....

Comment by Sushil.Joshi on October 15, 2013 at 7:53pm

गीत को पसंद कर उस पर टिप्पणी करने हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद आदरणीया मीना जी...

Comment by Sushil.Joshi on October 15, 2013 at 7:52pm

इस गीत पर आपकी प्रतिक्रिया ने इसके श्रंगार में चार चाँद लगा दिए हैं आदरणीय कपीश जी... आपका अतिश: धन्यवाद...

Comment by Sushil.Joshi on October 15, 2013 at 7:50pm

रचना पसंद करने के लिए आपका कोटि-कोटि धन्यवाद आदरणीया गीतिका जी....

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Tuesday
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service