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Ram Awadh VIshwakarma
  • Male
  • Gwalior Madhyapradesh
  • India
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Ram Awadh VIshwakarma's Page

Latest Activity

बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।
"खूब ग़ज़ल कही आदरणीय..."
14 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।
"आ. भाई राम अवध जी , सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
16 hours ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Neeraj Mishra "प्रेम"'s blog post अंजामे दिल/ग़ज़ल
"आदर्णीय नीरज मिश्रा जी खूबसूरत ग़ज़ल कहने के लिये बधाई"
18 hours ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Naveen Mani Tripathi's blog post बात दिल मे ही ठहर जाती है
"आदर्णीय त्रिपाठी जी खूबसूरत ग़ज़ल कहने के लिये बधाई। शेर नं 3 और 4 के ऊला मिसरा के बह्र को शायद एक बार पुन: अवलोकन करने की जरूरत है।"
18 hours ago
Rakshita Singh commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।
"आदरणीय राम अवध जी, नमस्कार। बहुत ही खूबसूरत गजल ..मुबारकबाद कुबूल करें।"
18 hours ago
Ram Awadh VIshwakarma commented on Anita Maurya's blog post बोल देती है बेज़ुबानी भी
"आ० अनीता जी  कहने के लिये बधाई।"
Saturday
Ram Awadh VIshwakarma commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।
"आदर्णीया अनीता जी बहुत बहुत शूक्रिया।"
Saturday
Ram Awadh VIshwakarma commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।
"आदर्णीय तस्दीक़ अहमद साहब ग़ज़ल पसन्दगी और इस्लाह के लिये शुक्रिया।"
Friday
Anita Maurya commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।
"बहुत अच्छी ग़ज़ल"
Friday
Ram Awadh VIshwakarma replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"ईश्वर उन्हें शीघ्र पूर्ण स्वस्थ करे।"
Thursday
Tasdiq Ahmed Khan commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।
"जनाब राम अवध साहिब ,सुन्दर ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं । शेर3 सानी अगर यूँ करलें तो और अच्छा हो सकता है। "किस्मत को क्या कहें वही खोटा निकल गया ""
Thursday
Ram Awadh VIshwakarma commented on Neeraj Mishra "प्रेम"'s blog post इश्क कुछ इस तरह निबाह करो/ ग़ज़ल
"आदरणीय नीरज मिश्रा जी खूबसूरत ग़ज़ल कहने के लिये बधाई। मतला में कफिया तबाह और निबाह बाँधने पर आगे काफिया पनाह आह नहीं आयेगा। आगे भी ऐसे काफिये आयेंगे जिसमे अन्त में बाह आये। यहाँ   कैदेहर्फी का दोष है। ग़ज़ल शब्द भी मिसरे को बह्र से खा़रिज़ कर…"
Thursday
Ram Awadh VIshwakarma commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।
"आदर्णीय मोहम्मद आरिफ साहब हौसलाअफजाई के लिये शुक्रिया। वर्तनी में गल्तियाँ हुई हैं ।ध्यान आकर्षित करने के लिये पन: शुक्रिया"
Thursday
Mohammed Arif commented on Ram Awadh VIshwakarma's blog post ग़ज़ल - अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।
"आदरणीय राम अवध जी आदाब,                         बहुत ही बढ़िया ग़ज़ल । सबकुछ समा दिया आपने इस ग़ज़ल में । शिकायत भी है , राहत भी है और ऐक्य की बात भी । वाह !  मज़ा आ गया । कुछ वर्तनीगत…"
Thursday
Ram Awadh VIshwakarma commented on SALIM RAZA REWA's blog post मेरा हमदम है तो हर ग़म से बचाने आए - सलीम रज़ा रीवा
"आदर्णीय  सलीम रज़ा साहब खूबसूरत ग़ज़ल कहने के लिये बधाई।"
Wednesday
Ram Awadh VIshwakarma posted a blog post

ग़ज़ल - अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।

बह्र- मफऊल फाइलात मफाईल फाइलुनसंगत खराब थी तभी गुन्डा निकल गया। अब क्या बतायें हाथ से बेटा निकल गया।घर से निकल गया मेरे इक दिन किरायेदार, अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।जिसको खरा समझ के खरीदा था हाट से, किस्मत खराब थी मेरी खोटा निकल गय।देखो तो धूल झोंक अदालत की आँख में, होकर बरी वो ठाठ से झूठा निकल गया।हिन्दू का घर हो या कि मुसलमान का हो घर, घर घर अलख जगाता कबीरा निकल गया।चलते समय जो माँ ने मुझे दी थी कुछ रकम, काम आया राह का मेरे खर्चा निकल गया।ऐ शाख तुझसे अब मेरा रिश्ता नहीं रहा, कहकर हवा…See More
Wednesday

Profile Information

Gender
Male
City State
Gwalior Madhya pradesh
Native Place
Basti U.P.
Profession
Retired Govt. Servent
About me
Retired as Divisional Engineer BSNL book published 1.Mehman Bhi Ltkate Hain ( Gazals) 2.Chakoo khatkedar hai ab (Gazals) 3.Muft khori Jinda Bad ( Gadya Vyangya ) 4. Vishwakarma Brahmin aur unke gotra 5.Iski Topi Uske Sar Pe (Gazals).

Ram Awadh VIshwakarma's Blog

ग़ज़ल - अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।

बह्र- मफऊल फाइलात मफाईल फाइलुन

संगत खराब थी तभी गुन्डा निकल गया।

अब क्या बतायें हाथ से बेटा निकल गया।

घर से निकल गया मेरे इक दिन किरायेदार,

अच्छा हुआ जो पाँव से काँटा निकल गया।

जिसको खरा समझ के खरीदा था हाट से,

किस्मत खराब थी मेरी खोटा निकल गय।

देखो तो धूल झोंक अदालत की आँख में,

होकर बरी वो ठाठ से झूठा निकल गया।

हिन्दू का घर हो या कि मुसलमान का हो घर,

घर घर अलख जगाता कबीरा निकल…

Continue

Posted on February 14, 2018 at 4:00pm — 9 Comments

ग़ज़ल- मेरा घर भी कितना हवादार है।

बह्र - फऊलुन फऊलुन फऊलुन फउल

न छत है न कोई भी दीवार है।

मेरा घर भी कितना हवादार है।

हुनरमन्द होकर भी बेकार है।

अजीबोगरीब उसका किरदार है।

जिसे दूर तक सूझता ही नहीं,

वही इस कबीले का सरदार है।

भले ही जुदा धड़ से सर होगया,

अभी भी मेरे सर पे दश्तार है।

वो शेखी पे शेखी बघारे तो क्या,

सभी जानते हैं वो मुरदार है।

दवा का असर कोई होगा नहीं,

वो…

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Posted on January 29, 2018 at 9:49pm — 13 Comments

ग़ज़ल- मिला कुछ नहीं जाँच पड़ताल में।

बह्र- फऊलुन फऊलुन फऊलुन फउल

मग़रमच्छ घड़ियाल को जाल में।

फँसा कर रहेंगे वो हरहाल में।

खुदा जाने होंगी वो किस हाल में।

मेरी बेटियाँ अपनी ससुराल में।

निकालो नहीं बाल की खाल को,

नहीं कुछ रखा बाल की खाल में।

नतीजा सिफर का सिफर ही रहा,

मिला कुछ नहीं जाँच पड़ताल में।

मिनिस्टर का फरमान जारी हुआ,

गधे बाँधे जायेंगे घुड़साल में।

हुई हेकड़ी सारी गुम उसकी तब,

तमाचा पड़ा वक्त का गाल में।

कभी…

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Posted on January 12, 2018 at 10:05pm — 12 Comments

ग़ज़ल - मुकम्मल भला कौन है इस जहां में

बह्र- फऊलुन फऊलुन फऊलुन फऊलुन

ग़ज़ब की है शोखी और अठखेलियाँ हैं।

समन्दर की लहरों में क्या मस्तियाँ हैं।

महल से भी बढ़कर हैं घर अपने अच्छे,

भले घास की फूस की आशियाँ हैं।

मुकम्मल भला कौन है इस जहाँ में,

सभी में यहाँ कुछ न कुछ खामियाँ हैं।

ज़िहादी नहीं हैं ये आतंकवादी,

जिन्होंने उजाड़ी कई बस्तियाँ हैं।

ये नफरत अदावत ये खुरपेंच झगड़े,

सियासत में इन सबकी जड़ कुर्सियाँ हैं।

समन्दर के जुल्मों सितम…

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Posted on January 5, 2018 at 10:27pm — 17 Comments

Comment Wall (4 comments)

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At 9:43pm on July 30, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

Mushayra :- कमेन्ट जीस पोस्ट पर करनी हो ठीक उसके नीचे दाहिने तरफ ब्लू रंग में Reply लिखा हुआ है उसको क्लिक कर जब कमेन्ट करेंगे तो थ्रेड में आएगा, मुख्य बॉक्स में केवल नया पोस्ट करना चाहिए | ( आप नए है इसलिए जानकारी हेतु बता रहा हूँ ) 

इस कमेन्ट को पुनः बताये अनुसार लगा दे |

At 9:56am on July 9, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 7:53pm on July 3, 2011, Admin said…
At 7:18pm on July 2, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
 
 
 

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