For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

राजेश कुमारीजी, श्री वीरेन्द्रजी, मैं और सौरभजी

आज दिनांक-24/सित/2013 को सौरभजी देहरादून में थे.
शाम में सौरभजी तथा राजेश कमारी जी अपने पतिदेव के साथ मेरे घर पर

Views: 286

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by डॉ नूतन डिमरी गैरोला on September 25, 2013 at 7:52pm

vaah, tasweeren aur video .. intjaar


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on September 25, 2013 at 6:18pm

हा हा हा हा....  

.............

क्या विडियो ???  .. वाह !


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 25, 2013 at 6:07pm

मैंने भी ओ बी ओ पर चित्र अपलोड कर दिए हैं आदरणीय बस अब विडियो भी करुँगी 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 25, 2013 at 6:05pm

हहाहाहा सच में मुझे भी शर्म आ रही थी कि आप क्या सोच रहे होंगे की देहरादून में रहते हुए भी हम भटक रहे थे अनजान शहर के जैसे ,हम ठीक ठाक पंहुच गए थे घर जाकर सबसे पहले मैंने सिंह साहब से ये ही कहा था की जो शहर में कम घूमता है उसका यही हश्र होता है और कम घूमा करो :):):):) 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on September 25, 2013 at 5:51pm

आप भी अपने कैमरे की तस्वीरें अपलोड कर दें, आदरणीया राजेश जी. 

वैसे, मुझे करीब आधी रात में देहरादून की गलियों में आदरणीय श्री वीरेन्द्र जी और आपके साथ कार में भटकना अब गुदगुदा रहा है .. :-)))))))

विश्वास है, आपलोग सही ढंग से वापस पहुँच गये होंगे. ..

हा हा हा हा...........


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on September 25, 2013 at 5:35pm

उन क्षणों को काव्यमयी यादगार बनाने के लिए आदरणीय सौरभ जी और प्रिय नूतन जी हार्दिक आभार मेरे यहाँ के सभी मित्रों को ये सुखद अनुभूति पाकर बहुत अच्छा लगा 

Comment by डॉ नूतन डिमरी गैरोला on September 25, 2013 at 5:21pm

आपका धन्यवाद सौरभ जी... बहुत व्यस्त कार्यक्रम और दौड़भाग के बाद आपने आराम की जगह अपना समय हमारे लिए निकाला ... आपका शुक्रिया 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on September 25, 2013 at 12:37am

इन सुखद पलों के लिए सादर धन्यवाद, आदरणीया नूतनजी और आदरणीया राजेश कुमारी जी तथा श्री सिंह साहब.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदरणीय अशोक भाईजी धन्यवाद ... मेरा प्रयास  सफल हुआ।"
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह वाह वाह !!! बहुत दिनों बाद ऐसी लाजवाब प्रतिक्रिया पढने में आई है। कांउटर अटैक ॥ हजारों धन्यवाद…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय शेख शाहज़ाद उस्मानी जी सादर, सरकारी शालाओं की गलत परम्परा की ओर ध्यान आकृष्ट कराती…"
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"सार्थक है आपका सुझाव "
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ रचना पटल पर उपस्थिति और समीक्षाओं हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया प्रतिभा पाण्डेय जी। मेरी…"
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"हार्दिक धन्यवाद आदरणीया प्रतिभाजी ।  इसमें कुछ कमी हो सकती है लेकिन इस प्रकार के आयोजन शहरों…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव साहब सादर, बिना सोचे बोलने के परिणाम पर सुन्दर और संतुलित लघुकथा…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"अमराई में उत्सव छाया,कोयल को न्यौता भिजवाया। मौसम बदले कपड़े -लत्ते, लगे झूमने पत्ते-…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"ठण्ड गई तो फागुन आया। जन मानस में खुशियाँ लाया॥ आम  लगे सब हैं बौराने। पंछी गाते सुर में…"
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"लघुकथा किसी विसंगति से उभरती है और अपने पीछे पाठको के पीछे एक प्रश्न छोड़ जाती है। सबकुछ खुलकर…"
yesterday
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-132 (विषय मुक्त)
"आदरणीय अखिलेश जी स्वयं के प्रचार प्रसार के लिए इस तरह के प्रायोजित कार्यक्रमों का चलन साहित्य और…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 177 in the group चित्र से काव्य तक
"  जी ! //हापुस लँगड़ा नीलम केसर। आम सफेदा चौसा उस पर।।//... कुछ इस तरह किया जा सकता है.…"
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service