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हो शुरू जंगे- मुस्तहब कोई- शिज्जु शकूर

2122 1212 112/22
हो शुरू जंगे-मुस्तहब कोई
लाये इक इन्किलाब अब कोई

यूँ अदब के बदल गये मा’ने
होता है रोज़ बे-अदब कोई

आज ग़ारतगरों के कहने पर
शह्र फूँके है बे-सबब कोई

लफ़्ज़ तेरे, तेरा तवाफ़ करें
सीख-ले बोलने का ढब कोई

आग फिरका-परस्ती की ऐ दोस्त
और भड़के बुझाये जब कोई

जब उलझ जाये बात बातों में
इक सिरा ढूँढ लेना तब कोई

सूरते-हाल पूछिये न ‘शकूर’
रोज़ नाज़िल हो इक ग़ज़ब कोई

-मौलिक व अप्रकाशित

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सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 12, 2015 at 8:26pm
आदरणीय सौरभ सर आपकी उपस्थिति हमेशा उत्साह वर्धक होती है, रचना को मान देने के लिये आपका तहेदिल से शुक्रिया

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 12, 2015 at 8:25pm
बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय गुमनाम जी

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 12, 2015 at 8:24pm
आदरणीय रवि शुक्लाजी आपका तहेदिल से शुक्रिया

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 12, 2015 at 8:24pm
रचना की सराहना के लिये आपका तहेदिल से शुक्रिया नादिर भाई

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 12, 2015 at 8:23pm
बहुत बहुत शुक्रिया जान गोरखपुरीजी

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 12, 2015 at 8:22pm
आदरणीय मिथिलेशजी आपका तहेदिल से शुक्रिया

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 12, 2015 at 8:22pm
सर्वप्रथम विलम्ब के लिये मुआफ़ी चाहूँगा

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on November 26, 2015 at 11:33pm

इस बढिया ग़ज़ल के लिए दिल से दाद कह रहा हूँ, शिज्जू भाई. दिल खुश कर दिया आपने !

इन अश’आर पर बार-बार बधाइयाँ लीजिये - 

यूँ अदब के बदल गये मा’ने
होता है रोज़ बे-अदब कोई

आज ग़ारतगरों के कहने पर
शह्र फूँके है बे-सबब कोई

लफ़्ज़ तेरे, तेरा तवाफ़ करें
सीख-ले बोलने का ढब कोई

वाह वाह वाह !!

Comment by gumnaam pithoragarhi on November 26, 2015 at 8:43pm

लफ़्ज़ तेरे, तेरा तवाफ़ करें
सीख-ले बोलने का ढब कोई

वाह खूब .............. बधाई ................

Comment by Ravi Shukla on November 26, 2015 at 1:47pm

आदरणीय शिज्जू  जी कई दिनाे के बाद आज आपकी एक शानदार ग़ज़ल देखने को मिली है . अशआर एक से बढ़कर एक है. शेर दर शेर दाद  कुबूल फरमाएं.

कृपया ध्यान दे...

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