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Ram Awadh VIshwakarma
  • Male
  • Gwalior Madhyapradesh
  • India
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Ram Awadh VIshwakarma's Page

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Samar kabeer commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल- अभी तक शख्स वो जिन्दा है साहब
"जनाब राम अवध जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।"
yesterday
Mohammed Arif commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल- अभी तक शख्स वो जिन्दा है साहब
"अभी तक शख्स वो जिन्दा है साहब। निडर होकर जो सच कहता है साहब। बहुत ख़ूब! बहुत ख़ूब!! सच कहने वाले बिरले ही रह गए हैं जनाब । उम्दा ग़ज़ल के लिए दिली मुबारकबाद आदरणीय अवध बिहारी जी । बाक़ी गुणीजन अपनी राय देंगे ।"
yesterday
SALIM RAZA REWA commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल- अभी तक शख्स वो जिन्दा है साहब
"वाह वाह.. हर शेर ख़ूबसूरत.. जनाब राम अवध साहिब ,सुन्दर ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल- अभी तक शख्स वो जिन्दा है साहब
"आद0 रामअवध विश्वकर्मा जी सादर अभिवादन। बहुत खूबसूरत ग़ज़ल कही आपने। सभी हैं अपनी अपनी जिद पे कायम, किसी की कौन अब सुनता है साहब यह शैर बेहद पसंद आया। बहुत बहुत बधाई इस ग़ज़ल पर। सादर"
Monday
Tasdiq Ahmed Khan commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल- अभी तक शख्स वो जिन्दा है साहब
"जनाब राम अवध साहिब ,सुन्दर ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं"
Monday
Ram Awadh VIshwakarma commented on सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s blog post मज़ाहिया ग़ज़ल
"वाह बहुत ही खूबसूरत हास्य ग़ज़ल है बधाई आदरणीय कुशक्षत्रप जी"
Monday
Ram Awadh VIshwakarma posted a blog post

ग़ज़ल- अभी तक शख्स वो जिन्दा है साहब

मफाईलुन मफाईलुन फऊलुन1222 1222 122अभी तक शख्स वो जिन्दा है साहब।निडर होकर जो सच कहता है साहब।सभी हैं अपनी अपनी जिद पे कायम,किसी की कौन अब सुनता है साहबझगड़ने का कोई मुद्दा नहीं है,यहाँ बेबात का झगड़ा है साहब।बचाने को हमें ठिठुरन से सूरज,बहुत दिन बाद फिर निकला है साहब।ग़रीबी मुल्क से जायेगी अब तो,सभी अखबार में चर्चा है साहब।बुजुर्गों से बहुत आगे हैं बच्चे,जमाना कुछ न कुछ बदला है साहब।मौलिक एवं अप्रकाशितSee More
Monday
Ram Awadh VIshwakarma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-85
"इसी मंच द्वारा इस्लाह करने के बाद जब जब भी खिसियाती बिल्ली कर दिया जावेगा।"
Nov 11
Ram Awadh VIshwakarma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-85
"धन्यवाद सादर आभार"
Nov 10
Ram Awadh VIshwakarma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-85
"शुक्रिया आदरणीय डा. गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी"
Nov 10
Ram Awadh VIshwakarma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-85
"धन्यवाद आदरणीय समर कबीर साहब रचना की सराहना कर उर्जा प्रदान करने के लिये।"
Nov 10
Ram Awadh VIshwakarma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-85
"धन्यवाद आदरणीय डा. छोटे लाल सिंह जी कविता की सराहना के लिये"
Nov 10
Ram Awadh VIshwakarma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-85
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय मोहम्मद आरिफ साहब"
Nov 10
Ram Awadh VIshwakarma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-85
"बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय योगराज प्रभाकर जी"
Nov 10
Ram Awadh VIshwakarma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-85
"धन्यवाद आदरणीय बालगीत की सराहना पर"
Nov 10
Ram Awadh VIshwakarma replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-85
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय"
Nov 10

Profile Information

Gender
Male
City State
Gwalior Madhya pradesh
Native Place
Basti U.P.
Profession
Retired Govt. Servent
About me
Retired as Divisional Engineer BSNL book published 1.Mehman Bhi Ltkate Hain ( Gazals) 2.Chakoo khatkedar hai ab (Gazals) 3.Muft khori Jinda Bad ( Gadya Vyangya ) 4. Vishwakarma Brahmin aur unke gotra 5.Iski Topi Uske Sar Pe (Gazals).

Ram Awadh VIshwakarma's Blog

ग़ज़ल- अभी तक शख्स वो जिन्दा है साहब

मफाईलुन मफाईलुन फऊलुन

1222 1222 122





अभी तक शख्स वो जिन्दा है साहब।

निडर होकर जो सच कहता है साहब।



सभी हैं अपनी अपनी जिद पे कायम,

किसी की कौन अब सुनता है साहब



झगड़ने का कोई मुद्दा नहीं है,

यहाँ बेबात का झगड़ा है साहब।



बचाने को हमें ठिठुरन से सूरज,

बहुत दिन बाद फिर निकला है साहब।



ग़रीबी मुल्क से जायेगी अब तो,

सभी अखबार में चर्चा है साहब।



बुजुर्गों से बहुत आगे हैं बच्चे,

जमाना कुछ न कुछ बदला है… Continue

Posted on November 20, 2017 at 2:53pm — 5 Comments

ग़ज़ल - जानवर कितने समझदार मिले

बह्र- फाइलातुन मुफाइलुन फैलुन

2122 1212 22



शेर की खाल में सियार मिले।

जानवर कितने समझदार मिले।



मुझसे जो दूर दूर रहते थे,

जब पड़ा काम बार बार मिले।



जिनकी किस्मत में सिर्फ बीड़ी है,

उनके होठो पे कब सिग़ार मिले।



हर किसी की यही तमन्ना है,

देश में सबको रोजगार मिले।



कैसी हसरत है नौजवानों की,

उनको शादी मैं मँहगी कार मिले।



उसने टरका दिया हमें हर बार,

उससे दफ्तर में जितनी बार मिले।



अपनी किस्मत… Continue

Posted on November 3, 2017 at 10:39pm — 9 Comments

ग़ज़ल - करते हैं चोरी पर चोरी क्या कहने

फैलुन फैलुन फैलुन फैलुन फैलुन फा
22 22 22 22 22 2
करते हो चोरी पर चोरी क्या कहने।
ऊपर से ये सीनाजोरी क्या कहनै।

बातें तो करते हो बढ़चढ़कर लेकिन,
बातें हैं कोरी की कोरी क्या कहने।

लाँघ न पाई अपने घर की जो देहरी,
दौड़ रही वो गाँव की गोरी क्या कहने।

कार्टून फिल्में क्या आईं टीवी में,
बच्चे भूले माँ की लोरी क्या कहने।

कल जो साधू सन्त दिखाई देते थे,
वे सब निकले आज अघोरी क्या कहने।

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on October 29, 2017 at 10:00pm — 13 Comments

ग़ज़ल - इश्क में जार जार रोते हैं

फाइलातुन मफाइलुन फैलुन

2122 1212 22



रात दिन बार बार रोते हैं।

इश्क में जार जार रोते हैं।



जब नशे में थे हम मज़े में थे,

जब से उतरा खुमार रोते हैं।



प्यार की अब पतंग नहीं उड़ती,

ठप्प है कारोबार रोते हैं।



आप से क्या मियाँ बताये हम

दिल हो जब बेकरार रोते हैं।



जब मैं रोता हूँ साथ में मेरे

सबके सब दोस्त यार रोते हैं।



वक्त बेवक्त उसके हाथों से,

जब भी पड़ती है मार रोते हैं।



अपने अपने सुभाव के… Continue

Posted on October 26, 2017 at 5:50am — 17 Comments

Comment Wall (4 comments)

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At 9:43pm on July 30, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

Mushayra :- कमेन्ट जीस पोस्ट पर करनी हो ठीक उसके नीचे दाहिने तरफ ब्लू रंग में Reply लिखा हुआ है उसको क्लिक कर जब कमेन्ट करेंगे तो थ्रेड में आएगा, मुख्य बॉक्स में केवल नया पोस्ट करना चाहिए | ( आप नए है इसलिए जानकारी हेतु बता रहा हूँ ) 

इस कमेन्ट को पुनः बताये अनुसार लगा दे |

At 9:56am on July 9, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 7:53pm on July 3, 2011, Admin said…
At 7:18pm on July 2, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
 
 
 

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