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जो छत हो आसमां सारा यहाँ ऐसा मकाँ इक हो [गजल]

दिलों में रंजिशें ना हों यहाँ ऐसा जहाँ इक हो
जो छत हो आसमां सारा यहाँ ऐसा मकाँ इक हो /


नया हर जो सवेरा हो मिले सुख शांति हर घर में

मिटे ना वक्त के हाथों जो ऐसा आशियाँ इक हो /


बुराई लोभ भ्रष्टाचार धोखा दूर हो कोसों
हो केवल प्यार हर घर में बसेरा अब वहाँ इक हो /


मिले केवल सुकूं अब और हो मुस्कान होठों पर

घुली मिश्री हो बातों में यहाँ ऐसी जुबाँ इक हो /


निशानी अब हसीं यादों की लम्हा लम्हा मुस्काये

हों चर्चे कुल जहां अपने ही ऐसी दास्ताँ इक हो /

नहीं कुछ चाहिए मुझको दे दो विश्वास तुम इतना
गवाही माँगे जग सारा वहाँ तेरा बयाँ इक हो /

सनम खातिर जो मरते वो कहें खुद ही को बांका इक
मरे जो देश की खातिर वही बांका जवाँ इक हो /

................मौलिक व अप्रकाशित...............

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Comment

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Comment by Saarthi Baidyanath on February 19, 2014 at 10:31am

मिटे ना वक्त के हाथों जो ऐसा आशियाँ इक हो .....कमाल का मिश्रा है जी ! लाजवाब !

नहीं कुछ चाहिए मुझको दे दो विश्वास तुम इतना 
गवाही माँगे जग सारा वहाँ तेरा बयाँ इक हो ......... ये हुई सबकी बात ...जिंदाबाद शायिरा साहिबा !..:)

Comment by Sarita Bhatia on February 19, 2014 at 9:25am

आदरणीय शिज्जू जी तह दिल से शुक्रिया 

Comment by Sarita Bhatia on February 19, 2014 at 9:25am

आदरणीय गुरुदेव अरुण जी आपकी प्रतिक्रिया से मन प्रफुल्लित हुआ ,स्नेह बनाये रखें 

Comment by Sarita Bhatia on February 19, 2014 at 9:24am

आदरणीय गिरिराज जी शुक्रिया उत्साहवर्धन करते रहें 

Comment by Sarita Bhatia on February 19, 2014 at 9:22am

आदरणीय श्याम नारायण जी हार्दिक आभार 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on February 18, 2014 at 8:17pm

बढ़िया गज़ल आदरणीया सरिता जी बहुत बहुत बधाई आपको


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by अरुण कुमार निगम on February 18, 2014 at 7:45pm

आदरणीया, इस उम्दा ग़ज़ल के लिए बधाइयाँ


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on February 18, 2014 at 5:59pm

आदरणीया सरिता जी , लाजवाब ग़ज़ल कही है ,  दिली बधाइयाँ स्वीकार करें ॥

नहीं कुछ चाहिए मुझको दे दो विश्वास तुम इतना
गवाही माँगे जग सारा वहाँ तेरा बयाँ इक हो  ------- ये शे र बहुत पसन्द आया , ढेरों दाद स्वीकारें ॥

Comment by Shyam Narain Verma on February 18, 2014 at 5:17pm
बहुत बढ़िया गजल बधाई आपको । 

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