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Afroz 'sahr''s Discussions (474)

Discussions Replied To (472) Replies Latest Activity

" आदरणीय सागर आनंद जी इस रचना पर बधाई स्वीकार करें,,"

Afroz 'sahr' replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय सतविंद्र कुमार जी इस रचना पर बधाई स्वीकार करें। कुछ टंकण त्रुटियाँ है। "दोस्त…"

Afroz 'sahr' replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय अमित कुमार इस रचना पर  बधाई स्वीकार करें। मतले के ऊला मिसरे में एब ए तनाफ़ुर…"

Afroz 'sahr' replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय बलराम धाकड़ जी इस रचना पर बहुत बधाई आपको,,,"

Afroz 'sahr' replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"जनाब समर कबीर साहिब बहुत ही उम्दा ग़ज़ल,, हर इक शेर लाजवाब, ख़ास तौर सेे ये शेर हक़्…"

Afroz 'sahr' replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"जनाब महेंद्र कुमार जी अच्छी ग़ज़ल है शेर दर शेर दाद ते साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ।"

Afroz 'sahr' replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"दिल परीशाँ ज़ब्त भी नाकाम है। बिन तुम्हारे उलझी उलझी शाम है।। हो चुकी है अब अज़ान ए…"

Afroz 'sahr' replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

"दिल परीशाँ ज़ब्त भी नाकाम है। बिन तुम्हारे उलझी उलझी शाम है।। हो चुकी है अब अज़ान ए…"

Afroz 'sahr' replied Dec 22, 2017 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-90

651 Dec 23, 2017
Reply by Samar kabeer

सदस्य कार्यकारिणी

"साहित्यिक गोष्ठी में शिरकत करने और बेहतरीन काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध करने…"

Afroz 'sahr' replied Dec 18, 2017 to ओबीओ साहित्यिक मासिक संगोष्ठी भोपाल चैप्टर दिसम्बर 2017

5 Jul 21, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य कार्यकारिणी

"साहित्यिक गोॆष्ठी में काव्य पाठ कर गोष्ठी को सफल"

Afroz 'sahr' replied Dec 18, 2017 to ओबीओ साहित्यिक मासिक संगोष्ठी भोपाल चैप्टर दिसम्बर 2017

5 Jul 21, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

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Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"दिल दुखाना नहीं कि तुझ से कहेंहै फसाना नहीं कि तुझ से कहें गांव से दूर घर बनाया हैहै बुलाना नहीं…"
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अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
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अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-184
"झूठों ने झूठ को ऊँचे, रथ पर बिठा दिया और फिर उसे खूब, सुंदर सा सजा दिया   पहिये भी गवाहों के,…"
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अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"कृपया गिरह में // वो ज़माना // को //अब ज़माना// पढ़ा जाए। धन्यवाद "
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अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
"शुक्रिया मनजीत जी, बहुत आभार। ।  //तरही मिसरे पर आपका शेअर कमाल है।// हा हा हा, तिलकराज…"
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Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-189
" आदरणीय अजय गुप्ता जी ग़ज़ल की मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए। तरही मिसरे पर आपका शेअर कमाल है।"
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