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दिनेश कुमार
  • Male
  • पुण्डरी। हरियाणा
  • India
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surender insan commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है ( दिनेश कुमार )
"आदरणीय दिनेश जी आदाब। हर शे'र लाजवाब जी । शे'र दर शे'र दाद के साथ दिली मुबारकबाद क़ुबूल करें जी ।"
Aug 8
Ravi Shukla commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है ( दिनेश कुमार )
"आदरणीय दिनेश जी बढि़या गजल कही आपने । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें ।"
Aug 8
Gurpreet Singh commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है ( दिनेश कुमार )
"खूबसूरत अशआर से सजी इस शानदार ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत बधाई  आदरणीय दिनेश कुमार जी "
Aug 7
Mohammed Arif commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है ( दिनेश कुमार )
"आदरणीय दिनेश जी आदाब, हर शे'र लाजवाब । शे'र दर शे'र दाद के साथ मुबारकबाद क़ुबूल करें ।"
Aug 7

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है ( दिनेश कुमार )
"आदरणीय दिनेश भाई , खूबसूरत गज़ल के लिये आपको हार्दिक बधाइयाँ ।"
Aug 6
surender insan commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है ( दिनेश कुमार )
"आदरणीय भाई दिनेश कुमार जी आदाब। सभी अशआर बहुत उम्दा हुए है शेर दर शेर दिली मुबारक़बाद क़बूल करे जी।"
Aug 6
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है ( दिनेश कुमार )
"बहुत ही शानदार ग़ज़ल हुई आदरणीय पंकज जी..सादर बधाई"
Aug 6
Samar kabeer commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है ( दिनेश कुमार )
"जनाब दिनेश कुमार जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । कृपया मंच पर अपनी सक्रियता बनाएं ।"
Aug 5
Sushil Sarna commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है ( दिनेश कुमार )
"ग़ौर से मेरे चेहरे को पढ़िएहै उदासी निहाँ क़हक़हे में वाह क्या बात है आदरणीय बहुत सुंदर अशआर कहे हैं आपने ... दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं सर।"
Aug 5
Gajendra shrotriya commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल -- ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है ( दिनेश कुमार )
"सभी अशआर अच्छे हुए हैं आदरणीय दिनेश कुमार जी। आपका रचनाकर्म सतत प्रवाहशील रहे। मेरी शुभकामनाएँ स्वीकार करें।"
Aug 5
दिनेश कुमार posted a blog post

ग़ज़ल -- ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है ( दिनेश कुमार )

212___212___212___2बे-ख़ुदी के हसीं मरहले मेंचैन दिल को मिला मयकदे मेंहौसला जब मिटा हादसे मेंमुश्किलें बढ़ गईं रास्ते मेंहमसफ़र मेरा कोई नहीं थायूँ बहुत लोग थे क़ाफ़िले मेंइश्क़ में डूब जाओ तुम इतनाक़ुर्ब महसूस हो फ़ासले मेंग़ौर से मेरे चेहरे को पढ़िएहै उदासी निहाँ क़हक़हे मेंबोल कर सच मैं तकलीफ़ में हूँवो झूठा है देखो मज़े मेंज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही हैबँध रहे दर्दो-ग़म क़ाफ़िये मेंमौलिक व अप्रकाशितSee More
Aug 5
दिनेश कुमार commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की - हैरान क्या करेगा कोई मोजज़ा मुझे
"बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई आ. निलेश सर जी। वाह वाह वाह। क्या कहने हैं। एक मिसरे पर Doubt हो गया है। . ये कौन मेरे हिज्र को करता है और तवील, . 'और' को 2 ke wazn पर बाँधा है आपने। सभी बाँधते भी hain. jab 'और' ko तथा के अर्थ में लेते हैं…"
Aug 4
Ravi Shukla commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- बचपन था कोई झौंका सबा का बहार का ( दिनेश कुमार )
"आदरणीय दिनेश जी बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही आपने । शेर दर शेर मुबारक बाद हाज़िर है । समर साहब्बके सुझाव से मिसरों में और भी खूबसूरती आ गई है । बधाई ।"
Jul 7
रामबली गुप्ता commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- बचपन था कोई झौंका सबा का बहार का ( दिनेश कुमार )
"भाई दिनेश कुमार जी उम्दा ग़ज़ल हुई है। बधाई स्वीकारें। आद0 समर भाई साहब के सुझावों से सहमत हूँ।"
Jul 6
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- बचपन था कोई झौंका सबा का बहार का ( दिनेश कुमार )
"आद0 दिनेश जी सादर अभिवादन। गजल पर दाद के साथ मूबरकबाद कबूल फरमायें।"
Jul 2
दिनेश कुमार commented on दिनेश कुमार's blog post ग़ज़ल --- बचपन था कोई झौंका सबा का बहार का ( दिनेश कुमार )
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय समर सर जी। आपकी मुहब्बतों को दिल से सलाम सर । जल्द ही मिसरे आपके अनुसार दुरुस्त करता हूँ सर। नवाज़िश।"
Jul 2

Profile Information

Gender
Male
City State
कैथल हरियाणा
Native Place
कैथल
Profession
अध्यापक

दिनेश कुमार's Blog

ग़ज़ल -- ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है ( दिनेश कुमार )

212___212___212___2



बे-ख़ुदी के हसीं मरहले में

चैन दिल को मिला मयकदे में



हौसला जब मिटा हादसे में

मुश्किलें बढ़ गईं रास्ते में



हमसफ़र मेरा कोई नहीं था

यूँ बहुत लोग थे क़ाफ़िले में



इश्क़ में डूब जाओ तुम इतना

क़ुर्ब महसूस हो फ़ासले में



ग़ौर से मेरे चेहरे को पढ़िए

है उदासी निहाँ क़हक़हे में



बोल कर सच मैं तकलीफ़ में हूँ

वो झूठा है देखो मज़े में



ज़िन्दगी की ग़ज़ल हो रही है

बँध रहे दर्दो-ग़म… Continue

Posted on August 4, 2017 at 10:21pm — 10 Comments

ग़ज़ल --- बचपन था कोई झौंका सबा का बहार का ( दिनेश कुमार )

221____2121____1221____212



बचपन था कोई झौंका सबा का बहार का

लौट आए काश फिर वो ज़माना बहार का



खिड़की में इक गुलाब महकता था सामने

बरसों से बन्द है वो दरीचा बहार का



ख़ुशबू सबा की, ताज़गी-ए-गुल, बला का हुस्न

दिल के चमन को याद है चेहरा बहार का



अर्सा गुज़र गया प लगे कल की बात हो

उस बाग़े-हुस्न में मेरा दर्जा बहार का



दौरे-ख़िज़ाँ में दिल के बहलने का है सबब

आँखों में मेरी क़ैद नज़ारा बहार का



कलियाँ को बाग़बाँ ही… Continue

Posted on June 30, 2017 at 8:08pm — 6 Comments

ग़ज़ल -- मैं आँखों में सपने बोना चाहता हूँ

22--22--22--22--22--2



बच्चों के मन जैसा होना चाहता हूँ

बे-फ़िक्री की नींदें सोना चाहता हूँ



दुनिया के मेले में खो कर देख लिया

अब मैं ख़ुद के भीतर खोना चाहता हूँ



राग द्वेष ईर्ष्या लालच को त्याग के मैं

रूह की मैली चादर धोना चाहता हूँ



प्यार का सागर है तू मैं प्यासा सहरा

अपनी हस्ती तुझ में डुबोना चाहता हूँ



जीवन व्यर्थ गँवाया, दिल पर बोझ है ये

ख़ुद से नज़र चुरा के रोना चाहता हूँ



गीली मिट्टी है, शायद जड़ पकड़ भी… Continue

Posted on June 17, 2017 at 1:34pm — 4 Comments

ग़ज़ल -- अच्छे कर्मों का दिनेश अच्छा नतीज़ा होगा ( दिनेश कुमार )

2122____1122____1122____22



सर पे साया जो बुज़ुर्गों की दुआ का होगा

कामयाबी का सफ़र अपना सुहाना होगा



उसकी रोटी से जो आती है पसीने की महक

उसके घर ख़ुशबू-ए-बरकत का ख़ज़ाना होगा



रोज़े-महशर तेरी दौलत नहीं काम आयेगी

साथ बस तेरे सवाबों का पिटारा होगा



झूट को झूट सरे-बज़्म कहा है जिसने

देखना शर्तिया वो ज़हन से बच्चा होगा



मैंने ता-उम्र यही सोच के काटी अपनी

शब गुज़र जायेगी, क़िस्मत में सवेरा होगा



आबला-पाई मेरी और… Continue

Posted on June 15, 2017 at 11:55pm — 2 Comments

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At 8:41am on June 20, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
आदरणीय श्री दिनेश कुमार जी सर्वश्रेष्ठ रचना के लिए हार्दिक बधाई।
At 2:19pm on June 18, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय दिनेश जी आपकी रचना को यह सम्मान मिलना ही था इस उपलब्धि पर आपको हार्दिक बधाई

At 1:01pm on June 18, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय दिनेश कुमार जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी  ग़ज़ल - सर से छप्पर ले गया को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 8:03pm on February 20, 2015, khursheed khairadi said…

आदरणीय दिनेश जी ,आपकी सक्रियता निर्विवाद रूप से स्वीकार्य है |मेरी ग़ज़लों पर भी आपका स्नेह निरंतर बरसता रहा है |आपको महीने का सक्रिय सदस्य चुने जाने पर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है |आपकी उत्कृष्ट रचनाओं ने मंच को साहित्य से परिपूर्ण किया है और आगे भी करती रहेगी |सादर अभिनंदन |

At 1:19pm on February 18, 2015, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

AADARNEE DINESH JEE

सक्रिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई i सादर i

At 10:53pm on February 15, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय दिनेश भाई जी "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) चुने जाने पर बहुत बहुत  बधाई स्वीकार करें |

At 9:07pm on February 15, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय
दिनेश कुमार जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

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