For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल (जानेमन मुझको मुहब्बत का ज़माना याद है)

(फाइलातुन _फाइलातुन _फाइलातुन _फाइलुन)


याद है तेरी इनायत, ज़ुल्म ढाना याद है |
जानेमन मुझको मुहब्बत का ज़माना याद है |

हम जहाँ छुप छुप के मिलते थे कभी जाने जहाँ
आज भी वो रास्ता और वो ठिकाना याद है |

भूल बैठे हैं सितम के आप ही क़िस्से मगर
दर्द, ग़म,आँसू का मुझको हर फ़साना याद है|

इस लिए दौरे परेशानी से घबराता नहीं
मुश्किलों में उनका मुझको मुस्कुराना याद है |

घर के बाहर यक बयक सुन कर मेरी आवाज़ को
बिन दुपट्टा तेरा दरवाज़े पे आना याद है |

जान से अपनी गया पा कर इशारा जो तेरा
क्या तुझे अपना सितम गर वो दिवाना याद है|

हुक्म से किस के गिरी तस्दीक बिजली क्या पता
हम को जलता सिर्फ अपना आशियाना याद है |

(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 111

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on July 6, 2018 at 9:45am

जनाब अजय कुमार साहिब , ग़ज़ल में आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया |

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on July 6, 2018 at 9:44am

जनाब गुमनाम साहिब  , ग़ज़ल में आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया |

Comment by Ajay Kumar Sharma on July 5, 2018 at 10:52pm

शानदार गजल...

Comment by gumnaam pithoragarhi on July 5, 2018 at 7:29pm

वाह बहुत खूब वाह बात है,,,,,,,,,

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on July 5, 2018 at 7:20pm

जनाब ब्रजेश कुमार साहिब  , ग़ज़ल में आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया |

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on July 5, 2018 at 7:19pm

जनाब राज़ नवादवी साहिब, ग़ज़ल में आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया |

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on July 5, 2018 at 5:32pm

बहुत ही खूबसूरत सरस ग़ज़ल कही है आदरणीय..वाह

Comment by राज़ नवादवी on July 5, 2018 at 10:30am

आदरणीय तस्दीक अहमद साहब, आदाब. सुन्दर ग़ज़ल की प्रस्तुति के लिए ढेरों बधाइयां. सादर. 

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on July 5, 2018 at 9:22am

मुहतरम जनाब आरिफ साहिब आ दाब, ग़ज़ल पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया |

Comment by Mohammed Arif on July 4, 2018 at 8:38pm

आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी आदाब,

                                बारिश के रोमाण्टिक मौसम में प्रेमरस में डूबी बेहतरीन ग़ज़ल । शे'र दर शे'र दाद के साथ दिली मुबारकबाद 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Nita Kasar commented on Manan Kumar singh's blog post बाज़ (लघुकथा)
"आज की ज्वलंत समस्या पर प्रकाश डाला है जो सोशल मीडिया और अख़बारों में प्रमुखता से सामने आई है…"
24 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on राज़ नवादवी's blog post राज़ नवादवी: एक अंजान शायर का कलाम- ६२
"आद0 राज़ नवादवी जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल कही आपने। कुछ शैर तो यकीनन दिल को छू गए। बधाई स्वीकार…"
27 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on रामबली गुप्ता's blog post मत्तगयंद सवैया-रामबली गुप्ता
"आद0 रामबली जी सादर अभिवादन। बढ़िया भक्ति भाव से भरी छंद रचना की आपने। बधाई स्वीकार कीजिये"
31 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on V.M.''vrishty'''s blog post मौत की उम्मीद पर (ग़ज़ल)
"आद0 वी. एम वृष्टि जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल कही आपने। शैर दर शैर बधाई स्वीकार कीजिये"
33 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'मेरी आवाज़ सुनो!' (लघुकथा)
"आद0 शेख शहज़ाद उस्मानी साहब सादर अभिवादन। वाकई में यहां पर सबको अपनी ज़िन्दगी खुल कर जीने का अधिकार…"
35 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on V.M.''vrishty'''s blog post इंसान का अस्तित्व
"आद0 वीएम वृष्टि जी सादर अभिवादन। बढिया अतुकांत लिखी आपने। इस प्रस्तुति पर बधाई निवेदित है।"
39 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Naveen Mani Tripathi's blog post मेरी हर निशानी मिटाने से पहले
"आद0 नवीन मणि त्रिपाठी जी सादर अभिवादन। बढिया ग़ज़ल कही आपने। शैर दर शैर दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता…"
41 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post पढ़ो तो इसको’ फाड़ो मत- गजल
"आद0 बसन्त कुमार शर्मा जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल का बेहतरीन प्रयास किया है आपने। आली जनाब समर साहब ने…"
43 minutes ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on V.M.''vrishty'''s blog post मस्तिष्क और हृदय
"वाह वृष्टि जी आपकी सुधा वृष्टि से मन अभिभूत हुआ इस कालजयी रचना के लिए बहुत बहुत बधाई"
1 hour ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दुख बयानी है गजल - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आदरणीय धामी साहब उत्तम गजल के लिए बहुत बहुत बधाई"
1 hour ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on रामबली गुप्ता's blog post मत्तगयंद सवैया-रामबली गुप्ता
"आदरणीय रामबली जी आप तो इस विधा के माहिर हैं आपकी काबिलियत को नमन"
1 hour ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on V.M.''vrishty'''s blog post काली स्याही
"आ वृष्टि जी जबरदस्त भावों को समाहित की हुई आकर्षक रचना के लिए हार्दिक बधाई"
1 hour ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service