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ग़ज़ल .........;;;गुमनाम पिथौरागढ़ी

२१२२ २१२२

नीम सी कोई दवा हूँ

आदमी मैं काम का हूँ

भाग से मैं हूँ बुरा पर

शख्स लेकिन मैं भला हूँ

दो घडी रूकता ना कोई

मैं सड़क का हादसा हूँ

स्वार्थ भर को ही जरूरत

क्या मैं कोई देवता हूँ

ढूँढता हूँ अपनी मंजिल

ख़त कोई पर बेपता हूँ

गुमनाम पिथौरागढ़ी

मौलिक व अप्रकाशित

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Comment by khursheed khairadi on March 1, 2015 at 7:43pm

नीम सी कोई दवा हूँ

आदमी मैं काम का हूँ

आदरणीय गुमनाम साहब उम्दा ग़ज़ल हुई  है |ढेरों दाद कबूल फरमावें |सादर  |

Comment by somesh kumar on March 1, 2015 at 12:09pm

देखन में छोटे लगें बात कहे गम्भीर 

पढ़ के शे'र तुम्हारे मनवा हुआ अधीर 

जो मेरी पीर है वो तेरी भी पीर 

गुमनामी को नाम तो देती है तकदीर 

Comment by gumnaam pithoragarhi on February 28, 2015 at 9:35pm

धन्यवाद दोस्तों गिरिराज जी धन्यवाद वाकई इस बदलाव से बेहतर नज़र आता है

Comment by Nirmal Nadeem on February 28, 2015 at 11:58am

bahut khoooob waaah waaaah


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on February 28, 2015 at 7:54am

दो घडी रूकता ना कोई

मैं सड़क का हादसा हूँ  , -----  बहुत खूब आदरणीय गुमनाम भाई , बढिया ग़ज़ल के लिये बधाई ।

ढूँढता हूँ अपनी मंजिल

ख़त कोई पर बेपता हूँ    ----     खत कोई ज्यों बेपता हूँ  , शायद जियादा सही लगे , सोच के देखियेगा ॥

Comment by gumnaam pithoragarhi on February 27, 2015 at 6:11pm

धन्यवाद दोस्तों आप लोगो की सराहना से लिखने को प्रेरणा मिलती रहती है ,,,,,,,,,,,,,

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on February 27, 2015 at 1:11pm

दो घडी रूकता ना कोई

मैं सड़क का हादसा हूँ-------------------- बहुत उम्दा i  आ० गुमनाम जी i

Comment by Dr. Vijai Shanker on February 27, 2015 at 10:48am
दो घडी रूकता ना कोई
मैं सड़क का हादसा हूँ ॥
बधाई, आदरणीय गुमनाम पिथौरागढ़ी जी, सादर।
Comment by Krish mishra 'jaan' gorakhpuri on February 26, 2015 at 10:13pm

क्या साहेब क्या लिखते है आप!आपसे पहले भी हम मुखातिब हो चुके है..और हर बार वही सितम आपने किया है..आपको हम क्या दाद दें..आपके हर एक शेर से रश्क होता है!!यही दुआ है के...

आप यूँ ही चालें चलते रहे!

और हम इसी तरह जलते रहें!!

Comment by maharshi tripathi on February 26, 2015 at 9:28pm

इस खूबसूरत गजल पर आपको बधाई ,,आ. गुमनाम पिथौरागढ़ी जी|

कृपया ध्यान दे...

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