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122 122 122 122
तेरे अक्स के ख्वाब आते रहेंगे ।
मुहब्बत की रस्मे निभाते रहेंगे ।।

ये जुल्फों के साये में तेरे तबस्सुम ।
मुझे उम्र भर तक सताते रहेंगे ।।

नज़ारों से लूटा गया हूँ बहुत मैं ।
मगर फिक्र दिल से उडाते रहेंगे ।।

न ठुकरा सकोगी हमारी मुहब्बत ।
यकीनन तुझे याद आते रहेंगे ।।

बड़ी आरजू थी मुलाकात होगी ।
खबर क्या थी चिलमन गिराते रहेंगे ।।

तेरी खुशबुओं को बिखेरा करें वो ।
हवाओं से चर्चा चलाते रहेंगे ।।

करो जुल्म बेशक मगर याद रखना ।
अदाओ पे हम मुस्कुराते रहेंगे ।।

लगी कातिलाना हैं कमसिन निगाहें ।
कहाँ तक ये दामन बचाते रहेंगे ।।

खुदा बनके आयी है फ़ितरत तुम्हारी ।
तेरे दर पे फेरे लगाते रहेंगे ।।

तू मेरी ग़ज़ल है बहुत कुछ है लिखना ।
कलम हुस्न पर हम चलाते रहेंगे ।।

--नवीन मणि त्रिपाठी
मौलिक अप्रकाशित
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Comment by Mohammed Arif on June 14, 2017 at 8:37am
आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब, आली जनाब मुहतरम समर कबीर साहब पवित्र माह रमज़ान की वजह से एक माह की छुट्टी पर हैं । अगले माह शिरकत करेंगे ।
Comment by Naveen Mani Tripathi on June 13, 2017 at 9:49pm
आ0 बैज नाथ शर्मा जी आभार ।
Comment by Naveen Mani Tripathi on June 13, 2017 at 9:49pm
आ0 बैज नाथ शर्मा जी आभार ।
Comment by Naveen Mani Tripathi on June 13, 2017 at 9:48pm
आ0 मो0 आरिफ़ साहब तहेदिल से शुक्रिया । पिछले कुछ दिनों से कबीर सर का दर्शन नही हो रहा है क्या वह ओबीओ छोड़ गए ।
Comment by Naveen Mani Tripathi on June 13, 2017 at 9:48pm
आ0 मो0 आरिफ़ साहब तहेदिल से शुक्रिया । पिछले कुछ दिनों से कबीर सर का दर्शन नही हो रहा है क्या वह ओबीओ छोड़ गए ।
Comment by DR. BAIJNATH SHARMA'MINTU' on June 13, 2017 at 9:37pm

आदरणीय मणि त्रिपाठी साहेब .....बहुत खूब ....बहुत बहुत बधाई आपको 

Comment by Mohammed Arif on June 13, 2017 at 6:31pm
आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब, बेहतरीन ग़ज़ल । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।
Comment by Naveen Mani Tripathi on June 13, 2017 at 4:48pm
आ0 रामबली गुप्ता जी सादर आभार ।
Comment by रामबली गुप्ता on June 13, 2017 at 4:11pm
वाकई इश्क के रंग में डूबी हुई ग़ज़ल कही है भाई नवीन मणि जी। हार्दिक बधाई स्वीकारें।सादर
Comment by Naveen Mani Tripathi on June 13, 2017 at 10:20am
आ0 बसंत साहब विशेष आभार

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