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English Literature Discussions (188)

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Let's Work for our Soul

Let's Work for our Soul Deplorable, Devastating, Disheartening their condition was. Garbage, Dirt, Poverty Unfortunate their life was. Irr…

Started by Swastik Sawhney

1 Nov 24, 2019
Reply by Swastik Sawhney

Friendship: A Bliss.. !!!

Friendship: A Bliss.. !!! Wild Treasure... !! An endless list of friends.. Casual.. Regular.. Special... Formal..Technical..Dutiful.. Wil…

Started by Usha

2 Nov 20, 2019
Reply by Usha

Two little birdies (poem)

I wish to fly But our wings are cut The sky calls me But we are in cages shut We were Freeborne no worries with us Eating grains or fru…

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़')

0 Feb 19, 2019

Arms and ammunition (Poem)

 Guns and swords Symbol of bravery Used by soldiers For country's victory Guns and swords Symbol of cruelty Used by terrorists To show thei…

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़')

0 Feb 15, 2019

You and Me II

I do adore a few for myself But for me they're everything And you being among them, I find a blessing For there have been times When I dev…

Started by Shivam Jha

0 Sep 5, 2018

COMMUNION .... (Vijay Nikore)

                       COMMUNION God is not reluctant to change The Changeless Never has need to change Recalcitrant senses rushing Desi…

Started by vijay nikore

1 Oct 23, 2017
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

A Visit To The “death land”

 This is the astonishing place where Once I too have been born; Incidents are being happened all over here and there— As grace and dark, ga…

Started by Shivam Jha

1 Oct 23, 2017
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

Hymn to my Guru

                          Hymn to my Guru     Alas we think we know what permeates one and all As if we know That which nothing ever…

Started by vijay nikore

1 Oct 23, 2017
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

सदस्य कार्यकारिणी

My love my Mumbai (kids Poem)

Day or night My Mumbai  always bright Twinkle as  stars if you see from the height people For work rush here and there You can’t find laz…

Started by rajesh kumari

2 Oct 23, 2017
Reply by rajesh kumari

सदस्य टीम प्रबंधन

YOU ARE SAME INFINITE

  Oh my soulmate! My divine companion! Today, let me share my most sincere opinion.   It is true that you are my strongest passion In fact…

Started by Dr.Prachi Singh

13 Oct 23, 2017
Reply by KALPANA BHATT ('रौनक़')

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Manoj kumar Ahsaas's blog post अहसास की ग़ज़ल :मनोज अहसास
"आ. भाई मनोज जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई । मेरी कहीं इक बात पे मेरा में "कहीं " को…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ग़ज़ल को सँवारा है इन दिनों.- ग़ज़ल
"आ. भाई बसंत कुमार जी, सादर अभिवादन ।बेहतरीन गजल हुई है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।"
1 hour ago
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
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कइसे होई गंगा पार

जिनिगी भर बस पाप कमइला कइसे करबा गंगा पारजुलुम सहे के आदत सभके के थामी हाथे हथियारकेहू नाही बनी…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कितना मुश्किल होता है - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आ. भाई रवि भसीन जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति, स्नेह व प्रशंसा के लिए हार्दिक आभार ।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कितना मुश्किल होता है - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति, स्नेह व प्रशंसा के लिए हार्दिक आभार ।"
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"आ. भाई रवि भसीन जी, सादर अभिवादन । आपको गजल अच्छी लगी यह मेरे लिए हर्ष का विषय है । इस स्नेह के लिए…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अछूतों सा - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार ।"
1 hour ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post कितना मुश्किल होता है - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' भाई, इस ख़ूबसूरत ग़ज़ल पर आपको हार्दिक बधाई।"
3 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post अछूतों सा - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' भाई, बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई है, इस पर दाद और मुबारकबाद…"
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रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post वो भी नहीं रही (ग़ज़ल - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' साहिब, आपकी नवाज़िश के लिए तह-ए-दिल से आपका शुक्रगुज़ार…"
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रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post वो भी नहीं रही (ग़ज़ल - शाहिद फ़िरोज़पुरी)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' भाई, आपकी हौसला-अफ़ज़ाई और इनायत के लिए बहुत बहुत…"
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