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माँ होती तो ऐसा होता ,..................

माँ होती तो ऐसा होता

माँ होती तो वैसा होता

खुद खाने से पहले तुमने क्या कुछ खाया "पूछा " उसको 
जैसे बचपन में सोते थे उसकी गोद में बेफिक्री से 
कभी थकन से हारी माँ जब , तुमने कभी सुलाया उसको ?
पापा से कर चोरी जब - जब देती थी वो पैसे तुमको 
कभी लौट के उन पैसो का केवल ब्याज चुकाया होता

माँ तुम ही हो एक सहारा

तब तुम कहते अच्छा होता 
माँ होती तो ऐसा होता

माँ होती तो वैसा होता

चलना , फिरना , हसना , रोना ,और खड़े होना पैरो पर 
कितने बाते सीखी तुमने लेकिन याद किया क्या पल भर 
जिन हाथो की पकड़ के अंगुली तुम रहते थे हरदम आगे 
बने सहारा क्या तुम उनका , हार गए वे हाँथ अभागे 
माँ है आखिर कैसे कह दे " निकला मेरा सिक्का खोटा "

मात्र बहाना लगता तब ,

जब भी उनको देखा रोता 
माँ होती तो ऐसा होता ,

माँ होती तो वैसा होता

जब जब गलती की बचपन में माँ ने ओढ़ लिया सब दोष 
कभी चोट जो खाता था तू , माँ खुद करती थी अफ़सोस 
पापा तक जो ले जाती थी भूल गया तू उस डोरी को 
तेरे सपनो पे क़र्ज़ है उसका भूल गया तू उस लोरी को 
तन्हाई में कभी सिरहाने माँ के , आके तू भी सोता

माँ की तरह तू भी ऐसा

फूट फूट न तनहा रोता ,
माँ होती तो ऐसा होता ,

माँ होती तो वैसा होता

अजय कुमार शर्मा
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 767

Comment

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Comment by दिनेश कुमार on January 9, 2015 at 7:06am
Aankhon mein aansu aa gaye padte padte...
Comment by ajay sharma on December 18, 2014 at 10:43pm

shardindu mukerji ....rachna ke bhav paksha se zyada ...apne rachna ke takniki binduyo pe jo galtiyan ujagar ki uske liye dil se apka shukriya ada karta hoo..sudhar karne ka prayas avshya karoonga .......shyad kuch achha ban gaya ho to use bhi likh dete to mujh nacheez ki hausala afzai hoti ....however .....typing mistakes ke liye dil ke maufi chahoonga ....bindu 5 ke vishaya me punah karbadha kshama yachana karta hoo firbhi yadi koi danda pravdhan hai to ...mai taiyar hoo...... .

Comment by vijay nikore on December 16, 2014 at 9:38pm

अति सुन्दर भाव। बधाई।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by sharadindu mukerji on December 16, 2014 at 3:36am
भाई अजय शर्मा जी, एक अच्छी रचना के लिए साधुवाद. साथ ही आपका ध्यान निम्न बातों की ओर आकर्षित करना चाहूंगा:
1. //खुद खाने से पहले तुमने क्या कुछ खाया "पूछा " उसको // इस पंक्ति में उद्धरण चिह्न गलत जगह लगा है. होना चाहिए था //......"कुछ खाया" पूछा उसको//
2. //कितने बाते सीखी तुमने....//यहाँ होना चाहिए कितनी बातें सीखी तुमने....
3. रचना पोस्ट करने से पहले यदि दुबारा देख लेते तो अनावश्यक गल्ती नहीं रह जाती जैसे 'पैरो','हाथो', 'हाँथ','हसना' इत्यादि
4. // माँ होती तो ऐसा होता ,
माँ होती तो वैसा होता // ... इन पंक्तियों को पढ़ते हुए 25-30 साल पुरानी किसी फ़िल्म के कलात्मक संवाद कान में गूँजते हैं. क्या मैं ठीक कह रहा हूँ?
5. //rajesh mam ......ye rachna purva me bhi post kar chuka hoo// तो क्या सिर्फ़ नियम पूरा करने के लिए आपने रचना के अंत में मौलिक एवं अप्रकाशित लिख दिया है?? यदि आपसे यहाँ भूल हुई है तो अनुरोध करूंगा कि मंच द्वारा बनाए गए नियमों को गम्भीरता से लें. हार्दिक शुभकामनाएँ.
Comment by ajay sharma on December 15, 2014 at 10:58pm

rajesh mam ......ye rachna purva me bhi post kar chuka hoo.lekin apka ashish mahi mila .....apke comment se mujhe niji khushi mili ..bahut bahut thanks 

Comment by ajay sharma on December 15, 2014 at 10:56pm

चलना , फिरना , हसना , रोना ,और खड़े होना पैरो पर 
कितने बाते सीखी तुमने लेकिन याद किया क्या पल भर 
जिन हाथो की पकड़ के अंगुली तुम रहते थे हरदम आगे 
बने सहारा क्या तुम उनका , हार गए वे हाँथ अभागे 
माँ है आखिर कैसे कह दे " निकला मेरा सिक्का खोटा " dr  saheb in lines  pe bhi kuch ashish mil jata to dhanya hota mai ....


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on December 15, 2014 at 9:35pm

बहुत भाव विह्वल करने वाली प्रस्तुति ,बहुत खूब ..सच कहा जब माँ नहीं होती तब सोचते हैं वो होती तो ये करते वो करते ...

बहुत बहुत बधाई आपको 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 15, 2014 at 3:39pm

माँ होती तो ऐसा होता ,

माँ होती तो वैसा होता

         जब माँ होती है तब उसका चिंतन कम लोग करते है जब वह नहीं होती तो भावुकता में बह्ते है-

एक प्रयोगवादी कविता है -- अगर कही मैं तोता होता तो क्या होता ?

                                      तो क्या होता तोता होता  तो तो ता ता  i  

Comment by Shyam Narain Verma on December 15, 2014 at 2:43pm

" बहुत  ही सुन्दर भावात्मक प्रस्तुति .. बधाई  "

कृपया ध्यान दे...

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