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ओबीओ लखनऊ चैप्टर का उद्घाटन एवं काव्य गोष्ठी

      आप सभी मित्रों को यह सूचित करते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि दिनांक 18. 05. 2013 को लखनऊ में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है जिसकी अध्यक्षता आदरणीय श्री गणेश जी बागी करेंगे। इस अवसर पर ओबीओ लखनऊ चैप्टर का उद्घाटन भी आदरणीय श्री बागी जी द्वारा किया जाएगा।

       इस कार्यक्रम में लखनऊ तथा उसके आसपास के क्षेत्र के सभी ओबीओ सदस्य सादर आमंत्रित हैं।

कार्यक्रम:- ओबीओ लखनऊ चैप्टर का उद्घाटन तथा काव्य गोष्ठी

दिनांक:- 18. 05. 2013

समय:- अपराहन 3.00 बजे

स्थान:- निर्माण भवन,

            96, महात्मा गांधी मार्ग,

            डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ,

            लखनऊ (राज भवन के सामने)

सम्पर्क सूत्र:-

केवल प्रसाद, मोO  - 9415541353

बृजेश नीरज, मोO  - 9838878270

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आदरणीय बागी जी का स्वागत एवं हार्दिक अभिनंदन है. 

आयोजन की सफलता हेतु हार्दिक शुभ कामनाएं 

शुभ सात्विक संभावनाओं तथा साहित्यकर्म में यथोचित योगदान की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ अनेकानेक बधाइयाँ.. .

कोई प्रारंभ अत्यंत सहज होता है, किंतु दायित्वपूर्ण निर्वहन की सतत अपेक्षा करता है..

शुभ-शुभ

आदरणीय हम सबका प्रयास होगा कि दायित्व का सतत निर्वहन हो। सादर!

अहा ! अत्यंत ख़ुशी का समाचार प्रांतीय राजधानी में ओ बी ओ की ज़ोरदार दस्तक । भाई सभी को हार्दिक बधाई अरु शुभकामनाये !! 

कारवां संख्या और रचना बल से और सशक्त हो रहा है इस दिनानुदिन उन्नति से हम सभी आह्लादित है ..हल्द्वानी में सम्मिलन और लखनऊ में चैप्टर का उद्घाटन ...ऐतिहासिक है यह घडी !!!

               

                             

//कारवां संख्या और रचना बल से और सशक्त हो रहा है इस दिनानुदिन उन्नति से हम सभी आह्लादित है//

आपने एकदम सही कहा है, अभिनव अरुण भाई जी.  वस्तुतः यह हम सभी केलिए आह्लाद की घड़ी है.

ओबीओ के नाम पर कोई पहली प्रत्यक्ष गोष्ठी वाराणसी में ही हुई थी जिसमें हम-आप भी सम्मिलित थे. उस गोष्ठी के बाद परिस्थितियाँ और व्यावहारिक संलग्नता बनी होती तो शायद लखनऊ को मिल रहा आज का यह सम्मान वाराणसी को ही मिला होता. लेकिन यह भी उतना ही सही है कि जब-जब जो-जो होना है, तब-तब सो-सो होता है.

यह लखनऊ और आस-पास के सक्रिय सदस्यों का तथा अन्यान्य स्थानों के अत्यंत आत्मीयजनों का उत्साह और शुभचिंतकों की संलग्नता और लगाव ही है, भाईजी, कि पिछले कुछ महीनों से ओबीओ पर और इससे सम्बन्धित सकारात्मक कार्यों की प्रक्रियाएँ बढ़ गयीं हैं. अन्यथा आपको भी भान है कि कुछ अरसे पूर्व तक स्थिति यह थी कि कई-कई तथाकथित आत्मीय सज्जनों की विशिष्ट मनोदशाओं और अव्याख्य व्यवहारों से अतुकांत परिस्थितियाँ उभरने लगी थीं.

आत्मीयजन की शुभकामनाओं का ओबीओ का समस्त परिवार सदा से आकांक्षी रहा है.

शुभम्

आदरणीय इस प्रयास में आप के आशीर्वाद व मार्गदर्शन की सदैव आवश्यकता रहेगी।
सादर!

आदरणीय इस प्रयास में आप लोगों के आशीर्वाद व मार्गदर्शन की सदैव आवश्यकता रहेगी।
सादर!

बहुत बहुत शुभकामनाएं. ओ बी ओ के लिए अपार ख़ुशी का अवसर है."कोई प्रारंभ अत्यंत सहज होता है, किंतु दायित्वपूर्ण निर्वहन की सतत अपेक्षा करता है." मैं भी आदरणीय सौरभ जी की बात से पूरी तरह सहमत हूँ. 

आदरणीय इस प्रयास में आप लोगों के आशीर्वाद व मार्गदर्शन की सदैव आवश्यकता रहेगी।
सादर!

                आ0 ओ0बी0ओ0 के समस्त सम्माननीय पदाधिकारियों, सदस्यों एवं सुधीजनों आप लोगों के असीम अनुकम्पा, सहयोग और स्नेह से ही लखनऊ शहर में ‘‘ओ0बी0ओ0 लखनऊ चैप्टर‘‘ की स्थापना होना सुनिश्चित किया गया है। हम लखनऊ वासियों के लिए यह एक परम सौभाग्य और गर्व की बात है। इसके लिए हम सभी लखनऊवासी आप लोगों का तहेदिल से बहुत-बहुत शुक्रिया व हार्दिक आभार प्रकट करते हैं। और साथ ही साथ सादर अनुरोध सहित यह अपेक्षा भी करते हैं कि आप लोग इस शुभ कार्यक्रम को सार्थकता प्रदान करने हेतु आशीर्वाद और आवश्यक मार्गदर्शन देने की कृपा करें। सादर,

समस्त लखनऊवासी

वाह यह तो बहुत अच्छी बात है ...
असीम शुभकामनाएं

वीनस भाई आपका आभार! हमें आपकी उपस्थिति की प्रतीक्षा रहेगी।
सादर!

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