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जैसे को तैसा

आज करवाचौथ के दिन मैं अपनी बीवी से बोला – “प्रिये...

तुम मेरी किडनी के समान हो,

किंतु शादी के बाद के इन 5 वर्षों में

तुम्हारी हालत बिल्कुल

हमारी सरकार जैसी हो गई है,

यानि कि बेकार जैसी हो गई है,

अब सोचता हूँ कि

किसी नई युवा किडनी से

अपने शरीर की साँठ-गाँठ करा लूँ..”

तो बीवी तपाक से बोली –

“आप भी तो मेरे लीवर जैसे हो,

मैं भी सोचती हूँ

लीवर ट्राँसप्लांट करा लूँ।”

-------------------- सुशील जोशी

"मौलिक व अप्रकाशित"

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Comment by Sushil.Joshi on October 24, 2013 at 4:33am

हा..हा..हा.... आदरणीय अरुन भाई.....बिल्कुल सही कहा.... हा..हा..हा..... बहुत बहुत धन्यवाद....

Comment by Sushil.Joshi on October 24, 2013 at 4:32am

बहुत बहुत आभार आदरणीय कुंती मुखर्जी....

Comment by Sushil.Joshi on October 24, 2013 at 4:31am

बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय डॉ. आशुतोष जी...

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on October 23, 2013 at 10:46pm

शेर को सवा शेरनी मिली। बधाई सुशील भाई।

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on October 23, 2013 at 10:38pm

बहुत मजेदार व्यंग, हार्दिक बधाई आदरणीय शुशील जी

Comment by बृजेश नीरज on October 23, 2013 at 10:16pm

 अच्छा जवाब है! :)))))))))))


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on October 23, 2013 at 9:57pm

वाह भई वाह , आदरणीय सुशील भाई क्या अदला बदली है , मज़ा आ गया !!!! हास्य रचना के लिये आपको बधाई !!!!!

Comment by Meena Pathak on October 23, 2013 at 6:58pm

बहुत खूब, जैसे को तैसा :) बधाई 

Comment by annapurna bajpai on October 23, 2013 at 6:15pm

बहुत खूब !!! सुंदर हास्य रचना बधाई आपको । 

Comment by अरुन 'अनन्त' on October 23, 2013 at 4:12pm

हाहाहा अच्छा व्यंग है भाई जी पर केवल व्यंग ही रहे तो अच्छा है

कृपया ध्यान दे...

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