For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

फिर कोई दिल मेँ न आया

2122 2122 2122 212

फिर कोई दिल मेँ न आया इक तेरे आने के बाद ।
फिर न कुछ खोया न पाया इक तुझे पाने के बाद ।

हमने देखेँ हैँ तुम्ही मेँ अपने दोनोँ ही जहाँ ,
हम कहाँ जायेगेँ हमदम तेरे ठुकराने के बाद ।

हमनेँ पी आँखोँ से तेरी शोख जामेँ जिन्दगी ,
कोई मधुशाला न देखी तेरे मयखाने के बाद ।

अपने होने की खबर भी दो घडी रहती है अब ,
इक तेरे आने से पहले इक तेरे जाने के बाद ।

दिन गुजारा हमने सारा बस खयालोँ मेँ तेरे ,
और फिर यादोँ की महफिल शाम ढल जाने के बाद ।

मौलिक व अप्रकाशित
नीरज मिश्रा

Views: 245

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by savitamishra on September 24, 2014 at 12:00pm

बहुत सुन्दर ग़ज़ल ......बधाई

Comment by Ram Awadh VIshwakarma on September 21, 2014 at 2:39pm

आदरणीय मिश्रा जी बहुत अच्छी गजल आपने कही है बधाई

Comment by harivallabh sharma on September 21, 2014 at 1:31pm

मशहूर ग़ज़ल से प्रेरित ...उम्दा गजल....इक तेरे आने से पहले इक तेरे जाने के बाद...बहुत सुन्दर ग़ज़ल बधाई.

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on September 21, 2014 at 1:11pm

बहुत खुबसूरत गजल. हार्दिक बधाई आदरणीय नीरज जी

Comment by Neeraj Mishra "प्रेम" on September 21, 2014 at 12:26pm
आदरणीय नरेन्द्र जी बहुत बहुत धन्यवाद ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Pratibha Pandey posted a blog post

काश हम हवा होते

कुछ तो बात है इन हवाओं में जो तुम्हें छूकर आ रही हैं ,बताती हैं वो कशिश जो तुमसे मिलकर महसूस होती…See More
3 hours ago
Sushil Sarna posted blog posts
3 hours ago
Ram Ashery posted a blog post

न्याय की उम्मीद

जो डूब चुका है कंठ तक झूठ के सवालों में उससे ही हम न्याय की उम्मीद लगा बैठे ।  देश आज फंस चुका है…See More
3 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post रस्सा-कशी खेल था जीवन(५८ )
"आदरणीय Samar kabeer साहेब ,आपके आशीर्वचनों से कृतकृत्य हुआ ,सृजन सार्थक हुआ ,सादर आभार…"
14 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post आडंबर - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय समर क़बीर साहब जी। आदाब।"
20 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post सीख - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय समर क़बीर साहब जी। आदाब।"
20 hours ago
Samar kabeer commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post रस्सा-कशी खेल था जीवन(५८ )
"जनाब गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत' जी आदाब, अच्छा गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार…"
21 hours ago
Samar kabeer commented on TEJ VEER SINGH's blog post सीख - लघुकथा -
"जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब,अच्छी लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
21 hours ago
Samar kabeer commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post ग़ज़ल मनोज अहसास इस्लाह के लिए
"जनाब मनोज कुमार अहसास जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'मुझको तेरे रहम से…"
21 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post ऐ पवन ! ....
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,प्रस्तुति अच्छी है,बधाई स्वीकार करें । एक बात पहले भी आपको आपकी किसी कविता…"
22 hours ago
Samar kabeer commented on प्रदीप देवीशरण भट्ट's blog post सांच को आंच नही
"जनाब प्रदीप जी आदाब,ग़ज़ल अभी समय चाहती है,बहरहाल बधाई स्वीकार करें ।"
22 hours ago
Samar kabeer commented on amita tiwari's blog post इतिहास अदालत होती है क्या
"मुहतरमा अमिता तिवारी जी आदाब,अच्छी रचना हुई है,बधाई स्वीकार करें ।"
22 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service