For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

(दो कुण्डलियाँ) छोटा परिवार,सुखी परिवार

ढांचा सुधरे देश का ,सुदृढ़ हो आकार

खुशियाँ बसती हैं जहां ,छोटा हो परिवार

छोटा हो परिवार ,प्रेम से आँगन महके

पुत्री हो या पुत्र ,नीड़ में खुशियाँ  चहके

बूढों का सम्मान ,भरे जीवन का सांचा

हो  जाए उत्थान , देश का सुधरे ढांचा

**************************

           (२)|

पहले दो टुकड़े हुए ,और हुए फिर चार

टूक-टूक रोटी बटे,बढ़े अगर परिवार

बढ़े अगर परिवार, लड़ाई गुत्थम गुत्थी

खिचे बीच दीवार, रोज की माथापच्ची

रिश्तों बीच खटास,आर्थिक धरती दहले

खुशियाँ लाओ पास,करो नसबंदी पहले  

********************************

(मौलिक एवं अप्रकाशित )

Views: 670

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on February 10, 2014 at 7:20pm

प्रिय राम शिरोमणि पाठक जी कुंडलियाँ आपको पसंद आई सार्थक लगी ,बहुत- बहुत शुक्रिया आपका. 

Comment by ram shiromani pathak on February 10, 2014 at 2:43pm

 बेहद सुन्दर कुण्डलिया  आदरणीया हार्दिक बधाई आपको//////////   सादर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on February 10, 2014 at 12:38pm

प्रिय अरुन शर्मा कुंडलियों पर आपका स्नेहसिक्त अनुमोदन मिला हार्दिक आभार आपका. 

Comment by अरुन 'अनन्त' on February 10, 2014 at 11:34am

आदरणीया माँ जी दोनों ही कुण्डलिया बेहद सुन्दर और संदेशप्रद रची है आपने आपको ढेरों दिली बधाइयाँ प्रेषित हैं स्वीकार करें.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on February 8, 2014 at 2:26pm

सादर आभार आ० आशुतोष मिश्रा जी आपको कुण्डलियाँ पसंद आई 

Comment by Dr Ashutosh Mishra on February 8, 2014 at 2:17pm

पुत्री हो या पुत्र ,नीड़ में खुशियाँ  चहके

बूढों का सम्मान ,भरे जीवन का सांचा  

आदरणीया राजेशजी .बेहद सुंदर कुंडलियाँ ..आपको हार्दिक बधाई के साथ  

Comment by Dr Ashutosh Mishra on February 8, 2014 at 12:49pm

आदरणीया आपने बिलकुल सही कहा ..ये कमेन्ट मैंने मौत आती है मरते मरते पर की थी कमेन्ट गलती से आपकी रचना पर हो गया था .मैं इसे सतत दूर करने की कोशिस कर रहा था किन्तु नेट कनेक्टिविटी न होने के कारन ऐसा कर न सका था ..मैंने संसोधन कर लिया है ..सादर प्रणाम के साथ 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on February 8, 2014 at 12:39pm

आ० आशुतोष जी आपने ये टिपण्णी गलत जगह कर दी है ,ये कुंडलियाँ हैं आपने किसी और रचना की टिपण्णी यहाँ कर दी है ,कृपया दुबारा जांच करें 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on February 8, 2014 at 12:02pm

ब्रजेश जी, कुंडलियों पर आपकी सराहना मिली लिखना सार्थक हुआ हार्दिक आभार आपका. 

Comment by बृजेश नीरज on February 8, 2014 at 11:56am

आदरणीया, सुन्दर कुण्डलियाँ हैं! आपको हार्दिक बधाई!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

माँ

माँ यह शब्द नहींं केवलइस जग की माँ से काया है। हम सबकी खातिर अतिपावन माँ के आँचल की छाया है।१।माँ…See More
21 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर आप यों घबरा कर मैदान छोड़ देंगे तो जिन्होने एक जुट होकर षड़यन्त्र किया है वे अपनी जीत मानेंगे।…"
yesterday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
Monday
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
Friday
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
May 14
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
May 13

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
May 13
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service