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तरही गजल...
बह्र....122 122 122 122

तरानाा फॅसाना नया चाहता हूँ
तुम्हीं से मुहब्बत-वफा चाहता हूँ।


चमन, फूल-कॉटों सभी से निभाया,
रहा दोष फिर भी क्षमा चाहता हूँ।


हॅसीं खाब-जन्नत-बहारें तुम्हीं से,
तरो ताजगी की हवा चाहता हूँ।


कदम चूम कर नित्य सजदा करूं मैं,
मेरी जिन्दगी की दवा चाहता हूँ।


खयालों में अक्सर बहुत चोट खाये,
मिलो रूबरू फलसफा चाहता हूँ।


हुआ वक्त घायल ये इन्सा-जमीं भी,
छलकते अमी का घड़ा चाहता हूँ।


बला है, अड़ा है, खड़ा या पड़ा है,
उसे मोम में ढालना चाहता हूँ।


लुटी चॉदनी-निशि-किरन आज गुमसुम,
''चराग ए शहर हूँ बुझा चाहता हूँ।''


खिले सभ्यता-प्रेम-'सत्यम' यहॉ पर,
दिशा-रोशनी की दुआ चाहता हूँ।


के0पी0सत्यम/ मौलिक व अप्रकाशित

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Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on June 16, 2016 at 9:40am

आ० वीनस भाई जी, सादर प्रणाम,  आपकी सोच से मैं पूर्णतया सहमत हूं. आपका हारदिक आभार. सादर

Comment by वीनस केसरी on May 31, 2015 at 12:04pm

अच्छी ग़ज़ल हुई है
दाद  क़ुबूल करें

तरो ताजगी की हवा
......... इस जुमले पर फिर से गौर करें

नित्य की जगह रोज़ शब्द का इस्तेमाल मुफ़ीद होगा ...

Comment by shree suneel on May 29, 2015 at 10:53am
बला है, अड़ा है, खड़ा या पड़ा है,
उसे मोम में ढालना चाहता हूँ।... .. ख़ूब.. बहुत ख़ूब..
आदरणीय केवल प्रसाद जी, अच्छी ग़ज़ल कही आपने.

चमन, फूल-कॉटों सभी से निभाया,
रहा दोष फिर भी क्षमा चाहता हूँ।.. बधाई.. बधाई
Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on May 29, 2015 at 10:39am

मनोज भाई जी,   आपका बहुत-बहुत आभार.

Comment by मनोज अहसास on May 28, 2015 at 8:31pm
मैं भी आपको बधाई देता हु सर
Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on May 28, 2015 at 7:33pm

आ0 गोपाल भाई जी, सादर प्रणाम!  आपने स्वम उत्तर चुन लिया है. आपका तहेदिल से बहुत-बहुत शुक्रिया, आभार.  सादर

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on May 28, 2015 at 7:32pm

आ0 नरेंद्र भाई जी, प्रणाम!  आपका तहेदिल से बहुत-बहुत शुक्रिया.  सादर

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on May 28, 2015 at 7:31pm

आ0  जान भाई जी, आदाब!  आपका तहेदिल से बहुत-बहुत शुक्रिया.  सादर

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on May 28, 2015 at 7:30pm

आ0 वामनकर भाई जी, प्रणाम!  आपका तहेदिल से बहुत-बहुत शुक्रिया.  सादर

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on May 28, 2015 at 7:30pm

आ0 समर भाई जी, आदाब!  आपका तहेदिल से बहुत-बहुत शुक्रिया.  सादर

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