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हिन्दी

भारत माँ के विशद भाल पर

यह जो शोभित बिंदी है

जिसकी आभा से सब जगमग

वह भाषा तो हिन्दी है ll

अपनी गरिमा है हिन्दी से

हिन्दी ही अपनाएंगे

आन बान सम्मान अस्मिता

इसकी सदा बढ़ाएंगे ll

सरस सुगम हृदयंगम भाषा

जन जन की हितकारी है

मोती सा हम गुँथे सूत्र में 

हिन्दी की बलिहारी है ll

हमें गर्व है इस हिंदी पर

हिंदी को ना छोड़ेंगे

नित भारत के हर कोने को 

हिंदी से हम जोड़ेंगे ll

विश्व पटल पर हिन्दी भाषा

का परचम लहरायेंगे

नव विकसित हिन्दी को करके

अपना फर्ज निभाएंगे ll

  • मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment

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Comment by Neelam Upadhyaya on September 17, 2018 at 3:22pm

 हिंदी दिवस पर प्रस्तुत अच्छी रचना के लिए  बधाई स्वीकार करें आदरणीय डॉ छोटे लाल जी।     

Comment by TEJ VEER SINGH on September 15, 2018 at 8:49pm

हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ छोटे लाल जी।हिन्दी दिवस पर बेहतरीन कविता।

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