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रात का दूसरा पहर 

दूर तक पसरा सन्नाटा और
गहरा कोहरा
टिमटिमाती स्ट्रीटलाइट
जो कोहरे के दम से
अपना दम खो चुकी है लगभग
कितनी सर्द लेहर लगती है
जैसे कोहरे की प्रेमिका
ठंडी हवा बन गीत गाती हो
झूम जाती हो
कभी कभी हल्के से
कोहरे को अपनी बाहों में ले
आगे बढ़ जाया करती
पर कोहरा नकचढ़ा बन वापस
अपनी जगह आ बैठता
ज़िद्दी कोहरा प्रेम से परे
बस अपने काम का मारा
सर्द रात में खुद का साम्राज्य
जमाये है हर तरफ
गली, दुकान, बड़े और
छोटे मकान, पेड़, पौधे
और सड़कों कि स्ट्रीटलाइट
पर जमा बैठा है
सारे लोगों को ठिठुरा कर
घर भेज दिया...

सोचती हूँ 

क़ाश ये कोहरे जैसा भी कुछ
मन में भी होता जो
मन की सड़को से
चिन्ताओं को ठिठुरा कर
वापस समय में विलीन कर देता
और मन को खुद से ढक कर
एक सुकून भरी रात तो देता मुझे
काश!!!.......

(मौलिक एव अप्रकाशित)

प्रियंका.......

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Comment

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Comment by Priyanka singh on December 20, 2013 at 4:06pm

जी जरुर सर...... आपकी नज़र के लिए बहुत बहुत शुक्रिया .....आदरणीय सौरभ सर जी...


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 19, 2013 at 11:52pm

मेरे आने पूर्व इस रचना पर आवश्यक बहुत कुछ कहा जा चुका है, प्रियंकाजी. सुझावों पर अमल करें.

इस प्रयास के लिए हार्दिक बधाई.

शुभ-शुभ

Comment by Priyanka singh on December 18, 2013 at 9:58pm

आदरणीय माहेश्वरी मैम रचना की पसंदगी का शुक्रिया .......

Comment by Maheshwari Kaneri on December 18, 2013 at 7:27pm

सुंदर प्रस्तुति पर सादर बधाई .

Comment by Priyanka singh on December 17, 2013 at 11:37pm

आदरणीय विजय सर जी बहुत बहुत शुक्रिया आपका सराहते रहे सर यूँही......

Comment by Priyanka singh on December 17, 2013 at 11:36pm

आदरणीय नीरज सर जी रचना की पसंदगी और सराहना के लिय बहुत बहुत आभार आपका ....

Comment by Priyanka singh on December 17, 2013 at 11:32pm

आदरणीय महीमा जी रचना को पसंद करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया .....

Comment by Priyanka singh on December 17, 2013 at 11:32pm

आदरणीय संदीप सर जी आपकी सराहना भरी नज़र के लिए बहुत बहुत आभार .....

Comment by Priyanka singh on December 17, 2013 at 11:31pm

आदरणीय सत्यनारायण सर जी आपकी प्रशंसा के लिए बहुत बहुत धन्यवाद सर......

Comment by Priyanka singh on December 17, 2013 at 11:31pm

आदरणीय जितेन्द्र सर जी रचना की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार....

कृपया ध्यान दे...

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