For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

शांत चेहरे की अपनी होती एक कहानी............

शांत चेहरे पर होती अपनी एक कहानी, 

पर दिल के अंदर होते जज्बातों के तूफान, 

अंदर ही अंदर बुझे सपनों के पंख उडने को फडफडाते, 

पनीली ऑंखों से अनगिनत सपने झांकते 

जीवन का हर लम्हा तितर वितर क्यों होता, 

जीवन का अर्थ कुछ समझ नहीं आता, 

लेकिन इस भाव हीन दुनियां में सोचती, 

खुद को साबित करने को उतावली, 

पूछती अपने आप से, 

सपने तो कई हैं, कौन सा करू पूरा, 

आज बहुत से सवाल दिमाग को झकझोरते, 

खुद से सवाल कर जवाब मांगते, 

जीवन जीने की एक नई दिशा मिले, 

जुवान रोक सकता है जमाना, 

पर सपने देखने पर किसकी लगाम लगी, 

अपने सपनों की ही दुनिया में कल्पना करती........

शांत चेहरे पर होती अपनी एक कहानी. .......

रचना मौलिक व अप्रकाशित है

बबीता गुप्ता

Views: 101

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by babitagupta on May 14, 2018 at 5:57pm

सराहना और त्रुटियों की तरफ धयानाकर्षित करने के लिए आभार. 

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on April 27, 2018 at 4:26pm

अंतस के भावों का खूबसूरत चित्रण किया महोदया...सादर

Comment by Neelam Upadhyaya on April 25, 2018 at 11:11am

आदरणीय बबीता जी, बढ़िया प्रस्तुति । बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Samar kabeer on April 24, 2018 at 6:36pm

मोहतरमा बबीता गुप्ता जी आदाब,अच्छी रचना है,बधाई स्वीकार करें ।

कृपया रचना के साथ उसकी विधा भी लिख दिया करें,ये इस मंच का नियम है ।

Comment by Shyam Narain Verma on April 24, 2018 at 10:29am
सुन्दर सार्थक रचना  ने लिये आपको बधाई ….

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"ग़ज़ल ===== छोड़ कर तू.. चला गया है मुझे सबसे कहना ये भा गया है मुझे   क्या हुआ वो निभा नहीं पाया…"
31 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"एक और शानदार पेशकश के लिए मुबारकबाद जनाब समर साहब एक बात जाननी थी ...."आफ़ियत है इसी में मेरी…"
51 minutes ago
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"जनाब सुरख़ाब बशर साहिब आदाब उम्दा अशआर से सजी बहतरीन ग़ज़ल के लिए मुबारक बाद "
1 hour ago
mirza javed baig replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"हुस्न जलवे दिखा गया है मुझे! ख़ुद से ग़ाफ़िल बना गया है मुझे ! अबरू-ए-ख़म दिखा के वो…"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"आदाब। मेरी इस पहली प्रविष्टि-पटल पर अपना समय देकर स्नेहिल हौसला अफ़ज़ाई हेतु तहे दिल से बहुत-बहुत…"
1 hour ago

सदस्य कार्यकारिणी
शिज्जु "शकूर" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"ग़ज़ल 2 यूँ दिलासा दिया गया है मुझेतू मेरा है कहा गया है मुझे छिड़ गया होगा तज़्किरा तेराफ़ासले पर रखा…"
1 hour ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"जनाब आरिफ़ साहब खूबसूरत अशआर हुये है मुबारकबाद कूबूल करें ।"
2 hours ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"जनाब मिर्ज़ा जावेद  साहब पिछले कुछ आयोजनों से आपकी गज़ल पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ आपके अशआर…"
2 hours ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,                  ग़ज़ल…"
2 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"बहुत बढ़िया गिरही शे'अर के साथ बढ़िया पेशकश। हार्दिक बधाई आदरणीय दण्डपाणि नाहक साहिब।"
2 hours ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"आदरणीय मोहन बेगोवाल जी आदाब,                 ग़ज़ल का प्रयास…"
2 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"(दूसरा प्रयास) 'ज़िन्दगी-ट्रेक' खो गया है मुझे'रेलवे-ट्रेक' खा गया है…"
2 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service