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सारे नेता खेलते

सारे नेता खेलते

सारे नेता खेलते, आज चुनावी खेल।
सत्ता के इस रूप में, द्रुपद सुता का मेल।।
द्रुपद सुता का मेल, पांडु सुत लगती जनता।
नेता शकुनी दाँव, चाल वादों की चलता।
लोक लुभावन खूब, लगाते ये हैं नारे।
चौसर बिछी बिसात, खेलते नेता सारे।१।

हांथी तीर कमान तो,कहीं हाँथ का चिन्ह।
कमल घडी औ साइकिल,फूल पत्तियाँ भिन्न।।
फूल पत्तियाँ भिन्न,दराती कहीं हथोडा।
झाड़ू रही बुहार,उगा सूरज फिर थोडा।।
देख चुनावी रंग, ढंग अपनाता साथी।
मर्कट सा व्यवहार,करे सर्कस का हांथी।२।

नोटा बटन दबाइये, सेवक हों ना योग्य।
वोट उसे ही दीजिये, चुन प्रत्याशी योग्य।।
चुन प्रत्याशी योग्य, कुशल कर्मठ विश्वाशी।
सेवाभावी अंग, प्रशासक गुण अनुशाशी।।
कहता सत्य पुकार,चले ना सिक्का खोटा।
करिये सफल प्रयोग, विफल ना होगा नोटा।३।

मौलिक व अप्रकाशित

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Comment by Satyanarayan Singh on May 9, 2014 at 4:46pm

आ. अखिलेश जी एवं आ. डॉ, आशुतोष जी 

प्रस्तुति पर उत्साहवर्धक टिप्पणी हेतु आपका ह्रदय से आभार आदरणीय 

Comment by Dr Ashutosh Mishra on May 1, 2014 at 1:05pm

आदरणीय श्याम नारायण जी वर्तमान परिप्रेक्ष्य पर लिखी इस शानदार रचना के लिए तहे दिल बधाई सादर 

Comment by अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव on May 1, 2014 at 12:39pm

आदरणीय सत्यनारायण् भाई 

सुंदर सामयिक चुनावी  छंद की हार्दिक बधाई , अच्छी सलाह और अच्छा व्यंग भी है

Comment by Satyanarayan Singh on April 30, 2014 at 8:57pm

आ. रमेशजी रचना की प्रशंशा एवं बधाई हेतु आपका ह्रदय से आभार प्रकट करता हूँ आदरणीय.

Comment by Satyanarayan Singh on April 30, 2014 at 8:55pm

आ. श्याम नारायण जी बधाई एवं उत्साहवर्धन हेतु आपका हृदय से आभारी हूँ. आदरणीय.

Comment by Satyanarayan Singh on April 30, 2014 at 8:54pm

आ. कल्पना रामानी जी प्रस्तुति पर आपका मुखर अनुमोदन एवं बधाई हेतु आपका सादर आभार आदरणीया.

Comment by रमेश कुमार चौहान on April 30, 2014 at 2:31pm

समसमायिक विषय पर आपने सुंदर कुण्ड़लि की रचना की है बधाई हो आदरणीय सत्यनारायणजी

Comment by Shyam Narain Verma on April 30, 2014 at 10:55am
सुंदर भाव लिए, उत्तम रचना के लिए बधाई ....
Comment by कल्पना रामानी on April 29, 2014 at 11:56am

आदरणीय सत्यनारायन जी, चुनावी माहौल में बहुत सुंदर और प्रभावी छंद रचे हैं आपने पढ़कर बहुत आनंद आया। मेरी हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिये।

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