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मानवता का धरोहर धरहरा

बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ६ जून को भागलपुर के नवगछिया प्रखंड में धरहरा गाँव में गए थे. इस गाँव की परम्परा उन्हें वहाँ खींच ले गयी थी. मुझे याद है, मैं अपनी एक कहानी में लिखा था कि परम्परा इंसान के लिए बनी है - इंसान परम्परा के लिए नहीं बना है. धरहरा गाँव की परम्परा अदभुत है, मैं सलाम करता हूँ इस रिवाज़ को. सचमुच यह परम्परा इंसान के लिए बनी है. इस गाँव में बेटी के जन्म लेने पर पेड़ लगाने की परम्परा है. बेटी और पर्यावरण के प्रति इस गाँव के लोगों का प्यार वाकई सराहनीय है. इस गाँव के लोगों के ज़ज्बे को मापतपुरी का शत- शत नमन.

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Comment by Rash Bihari Ravi on June 9, 2010 at 1:55pm
बेटी और पर्यावरण के प्रति इस गाँव के लोगों का प्यार वाकई सराहनीय है. bahut bahut dhanyabad gaonwalo ka,

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on June 9, 2010 at 8:38am
बेटी और पर्यावरण के प्रति इस गाँव के लोगों का प्यार वाकई सराहनीय है.........बहुत ही सराहना के योग्य है धरहरा वालो का यह परंपरा , इस परंपरा को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, रत्नेश रमण की बात भी बिलकुल सही है, धन्यबाद भाई मापतपुरी जी , जो आपने इस समाचार को ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के बीच बाटा ,
Comment by Ratnesh Raman Pathak on June 8, 2010 at 5:15pm
मैंने भी २ दीं पहले पेपर में पढ़ा था !
बहुत अच्छा लगा पढ़ कर. कितनी उत्तम परंपरा है वहा की !
इस परंपरा को निभाने से दो ऐसी चीजे बच रही है जिनको बचाने के लिए हमारी सरकार अरबो रुपये खर्च करने के बावजूद भी असफल रहती है .
जी वृछ और लड़कियां ये दोनों हमारे आधुनिक समाज से विलुप्त होते जा रही है ,जिसको रोकने के लिए न जाने कौन कौन सी योजनाये चलाई जा रही है .
लेकिन इन सारी योजनाओ पर पूर्वजो की बनाई हुई परम्परा ही भरी पड रही है!
इस से यह पूरी तरह से साबित होता है की हमारे पूर्वजो द्वारा बनायीं हुई परम्पराओ से फायदा ही फायदा है

रत्नेश रमण पाठक .
Comment by PREETAM TIWARY(PREET) on June 8, 2010 at 4:32pm
bahut badhiya.....
is parampara ko salaam...logo ki is jajbe ko salaam.....

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