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घरों मे वो दादी औ नानी हैं कहाँ अब...........

घरों मे वो दादी औ नानी हैं कहाँ अब
बच्चों के सपनों में राजा-रानी हैं कहाँ अब

उम्र से ज़्यादा , क़द बड़े हो गये हैं उनके
कि बच्चों में बच्चों की निशानी हैं कहाँ अब

बुज़ुर्गों की याद भी आए , तो आए कैसे
घरों में कोई भी चीज़ें पुरानी हैं कहाँ अब

नहीं मिलता है , कृष्ण सा क़िरदार कोई
भला दिखती भी मीरा दीवानी हैं कहाँ अब

घर , छतें , घरोंदें हैं , पंछी भी हैं "अजय"
बर्तन में उनके दानें और पानी हैं कहाँ अब

मौलिक और प्रकाशित
अजय कुमार शर्मा

Views: 787

Comment

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Comment by Sushil.Joshi on October 24, 2013 at 6:27am

बीते समय की याद दिलाती एक सुंदर प्रस्तुति है..... बधाई आ0 अजय शर्मा जी...

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on October 21, 2013 at 10:04am

उम्र से ज़्यादा , क़द बड़े हो गये हैं उनके
कि बच्चों में बच्चों की निशानी हैं कहाँ अब........वाह ! सामयिक सच को बयां करता हैं,

बुज़ुर्गों की याद भी आए , तो आए कैसे
घरों में कोई भी चीज़ें पुरानी हैं कहाँ अब......बहुत खूब,यह तो समझने वाली बात

बेहद उम्दा, एक सार्थक सन्देश देती रचना पर बधाई स्वीकारें आदरणीय अजय जी 

Comment by mohinichordia on October 21, 2013 at 8:00am

बड़ों की याद आये भी तो  आए कैसे 

घरों में कोई भी चीज़ पुराणी है कहाँ अब . समय के बदलाव का अच्छा चित्रण  अजय कुमार शरमा जी . बधाई  

Comment by वीनस केसरी on October 21, 2013 at 1:19am

सुन्दर प्रस्तुति
बधाई

Comment by annapurna bajpai on October 20, 2013 at 10:58pm

वाह !! बहुत खूबसूरत रचना बधाई आपको । आ0 अजय जी । 

Comment by Meena Pathak on October 20, 2013 at 11:37am

बुज़ुर्गों की याद भी आए , तो आए कैसे
घरों में कोई भी चीज़ें पुरानी हैं कहाँ अब................... बहुत सुन्दर बधाई आप को 

Comment by coontee mukerji on October 20, 2013 at 1:44am

बहुत गम्भीर और विचारणीय बात है आदरणीय....(एक था राजा....एक थी रानी ...राजा खेत में काम करता था और रानी भात पकाती थी.)सच है नानी की कहानी गयी कहाँ?

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on October 19, 2013 at 10:22pm

अजय जी सुन्दर भाव ..सच में बहुत कुछ बदला जा रहा है ज़माने में ....
भ्रमर ५


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on October 19, 2013 at 10:18pm

बहुत ही सुन्दर भाव हैं भाईजी, वाह !

Comment by ajay sharma on October 19, 2013 at 10:16pm

sabhi ka tahe dil  se shukriya ..........hausala badane ke liye 

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