For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल--१२२२--१२२२--१२२२........डराओ मत

१२२२—१२२२—१२२२

उमंगों के चरागों को बुझाओ मत

उजाले को अँधेरों से डराओ मत

 

न फेंको तुम इधर कंकर तगाफ़ुल का            तगाफ़ुल= उपेक्षा

परिंदे हसरतों के यूं उड़ाओ मत

 

उठाकर एड़ियाँ ऊँचे दिखो लेकिन

तुम इस कोशिश में कद मेरा घटाओ मत

 

चले आओ हर इक धड़कन दुआ देगी

सताओ मत सताओ मत सताओ मत

 

सजाओ आइने दीवार में लेकिन

हक़ीक़त से निगाहें तुम चुराओ मत

 

बजाओ तालियाँ पोशाक पर उनकी

मगर उर्यां दिखे तो मुस्कुराओ मत

 

यहाँ हर आँख में नमकीन आँसू हैं

किसी को ज़ख्म दिल के तुम दिखाओ मत

 

असीरी में अँधेरे की है मेरा गाँव

शिवाले क़ुमक़ुमों से तुम सजाओ मत                क़ुमक़ुमा = बल्ब\लट्टू 

 

लतीफ़े मंच की शोभा बढ़ाते हैं

ग़ज़ल ‘खुरशीद’ जी तुम गुनगुनाओ मत 

मौलिक व अप्रकाशित 

Views: 1174

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by khursheed khairadi on February 3, 2015 at 9:15am

आदरणीय राहुल जी मैं आपकी टिप्पणी नहीं पढ़ पाया, किंतु मेरे इनबॉक्स में आपकी हार्दिक स्वागत है |सादर  

Comment by khursheed khairadi on February 3, 2015 at 9:13am

आदरणीय उमेश कटारा जी  राम आश्रय जी ,हृदयतल से आभार |सादर 

Comment by khursheed khairadi on February 3, 2015 at 9:11am

आदरणीय सौरभ सर ,गोपालनारायण सर , आप जैसे महानुभवों की रचना पर उपस्थिति , मुझे ऊर्जावान बनाती है |आशीर्वाद बनाये रखियेगा |सादर  

Comment by umesh katara on January 30, 2015 at 8:02am

बहुत सुन्दर

Comment by Rahul Dangi Panchal on January 29, 2015 at 10:05am
क्षमा चाहता हुँ आदरणीय! गलती मेरी है इसमें बुरा मानने वाली बात नहीं है! क्षमा

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 29, 2015 at 8:10am

आदरणीय राहुल भाई , बुरा न माने तो एक बात कहना चाहता हूँ । किसी भी रचना कार की रचनाओं में उसकी रचना से संबंधित प्रतिक्रियायें ही देनी चाहिये । अन्यथा प्रश्न - उत्तर के लिये बहुत सी ज़गह मंच में हैं । आप इन बोक्स मे मेसेज कर के भी पूछ सकते हैं , गज़ल के लिये गज़ल की कक्षा , ग़ज़ल ली बातें मे, आपको  शंका स्माधान के लिये स्थान है , ऐसे ही अन्य पाठों मे भी है । किसी की रचना के अन्य बातें करना उसकी रचना का उचित सम्मान नहीं है । मै अपनी इस बात को भी डिलिट कर दूंगा , आपके देख लेने के बाद ।

॥ सादर निवेदन ॥

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on January 28, 2015 at 9:06pm

अब क्या मिसाल दूं मैं तुम्हारे शबाब की ----शब्दातीत  i लाजवाब i

Comment by Ram Ashery on January 28, 2015 at 7:21pm

बधाई  हो । अपने बहुत ही प्यार भरे शब्दों से मन को छुआ है  

Comment by khursheed khairadi on January 28, 2015 at 1:01pm

आदरणीय राहुल साहब सादर आभार |स्नेह बनाये रखियेगा |

Comment by khursheed khairadi on January 28, 2015 at 1:00pm

आदरणीय सोमेश कुमार जी , आदरणीय अजय शरमा जी ,आदरणीय लक्ष्मण धामी साहब , ग़ज़ल पर उपस्तिथि और ज़र्रानवाज़ी का तहेदिल से शुक्रिया |मुहब्बत बनाये रखियेगा |सादर 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
21 hours ago
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Tuesday
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service