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ग़ज़ल - एक अरसे से जमीं से लापता है इन्किलाब

बह्र - फाइलातुन फाइलातुन फाइलातुन फाइलुन

एक अरसे से जमीं से लापता है इन्किलाब
कोई बतलाये कहाँ गायब हुआ है इन्किलाब

एक वो भी वक्त था तनकर चला करता था वो
एक ये भी वक्त आया है छुपा है इन्किलाब

खूबसूरत आज दुनिया बन गई है कत्लगाह
जालिमों से मिल गया है अब सुना है इन्किलाब

है अगर जिन्दा तो आता क्यों नहीं वो सामने
ऐसा लगता है कि शायद मर चुका है इन्किलाब

लोग कहते हैं गलतफहमी है ऐसा है नहीं
आज भी बहुतों के सीने में है जिन्दा इन्किलाब

मौलिक अप्रकाशित

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Comment by Ram Awadh VIshwakarma on June 6, 2020 at 10:25pm

आदरणीय सुरेन्द्र नाथ जी। सादर अभिवादन। ग़ज़ल पर टिप्पणी एवं उत्साह वर्धन के लिए हृदय से आभार

Comment by Ram Awadh VIshwakarma on June 6, 2020 at 10:22pm

आदर्णीय तेजवीर सिंह जी नमस्कार। ग़ज़ल पर टिप्पणी करने एवं उत्साह वर्धन के लिए हार्दिक आभार

Comment by Ram Awadh VIshwakarma on June 6, 2020 at 10:19pm

आदरणीय समर कबीर साहब ग़ज़ल पर टिप्पणी करने, उत्साह बढ़ाने एवं सुझाव के लिए तहे दिल से शुक्रिया। मैं हिन्दी भाषी हूं। हिन्दी वर्णमाला में आज भी नुक्ता वाले अक्षर नहीं हैं। मैंने आम बोलचाल में आने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया है। उर्दू के हिसाब से नुक्ता लगाना चाहिए ये सच है। लेकिन यह भी सच है कि उर्दू में "ज" के लिए उच्चारण के अनुसार कई अक्षर हैं। क्या "ज" के नीचे एक नुक्ता लगाने से सभी "ज" को रिप्रेजेंट किया जा सकता है या हिन्दी में उतने ही "ज" के अक्षर बनाने पड़ेंगे जितने उर्दू में हैं। इस हिसाब से पहले उर्दू सीखें फिर शायरी की जाये।

Comment by Dayaram Methani on June 6, 2020 at 9:17pm

इन्किलाब की याद दिलाने के लिए राम अवध जी बहुत बहुत धन्यवाद एवं बधाई।

Comment by Dimple Sharma on June 6, 2020 at 2:42pm

आदरणीय राम अवध जी नमस्कार, बहुत अच्छी ग़ज़ल पर बधाई स्वीकार करें।

Comment by नाथ सोनांचली on June 5, 2020 at 1:43pm

आद0 राम अवध जी सादर अभिवादन। अच्छी ग़ज़ल कही गया आपने। बधाई स्वीकार कीजिये

Comment by TEJ VEER SINGH on June 5, 2020 at 12:36pm

हार्दिक बधाई आदरणीय  राम अवध जी। बेहतरीन गज़ल।

खूबसूरत आज दुनिया बन गई है कत्लगाह
जालिमों से मिल गया है अब सुना है इन्किलाब

Comment by Samar kabeer on June 5, 2020 at 12:30pm

जनाब राम अवध जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

उर्दू शब्दों में नुक़्ते लगा लें तो बहतर होगा ।

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