For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जानी ले की तुहू कमइबा जाई प्रदेश ,
हम कईसे जिआब बलमुआ धरी जोगनी के भेस ,
बालम तू मति जा तू मति जा तू मति जा प्रदेश ,

मई बाप के छोर के आईनी छोरनी सखी सहेलिय ,
तोहरा बिना के बा आपन तुही बोलs सनेहिया ,
तू जे बालम चल जइबा ता मन के लगी ठेस ,
हम कईसे जिआब बलमुआ धरी जोगनी के भेस ,
बालम तू मति जा तू मति जा तू मति जा प्रदेश ,

तहरे से गोरिया हमारो लागल बाटे नेहिया ,
तहरे लगे मन रही उहवा रही हमार देहिया ,
बाबूजी और मई के संगे तोहर कटी दिन शेष ,
हमरो के त काटे धाई गोरिया हो प्रदेश ,
हम कईसे जिआब बलमुआ धरी जोगनी के भेस ,
बालम तू मति जा तू मति जा तू मति जा प्रदेश ,

Views: 884

Replies to This Discussion

dhanyabad amrendar bhai
यह कविता पढ़ने के बाद यह लगता है की ,सही मे किसी भारतीय नारी ने अपने पति के परदेश जाते वक़्त अपने मन की भाव को obo के मंच पर रख दिया है.गुरु जी अपने एक नारी के वास्तविक दर्द को बयान किया है .धन्यवाद
ratnesh bhai jawan man me aail u likha gail raura pasand aail dhanyabad,
जानी ले की तुहू कमइबा जाई प्रदेश ,
हम कईसे जिआब बलमुआ धरी जोगनी के भेस ,
बालम तू मति जा तू मति जा तू मति जा प्रदेश ,

मई बाप के छोर के आईनी छोरनी सखी सहेलिय ,
तोहरा बिना के बा आपन तुही बोलs सनेहिया ,
तू जे बालम चल जइबा ता मन के लगी ठेस ,
हम कईसे जिआब बलमुआ धरी जोगनी के भेस ,


Ravi ji, hamesh ke tarah ego aur sajeev varnan wala rachna pesh kayini. Padh ke sahaj mein hi jogini ke dard ke ehsas ho jat ba. bahut bahut dhanyawaad eh rachna khatir.
neelama ji rauo ke bahut bahut dhanyabad ye ijajat afjai khatir

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
14 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय अशोक भाईजी, वर्षा ऋतु, विशेषकर सावन मास, के नम क्षणों का रागात्मक वर्णन रोचक बन पड़ा है.…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Saturday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Jul 14
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
Jul 14
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Jul 11
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Jul 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service