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Arpita Singh
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मेरा तुम्हारा भाग्य

इस बार फिर दीवाली की साफ- सफाई के बाद तुम्हें निकाला है, शायद इस बार भी तुम्हें वापस ऐसे ही रख दूंगीजैसे हर बार तुम्हें ऊपरी चमकाहट के बाद रख देती हूं, कि इस बार तुम्हें जरूर फ्रेम करवाऊंगीपर शायद इस बार भी इस भ्रम का तिलिस्म रहेगा, इस तिलिस्म में तुम भी जिओ और मै भी जियूं, क्योंकि तुम्हें तो मैने बनाया हैकहीं न कहीं अपने भाग्य से जोड़ जो लिया है, तुम मेरी जिम्मेदारी हो ये एहसास तुम मुझे हर बार करवाती हो, क्योंकि तुम किसी और के साथ जो जाती नही हो, चलो फिर एक लंबा इंतजार करते हैं, तब तक…See More
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Profile Information

Gender
Female
City State
Pratapgarh Uttar Pradesh
Native Place
Pratapgarh
Profession
M.ed. student
About me
मै एक विद्यार्थी हूं जिसे कविता, ग़ज़ल पसंद है।

Arpita Singh's Blog

मेरा तुम्हारा भाग्य

इस बार फिर दीवाली की साफ- सफाई के बाद तुम्हें निकाला है,

शायद इस बार भी तुम्हें वापस ऐसे ही रख दूंगी

जैसे हर बार तुम्हें ऊपरी चमकाहट के बाद रख देती हूं,

कि इस बार तुम्हें जरूर फ्रेम करवाऊंगी

पर शायद इस बार भी इस भ्रम का तिलिस्म रहेगा,

इस तिलिस्म में तुम भी जिओ और मै भी जियूं,

क्योंकि तुम्हें तो मैने बनाया है

कहीं न कहीं अपने भाग्य से जोड़ जो लिया है,

तुम मेरी जिम्मेदारी हो ये एहसास तुम मुझे हर बार करवाती हो,

क्योंकि तुम किसी और के साथ…

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Posted on October 29, 2019 at 9:30am — 3 Comments

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