For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ज़िंदगी के सफ़हात...

ज़िंदगी के सफ़हात ...

हैरां हूँ
बाद मेरे फना होने के
किसी ने मेरी लहद को
गुलों से नवाज़ा है
एक एक गुल में
गुल की एक एक पत्ती में
उसके रेशमी अहसासों की गर्मी है
नाज़ुक हाथो की नरमी है
कुछ सुलगते जज़्बात हैं
कुछ गर्म लम्हों की सौगात है
काश
तुम मेरे शिकवों को समझ पाते
जलते चिराग का दर्द समझ पाते
मेरी पलकों को
इंतज़ार की चौखट में
कैद करने वाले
कितना अच्छा होता
साथ इन गुलों के
तुम भी आ जाते
बीते लम्हों की दौलत से
एक लम्हा
अपने वस्ल का
मेरी लहद के चिराग पे
सजा जाते
मेरी रूह को
सकूं मिल जाता
मेरी ज़िंदगी के सफ़हात को
हँसी मज़मून
मिल जाता


सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 87

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on June 27, 2017 at 9:11pm

आदरणीय बृजेश जी सृजन के भावों को मान देने का हार्दिक आभार। 

Comment by Sushil Sarna on June 27, 2017 at 9:10pm

आदरणीय समर कबीर साहिब सर्व प्रथम तो ईद मुबारक। सृजन के भावों को मान देती आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से शुक्रिया। सर आपने जो जो संशोधन बताये हैं वो मुझे दिल से स्वीकार हैं। सफ़ह और सफ़हात मेरे शब्दकोष का अनुपम संग्रह है। इस मार्दर्शन और सुझाव का हार्दिक आभार। आप जैसी कार्यशाला कहाँ मिलती है। शुक्रिया। मैं इसे अभी संशोधित कर पुनः प्रेषित कर रहा हूँ। सृजन आपके आशीर्वाद की प्रतीक्षा करेगा ।

Comment by Samar kabeer on June 27, 2017 at 12:23pm
जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,नर्म गर्म अहसासात को अच्छे शब्दों में पुरोया है, इस प्रस्तुति पर दिल से बधाई स्वीकार करें ।
'सफ़े'ग़लत शब्द है सही शब्द है "सफ़ह"जिसका बहुवचन है "सफ़हात"इसलिये आपकी कविता का शीर्षक होगा "ज़िन्दगी के सफ़हात" ।
आठवीं पंक्ति 'जमाल हाथों की नरमी है' को "नाज़ुक हाथों की नरमी है" करना उचित होगा ।
20वीं पंक्ति 'बीते की दौलत से'को "बीते लम्हों की दौलत से"करना उचित होगा ।
Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on June 27, 2017 at 11:48am
वाह क्या कहने आदरणीय..बेहद ह्रदयस्पर्शी अहसास..सादर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Samar kabeer's blog post तरही ग़ज़ल
"आली जनाब आद0 समर साहब सादर प्रणाम। आपको मंच पर देख कर अतिशय प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। हम सबकी…"
1 minute ago
Samar kabeer commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद-२
"जनाब पीयूष जी आदाब, सरसी छन्द का प्रयास अच्छा है,बधाई लीजिये । पहली पंक्ति में'कोई चाभे दूध…"
5 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Kumar Gourav's blog post कुलीन(लघुकथा)
"आद0 कुमार गौरव जी सादर अभिवादन। बढिया लघुकथा कही आपने। बधाई स्वीकार कीजिये। सादर"
7 minutes ago
Samar kabeer commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post अंगुलिमाल(लघुकथा)
"बहना कल्पना भट्ट "रौनक़" जी आदाब,लघुकथा का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । जनाब आरिफ़…"
12 minutes ago
Samar kabeer commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल- बलराम धाकड़ ( मसौदा भी ज़रूरी है...)
"जनाब बलराम धाकड़ जी आदाब,ग्गज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । "हमे ये फ़ख़्र होता है कि…"
16 minutes ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी है-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"बिलकुल आदरणीय सुरेन्द्र जी..बहुत बहुत आभार"
16 minutes ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी है-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"ज़नाब तस्दीक साहब ग़ज़ल पे शिरक़त के लिए आभार..चौथे शेर के सानी को यूँ करता हूँ "कहीं से मांग कर…"
16 minutes ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी है-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"शुक्रिया आदरणीय रामबली गुप्ता जी.."
19 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post अंगुलिमाल(लघुकथा)
"उपदेश परक लघुकथा के लिए हार्दिक बधाई l सादर"
26 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद-२
"क्या बात है, हार्दिक शुभकामनाएं l सादर"
36 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -खेल सारे, हर तमाशा छोड़ कर
"वाह i बहुत सुन्दर, हार्दिक बधाई l सादर"
38 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (जो अज़मे तर्के उल्फ़त कर रहा है )
"बहूत उम्दा हार्दिक बधाई l सादर"
41 minutes ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service