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इमरान खान's Discussions (790)

Discussions Replied To (588) Replies Latest Activity

"कितने दुःख की बात है ... मैं क्या कहूं ... बस अफ़सोस होता है मुझे ऐसी ज़हनियत रखने वा…"

इमरान खान replied Jun 23, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक ३ प्रतियोगिता १६३३ Reply का नया कीर्तिमान...

29 Jun 27, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"शारदा जी..आपको और आपके शब्दों को मेरा सलाम, भारतीयता ही हमारी पहचान होनी चाहिए  .. ज…"

इमरान खान replied Jun 23, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक ३ प्रतियोगिता १६३३ Reply का नया कीर्तिमान...

29 Jun 27, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"इस तरह के आयोजन से वाकई ज्ञान की आंखें खुलती हैं समसामयिक विषय 'यमुना की त्रासदी' पर…"

इमरान खान replied Jun 23, 2011 to "चित्र से काव्य तक" अंक ३ प्रतियोगिता १६३३ Reply का नया कीर्तिमान...

29 Jun 27, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

मुख्य प्रबंधक

"gnesh jee .. Adab. Mere liye to lagta hai khwab sach ho raha hai.. Do dino mai hi Ky…"

इमरान खान replied Jun 12, 2011 to OBO के १००० सदस्य पुरे होने पर एक घोषणा

54 Jun 22, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

प्रधान संपादक

"हार्दिक धन्यवाद् गणेश जी, मैं समझ तो रहा था के ये ग़ज़ल नहीं है लेकिन सौरभ जी ने इसे ग़…"

इमरान खान replied Jun 11, 2011 to "ओबीओ लाइव महा-उत्सव" अंक ८ में सम्मिलित सभी रचनाएँ

7 Jun 11, 2011
Reply by इमरान खान

प्रधान संपादक

"सौरभ भाई, मेरे लिए बाईस ए मसर्रत है के आपको मेरी ग़ज़ल अच्छी लगी, बहुत शुक्रिया आपका..…"

इमरान खान replied Jun 11, 2011 to "ओबीओ लाइव महा-उत्सव" अंक ८ में सम्मिलित सभी रचनाएँ

7 Jun 11, 2011
Reply by इमरान खान

प्रधान संपादक

"जनाब admin साहब मैंने कल ही OBO  ज्वाइन की है, मैं न तो कोई शायर हूँ और न ही लिखने क…"

इमरान खान replied Jun 11, 2011 to "ओबीओ लाइव महा-उत्सव" अंक ८ में सम्मिलित सभी रचनाएँ

7 Jun 11, 2011
Reply by इमरान खान

"'yun kisi ko.. shikast e zaar na mile, waqt ki aisi kisi ko maar na mile, is se badi…"

इमरान खान replied Jun 11, 2011 to दो गज़ ज़मीं भी ना मिली ............................

36 Jun 21, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
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Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
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Sushil Sarna posted a blog post

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Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

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