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भोजपुरी साहित्य Discussions (249)

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भोजपुरी गीत

गीत दिनवा ओराये लागल रतिया हेराए लागल बुते लागल असरा क. बरल. तु दियना कह. अइब. कबले, लागे मोर जिय ना का ओही देसवा मा- बाटे, जे बिलमि गइल. म…

Started by PRAMOD SRIVASTAVA

0 May 15, 2014

मुख्य प्रबंधक

भोजपुरी लघुकथा : मन्थरा (गणेश जी बागी)

गवना के एक साल बाद गोदी मे चान नियन बेटी लेके रूपा पहिला हाली नईहर आइल बाड़ी, घर मे तेवहार जइसन माहौल बा, अँगना मे घर के सभे लोग उनुका के घ…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"

13 Mar 12, 2014
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

मुख्य प्रबंधक

बात जवन भुलाला ना (सरस्वती पूजा पर विशेष)

बोल बोल कागा, तोरे सगुनवा नीक लागा  ..... चिकनी चमेली आ फेविकोल के बीचे जब "कागा" सुनाइल त हम अपना के रोक ना सकनी आ टेक्टर पर छोट-छोट लइकन…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"

9 Feb 5, 2014
Reply by Shyam Narain Verma

सदस्य टीम प्रबंधन

दशहरा : भोजपुरी दोहे // -- सौरभ

जोन्ही भर के जोर पर, चिहुँकल छनकि अन्हार ढिबरी भर के आस ले, मनवाँ सबुर सम्हार रहि-रहि मन अकुतात बा, दुअरा लखन-लकीर  सीता सहमसु चूल्हि…

Started by Saurabh Pandey

19 Feb 2, 2014
Reply by Dr. Anil Mishra

बिना माई के ई संसार ना चली ।

बिना माई के ई संसार ना चली । कइसे कहल बबुआ , तोहरा से भार ना चली । बड़ कइनी तोहरा के दुधवा पीयाके । छाती से लगा के रखनी दुखवा भुलाके ।…

Started by Shyam Narain Verma

0 Dec 24, 2013

लहरे तिरंगा झंडा अपना देश के शान |

लहरे    तिरंगा   झंडा   अपना  देश  के शान | आजादी   के चाहत में   केतने  दिहले जान | स्वतंता संग्राम के देख   दर्द भरी    कहानी | भेद …

Started by Shyam Narain Verma

1 Dec 1, 2013
Reply by Neelam Upadhyaya

हाथे मेंहदी

हाथे मेंहदी चूड़ी कगनावा,     पांवे पइलीया डारी के चलली गोरी पिया संगवा, नईहर नगरीया छोरी के, माई रोवे, बाबू रोवे  रोवे दुलरा             भ…

Started by Akhand Gahmari

1 Nov 26, 2013
Reply by Shyam Narain Verma

सुन शहरी बाबू जा देख गाँव के नज़ारा |

सुन  शहरी  बाबू जा देख गाँव के   नज़ारा | देखि    बताव   कईसे    होई तोहार    गुज़ारा |  पहिरेल रंग   विरंगे   ही  नया        परिधान | शह…

Started by Shyam Narain Verma

2 Nov 8, 2013
Reply by Meena Pathak

मुख्य प्रबंधक

भोजपुरी हास्य घनाक्षरी

छंद विधा : घनाक्षरी  छंद प्रकार : वर्णिक  विधान : [4 x (8+8+8+7)] **** सात साल के छोटुआ, माने नहीं आवऽत बा     गारी पारि-पारि देखs, मास्टरे…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"

6 Nov 8, 2013
Reply by Meena Pathak

सावनी गीत

सावनी गीत                             सावन क आयल महीनवा हो   हियरा हुलसाईल   चनवा क जईसे चननिया हो    अड.गना उतराईल  ! १ – पण्डित पाहुन अग…

Started by mrs manjari pandey

5 Oct 18, 2013
Reply by रामनाथ 'शोधार्थी'

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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
14 hours ago

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Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय अशोक भाईजी, वर्षा ऋतु, विशेषकर सावन मास, के नम क्षणों का रागात्मक वर्णन रोचक बन पड़ा है.…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
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चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
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Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Jul 14
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
Jul 14
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Jul 11
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Jul 10

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Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Jul 10

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Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Jul 10

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