For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दिनेश कुमार
  • Male
  • पुण्डरी। हरियाणा
  • India
Share

दिनेश कुमार's Friends

  • Ajay Tiwari
  • Gurpreet Singh
  • Anuj
  • jaan' gorakhpuri
  • Hari Prakash Dubey
  • khursheed khairadi
  • गिरिराज भंडारी
  • सूबे सिंह सुजान
  • मिथिलेश वामनकर
  • Saurabh Pandey
  • Rana Pratap Singh

दिनेश कुमार's Groups

 

दिनेश कुमार's Page

Latest Activity

Samar kabeer commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"इस सम्बन्ध में जनाब योगराज भाई से फोन पर चर्चा कीजिये,वो आपको समझा देंगे कि ऐसा क्यों हो रहा है ।"
Jan 2
दिनेश कुमार commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"हौसला अफ़ज़ाई के लिये तहे दिल से शुक्रिया आ. समर कबीर साहब। तसल्ली हुई कि ग़ज़ल आपकी नज़र में ठीक रही। एक शेर और हुआ था, इस ग़ज़ल का। यूँ है कि ....   इश्क़ की राह में काँटों पे भी चलते हैं क़दम कुछ जुनूँ होता है कुछ शौक़े-सफ़र होता है.  जी, सर…"
Jan 2
दिनेश कुमार and Ajay Tiwari are now friends
Jan 2
Ajay Tiwari commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"आदरणीय दिनेश जी, पिछली पोस्ट गलती से डिलीट हो गई. मतले के ऊला के लिए दिया गया एक वैकल्पिक मिसरा लिख देता हूँ ताकि आपकी बात का सन्दर्भ बना रहे : 'पत्थरों पर भी मुहब्बत का असर होता है'. सादर "
Jan 1
दिनेश कुमार commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"तहे दिल से शुक्रिया आ. सुरेंद्र नाथ जी। आभार।"
Jan 1
दिनेश कुमार commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"बहुत बहुत शुक्रिया मुहतरम नादिर शाह साहब। इनायत।"
Jan 1
दिनेश कुमार commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"इसी वजह से मैं मुशायरे में भी भाग लेने से रह गया था। हालांकि main वज्ह कुछ और भी थी।"
Jan 1
दिनेश कुमार commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"आदरणीय संपादक महोदय, मुझे कॉपी पेस्ट करने में पिछले कई दिनों से दिक़्क़त आ रही है, ख़ास तौर पर कमैंट्स में। "
Jan 1
दिनेश कुमार commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"आ. अजय तिवारी साहब। आपका तहे दिल से बहुत बहुत शुक्रिया मुहतरम। आपकी बात से सौ फ़ीसदी सहमत हूँ कि  शायरी एक अनवरत प्रक्रिया है कभी-कभी सही मिसरा, या…"
Jan 1
indravidyavachaspatitiwari commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"आपसी प्यार मकीनों में हो ,घर तब होगा दरो -दीवार का ढांचा तो खँडर होता है। श्री दिनेश कुमार जी आपने प्यार को दिखाकर जो कहना चाहा है वह दिल को छू रहा है। हार्दिक बधाई स्वीकार करें।"
Jan 1
दिनेश कुमार commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"बहुत बहुत शुक्रिया मुहतरम शहज़ाद उस्मानी साहब। वाक़ई इनायत है।"
Jan 1
Tasdiq Ahmed Khan commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"जनाब दिनेश कुमार साहिब ,सुन्दर ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं ।मतले के उला मिसरे यह ऑप्शन भी हो सकता है । संगदिल पर भी मुहब्बत का असर होता है ।"
Jan 1
Samar kabeer commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"जनाब दिनेश कुमार जी आदाब,आप कभी कभी पटल पर आते हैं,इस कारण से कुछ नये सदस्य आपको भी नया सदस्य समझते हैं । उम्दा ग़ज़ल हुई है,शैर दर शैर दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।"
Jan 1
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"आद0 दिनेश कुमार जी सादर अभिवादन। बेहतरीन ग़ज़ल कही आपने, शैर दर शैर दाद और मुबारकबाद पेश करता हूँ। सादर"
Jan 1
नादिर ख़ान commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"वो न सह पायेगा इक पल भी हक़ीक़त की तपिश जिसके ख़्वाबों का महल मोम का घर होता है.हम फ़क़ीरों को ज़ियादा की नहीं चाह 'दिनेश'जितना हासिल है, बस उतने में गुज़र होता है. उम्दा ग़ज़ल हुयी है आदरणीय दिनेश कुमार जी मुबारकबाद स्वीकारें। ...."
Jan 1
Ajay Tiwari commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार
"आदरणीय दिनेश जी, खूबसूरत अशआर हुए हैं. हार्दिक बधाई.  'दिल मे जज़्बा हो तो दीवार में दर होता है'      बहुत खूब!  'एक पत्थर पे भी उल्फ़त का असर होता है' की जगह 'किसी'पत्थर पे भी उल्फ़त का असर…"
Jan 1

Profile Information

Gender
Male
City State
कैथल हरियाणा
Native Place
कैथल
Profession
अध्यापक

दिनेश कुमार's Blog

ग़ज़ल --- असर होता है // दिनेश कुमार

2122--1122--1122--22

.

एक पत्थर पे भी उल्फ़त का असर होता है

दिल मे जज़्बा हो तो दीवार में दर होता है

.

घुप अँधेरे में उजाले की किरण सा जीवन

जो भी जी जाए, वो दुनिया में अमर होता है

.

उसको हालात की गर्मी की भला क्या चिन्ता

जिसकी दहलीज़ पे अनुभव का शजर होता है

.

आपसी प्यार मकीनों में हो, घर तब होगा

दरो-दीवार का ढांचा तो खँडर होता है

.

वो न सह पायेगा इक पल भी हक़ीक़त की तपिश

जिसके ख़्वाबों का महल मोम का घर होता…

Continue

Posted on December 31, 2017 at 1:33pm — 20 Comments

ग़ज़ल -- "इसके आगे बस ख़ुदा का नाम है" / दिनेश कुमार

2122--2122--212

भाग्य तेरे कर्म का परिणाम है

तुझ पे ही निर्भर तेरा अंजाम है

मेरे हमराही को भी ठोकर लगी

मेरे दिल को अब ज़रा आराम है

सिर्फ़ सच की राह पर चलता हूँ मैं

आबला-पाई मेरा इनआ'म है

उसकी मर्ज़ी है अता कुछ भी करे

बस दुआ करना हमारा काम है

शख़्सियत अपनी निखारो मुफ़्त में

मुस्कुराहट का न कोई दाम है

हम फ़क़ीरों की नज़र से देखिये

जिस्म इक मन्दिर है पावन धाम है

हम यथा सम्भव मदद सब की करें

आदमीयत का यही पैग़ाम…

Continue

Posted on December 26, 2017 at 6:46am — 18 Comments

ग़ज़ल -- दूर कर बद-गुमानी मेरी // दिनेश कुमार

212---212---212



दूर कर बदगुमानी मेरी

ख़त्म हो सरगरानी मेरी



मेरे जीवन से तुम क्या गए

खो गई शादमानी मेरी



अब न आएगी ये लौटकर

जा रही है जवानी मेरी



बीती बातों पे ये बारहा

व्यर्थ की नोहा ख़्वानी मेरी



ग़म के दरिया में रक्खा है क्या

भूल जाओ कहानी मेरी



गुल खिलाएगी कोई नया

एक दिन हक़-बयानी मेरी



ऐ मेरे जिस्म ! ऊबा हूँ मैं

अब न कर मेज़बानी मेरी



मौलिक व… Continue

Posted on October 29, 2017 at 7:14am — 11 Comments

ग़ज़ल -- इस्लाह हेतु / ज़िन्दगी भर सलीब ढ़ोने को / दिनेश कुमार

2122--1212--22



ज़िन्दगी भर सलीब ढ़ोने को

हक़परस्ती है सिर्फ़ रोने को



दिल को पत्थर बना लिया मैंने

ख़्वाब आँखों में फिर पिरोने को



दूर मंज़िल है वक़्त भी कम है

कौन कहता है तुम को सोने को



एक बस वो नहीं हुआ मेरा

क्या नहीं होता वर्ना होने को



किस लिये हैं इन आँखों में आँसू

पास भी क्या था जब कि खोने को



ज़िद नहीं करता अब खिलौनों की

क्या हुआ दिल के इस खिलौने को



दाग़ कुछ ऐसे भी हैं दामन पर

अश्क… Continue

Posted on October 15, 2017 at 11:56pm — 14 Comments

दिनेश कुमार's Photos

  • Add Photos
  • View All

Comment Wall (7 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:41am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीय श्री दिनेश कुमार जी सर्वश्रेष्ठ रचना के लिए हार्दिक बधाई।
At 2:19pm on June 18, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय दिनेश जी आपकी रचना को यह सम्मान मिलना ही था इस उपलब्धि पर आपको हार्दिक बधाई

At 1:01pm on June 18, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय दिनेश कुमार जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी  ग़ज़ल - सर से छप्पर ले गया को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 8:03pm on February 20, 2015, khursheed khairadi said…

आदरणीय दिनेश जी ,आपकी सक्रियता निर्विवाद रूप से स्वीकार्य है |मेरी ग़ज़लों पर भी आपका स्नेह निरंतर बरसता रहा है |आपको महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है |आपकी उत्कृष्ट रचनाओं ने मंच को साहित्य से परिपूर्ण किया है और आगे भी करती रहेगी |सादर अभिनंदन |

At 1:19pm on February 18, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

AADARNEE DINESH JEE

सक्रिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई i सादर i

At 10:53pm on February 15, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय दिनेश भाई जी "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) चुने जाने पर बहुत बहुत  बधाई स्वीकार करें |

At 9:07pm on February 15, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय
दिनेश कुमार जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Harash Mahajan posted a blog post

गम पे उठी ग़ज़ल तो वो दिल में उतर गयी (इस्लाही ग़ज़ल)

221 2121 1221 212...गम पे उठी ग़ज़ल तो वो दिल में उतर गयी,खुशियों का ज़िक्र आया कयामत गुज़र गयी ।इतनी…See More
28 minutes ago
Harash Mahajan commented on Harash Mahajan's blog post गम पे उठी ग़ज़ल तो वो दिल में उतर गयी
"आदरणीय समर कबीर जी आदाब । खुशनसीब हूँ सर कि आप की नज़र मेरी इस कृति पर पड़ी । आपकी कला से थोड़े में ही…"
39 minutes ago
dandpani nahak commented on Samar kabeer's blog post 'दिल में हमारे दर्द-ए- महब्बत रखा गया'
"वाह क्या बात है आदरणीय ! हर एक शय को हस्ब-ए-ज़रूरत रखा गया ! बहुत खूब"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post गज़ल
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । मतले का सानी मिसरा यूँ कर…"
2 hours ago
Samar kabeer commented on Harash Mahajan's blog post गम पे उठी ग़ज़ल तो वो दिल में उतर गयी
"जनाब हर्ष महाजन साहिब आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । क़वाफ़ी के बारे में जनाब आरिफ़…"
3 hours ago
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post समता दीपक जलना होगा
"शुक्रिया समर कबीर जी।"
4 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Samar kabeer's blog post 'दिल में हमारे दर्द-ए- महब्बत रखा गया'
"मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब, उम्दा ग़ज़ल हुई है ,शेर दर शेर मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं । शेर3 के उला मिसरे…"
4 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (जो अज़मे तर्के उल्फ़त कर रहा है )
"जनाब सलीम रज़ा साहिब , ग़ज़ल पर आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया और हौसला  अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।"
4 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (जो अज़मे तर्के उल्फ़त कर रहा है )
"वाह  वाह जनाब तस्दीक अहमद साहिब, क्या उम्दा गज़ल हुई है.. मुबारक़बाद क़ुबूल करें  दिले…"
4 hours ago
SALIM RAZA REWA commented on Samar kabeer's blog post 'दिल में हमारे दर्द-ए- महब्बत रखा गया'
"वाह वाह जनाब समर साहब, बहुत ही खूबसूरत रदीफ़ क़फ़िया से सजी ग़ज़ल हुई है एक एक शेर ख़ूबसूरत...…"
4 hours ago
Mohammed Arif posted blog posts
4 hours ago
amod srivastav (bindouri) commented on Samar kabeer's blog post 'दिल में हमारे दर्द-ए- महब्बत रखा गया'
"आ दादा बहुत सुंदर रचना नमन  मुझे ..बहुत अच्छे लगे .. लेता नही....आमाल का हिसाब  और इसके…"
5 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service