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बाइक चोर ,
इ सत्य घटना हा हमारा गावे एगो लाईका रहे जवान जन्मजात लंगर रहे बाकिर उ
मोटर बाइक बार तेज चलावे , और एकरे कारण उ गलत रास्ता पकर लेहलस उ कही से
बाइक चुरावे बेचे पैसा ले के बाबु जी के देव बाबूजी बहुत खुश , केहू उनका
के समझावे ता उ कहस उ कवनो गलत काम नइखे करत , ओकर पैसा खर्च काइल देख गव
के कुछ लाईका ओकर संघतिया हो गैलन और गावं बदनाम होखे लागल केहू ओकनी के
कुछ बोलियो न पावे कारन लंगा से गंगा हरान रहेली कहावत चरितार्थ होत रहे ,
एही बिच में ओकर बाबु जी ओकर बिआह का देले ओकर मेहरारू के इ पता चलल ता
पाहिले ओकरा दुःख भइल बाकिर बाद में उ इहे कहे की जेतना सजावे के बा सजा द
आखिर हमारा बिधवा मरे के बरले बा , और लंगर जब कबो कानी कुछ चोरी करस ता
ओकरा के कुछ न कुछ गहना बना देस समय ऐसाही बीतल जात रहे गाव भी एलोग से
परेसान रहे , कारन इ रहे की केहू के लाईका के बहका के अपना संगे का लासन ,
एक दिन एगो नया लिका के संगे लंगरा आपन एगो और साथी लेके तिनु जाना गाव से ५
किलो मीटर दूर नाहर पर बाईठाल रहे लोग ओ लोग के बात सुन के उ समझावे लागल इ
लोग ओकरा के उल्टा बेइजत का देहलस लोग ओकर बेटा एगो फौजी रहे और उ गावे
आइल रहे उ जाके आपण बेटा से कहलस की पुलावा पर तिन गो लाईका बैठाल बरन सन
और उ मोटर साईकिल छीने के बात करत रहलन सन उ फौजी भैस ले के हाथ में एगो
डंडा और पुल के पास चल गइल थोरे देर में एगो आदमी एगो औरत के बैठा के मोटर
साईकिल से आवत रहे इ तीनो ओकरा के घेर के मोटर साईकिल छीन लेहले सन ओ आदमी
के कहले सन की चिलैबे ता गोली मार देम सन , बाकिर ओ लोग के इ पता न रहे की
केहू ओ लोग के तक में बैठाल बा , जेकरा हाथ में कट्टा रहे उनकरे पर पहिला
बार कईलॉस फौजी उनकर हाथ से कट्टा फेका गइल और उ तीनो जाना के डंडा से
मार मार के मुआ देहलस उ आगे इहे बात कहत रहुवे की बाबु जी अच्छा सिखावत
रहले हा त तू लोग उनके बेइजत कईले हा अब तहरा लोग के ओ लायक ना छोराब की
फिर से केहू के बाइक चोरइबा लोग , इ बात गाव में खबर आइल ओकर बाप बेहोश हो
के गिर गइल मेहरारू नैहर चल गइल , ओकर ससुर आपण बेटी के दुसर बिआह का देहलस
ओकर बाप ठीक बरन अब मेहनत मजदूरी का के खात बरान , केहू कुछ गलती करे ला
ता ओके समझावे लान इ ना करे के चाही गावं के लिका सुधर गैलन सन , हम ता इहे
कहब भगवन जवान करे लान उ ठीक करेलान ,

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Replies to This Discussion

गुरु जी इ कहावत गलत नैखे बनल की "जैसन करे वो वोइसन पावे ,पूत भतार के आगे आवे" , गलत काम के हमेशा गलत नतीजा रहल बा , चोर बदमास ,डकैत , अपराधी इ सब के रौवा बहुत कम देखले होखब आपन मौत मरल, इ सब ज्यादाआकाल मौत ही मारल जालन सन, बहुत शिक्षाप्रद इ घटना बा, बहुत बहुत धन्यवाद गुरु जी.
bahut badhiay likhle bani guru jee.......sah baat baa ki je jaisan kari wo waisan hi payi......galat kaam ke natija aaj le kabbo sahi bhail hi naikhe aur naa kabbo hoyi.......

guru jee raua likhala ke jawab naikhe.....ekdam sachhai ke likh dile raua....raur naam je bhi guru jee rakhal wo sahi rakhal kahe ki raua sahi me guru jee bani.........

jai ho guru jee ke....
jai ho sab bhojpuria bhai log ke..........
Pranaam Guru bhaiya..

jo jaisa karta hai wo waisa hi pata hai.......

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