For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

भोजपुरी साहित्य Discussions (249)

← Back to भोजपुरी साहित्य
Featured Discussions

"ओ बी ओ भोजपुरी काव्य प्रतियोगिता" अंक-1

भोजपुरी साहित्य प्रेमी लोगन के सादर प्रणाम, जइसन कि रउआ लोगन के खूब मालूम बा, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार अपना सुरुआते से साहित्य-समर्थन आ साहि…

Started by AdminLatest Reply


मुख्य प्रबंधक

"OBO लाइव विश्व भोजपुरी कवि सम्मेलन" (Now Close)

भोजपुरी साहित्य प्रेमी लोगन के सादर परनाम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार पिछला कई महिना से हर महीने सफलता पूर्वक "OBO लाइव मुशायरा" अउर "OBO लाइ…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"Latest Reply

Discussions Replies Latest Activity

शिव भजन (पूर्वी छपरहिया धुन)

भोला की भजsनिया में मन हमार लागल  जियुवा पागल भइलें  भोला में ही मनs अनुरागल  जियुवा पागल भइलें  बिच्छू के कुण्डल साँप गर में बिराजेलन  भभ…

Started by आशीष यादव

0 Mar 31

सदस्य टीम प्रबंधन

अपना बबुआ से // सौरभ

  कतनो सोचऽ फिकिर करब ना जिनिगी के हुलचुल ना छोड़ी कवनो नाता कवना कामें बबुआ जइबऽ जवना गाँवें जीउ जाँति के कतनो रहबऽ लोग न लगिहें तहरा…

Started by Saurabh Pandey

0 Jan 5

दियनवा जरा के बुझावल ना जाला

दियनवा जरा के बुझावल ना जाला  पिरितिया बढ़ा के घटावल ना जाला  नजरिया मिलावल भइल आज माहुर  खटाई भइल आज गौने क पाहुर  बन्हल गाँठ राजा छुड़ाव…

Started by आशीष यादव

0 Nov 20, 2025

सदस्य टीम प्रबंधन

गजल - सीसा टूटल रउआ पाछा // --सौरभ

२२ २२ २२ २२    सोचसु आपन नाता पाछा नाहक गइनीं उनका पाछा    का दइबा का आङन मीलल राहू-केतू आगा-पाछा   कवना बाग-बगइचा जाओ पतझड़ लागल जेकरा पा…

Started by Saurabh Pandey

0 Aug 13, 2025

सदस्य टीम प्रबंधन

गजल : निभत बा दरद से // सौरभ

जवन घाव पाकी उहे दी दवाई निभत बा दरद से निभे दीं मिताई    बजर लीं भले खून माथा चढ़ावत कइलका कहाई अलाई बलाई    बहाना बनाके कटावत बा कन्नी मने…

Started by Saurabh Pandey

2 Feb 5, 2025
Reply by Saurabh Pandey

वाह रे उद्योगपति कईलs लोग बढ़िया काम...

वाह रे उद्योगपति कईलs लोग बढ़िया काम , शहद में जहर मिलवलs कईलs अइसन काम, हमनी के विश्वास कईनीसन आँख बंद करी के , दुश्मन दोस्त खुबे लुटलs हमद…

Started by Rash Bihari Ravi

5 Oct 30, 2023
Reply by Riju Nag

भोजपुरी गजल

भोजपुरी गीतिका/गजलमनब कि ना मनब, तू बेशी अगरइब?आइल बा बुढ़ापा,अब गरहा में जइब।1 खोज तारअ फूल अब कहाँ पहुँचइब?नजर धुंधला गइल,सूँघब कि सटइब?2…

Started by Manan Kumar singh

0 Sep 28, 2022

सदस्य टीम प्रबंधन

भोजपुरी नवगीत - जे महाभारत मचल बा // सौरभ

जे महाभारत मचल बा बऽड़-बड़का खेत भइले.. आमजन के बात का ? जजबात का ? नस-धमनियन में बहत माहुर सभन के माथ से चुइ बन पसीना पोर-पोरे खात बा, चल र…

Started by Saurabh Pandey

0 Apr 4, 2022

सुनीं सुनीं सरकार : आशीष यादव

सुनीं सुनीं सरकार  हम बानी बेरोजगार  तनी सुनी ना पुकार  देई जिनिगी सुधार  फारम भरले साल बीतल  जिनिगी बेहाल बीतल  तोहरा के का बुझाई  जेकर ख…

Started by आशीष यादव

0 Jan 30, 2022

सदस्य टीम प्रबंधन

पापा के नाँवे // सौरभ

का बोलीं का हाल हम, रउरे पाटल खेतपापा अपना पूत के, सोचब दँवरी देत   टूसा-कोंढ़ी फूल-फल, अङनों अनधन बाढ़िपापा रउरा हाथ के, फुला रहल सभ डाढ़ि…

Started by Saurabh Pandey

4 Jul 14, 2021
Reply by Saurabh Pandey

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

आशीष यादव posted a blog post

मशीनी मनुष्य

आज के समय में मनुष्य मशीन बनता जा रहा है या उसको मशीन बनने पर मजबूर किया जाता है. कारपोरेट जगत…See More
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब, प्रस्तुत दोहों की सराहना हेतु आपका हार्दिक आभार। सादर"
13 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय जयहिंद रायपुरी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर आपने  दोहा छंद रचने का सुन्दर प्रयास किया है।…"
13 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  सही कहना है हम भारतीय और विशेषकर जो अभावों में पलकर बड़े हुए हैं, हर…"
14 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभाजी हार्दिक धन्यवाद आभार आपका"
14 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी  हार्दिक धन्यवाद आभार आपका।"
14 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रदत्त चित्र पर मेरी प्रस्तुति की सराहना के लिए आपका हार्दिक…"
14 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"    आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी सादर, प्रस्तुत दोहों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार ।…"
14 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"किल्लत सारे देश में, नहीं गैस की यार नालियाँ बजबजा रही, हर घर औ हर द्वार गैस नहीं तो क्या हुआ, लोग…"
15 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। दोहों पर आपकी विस्तृत टिप्पणी और सुझाव के लिए हार्दिक…"
16 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. प्रतिभा बहन, सादर अभिवादन। चित्रानुरूप सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
16 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 178 in the group चित्र से काव्य तक
"*पका न पाती  रोटियाँ, भले  युद्ध की आगजला रही है नित्य पर, वह निर्धन का…"
17 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service