For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

MUKESH SRIVASTAVA
Share on Facebook MySpace

MUKESH SRIVASTAVA's Friends

  • Seema Singh
  • Manan Kumar singh
  • atul kushwah
  • sagar anand
  • Meena Pathak

MUKESH SRIVASTAVA's Groups

 

MUKESH SRIVASTAVA's Page

Latest Activity

Samar kabeer commented on MUKESH SRIVASTAVA's blog post "मै" इक  समंदर में तब्दील हो जाता हूँ
"जनाब मुकेश श्रीवास्तव जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
Feb 23, 2020
MUKESH SRIVASTAVA posted a blog post

"मै" इक  समंदर में तब्दील हो जाता हूँ

एक --------रात होते ही "मै" इक  समंदर में तब्दील हो जाता हूँ और मेरे सीने केठीक ऊपर इक चाँद उग आता है अपनी पूरी भव्यता और ख़ूबसूरती  के साथ जो अपनी चॉँदनी सी किरणे बरसाने लगता हैं लगातार और -- तब मेरे सीने से तमाम लहरेंमेरे दोनों बाँहे बन हरहरा कर उठती हैं आसमान तक उस हंसीं चाँद को अपनी आगोश में भर लेने के लिए पर - हर बार लहरें हताश हो हो कर लौट आती हैं और फिर फिर उठती हैं "चाँद' को छूने उधर "चाँद" मेरी बेबसी पर मुस्कुराता है रात भर -  और सुबह होते ही न जाने किन बादलों के या पर्वतों की ओट…See More
Feb 21, 2020
MUKESH SRIVASTAVA commented on MUKESH SRIVASTAVA's blog post प्रेम गली अति सांकरी
"Bhaee Musafir ji, Post Pasandgee aur comment ke liye bahut bahut aabhar"
Feb 17, 2020
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on MUKESH SRIVASTAVA's blog post प्रेम गली अति सांकरी
"आ. भाई मुकेश जी, सुंदर कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Feb 17, 2020
MUKESH SRIVASTAVA posted a blog post

टीन एजर बेटे के मेसेज - मम्मी के लिए

एक ----- मुझे, मालूम है आप मेरी लापरवाहियां और बेतरतीबी की लिए ऊपर ऊपर डांटते हुए भी अंदर अंदर खुशी से और मेरे लिए प्रेम से भरपूर रहती होमेरे बिखरे हुए कपड़ों व किताबों को सहेजना अच्छा लगता है पर यहाँ हॉस्टल में आ कर अब मुझे अपने कपडे खुद तह कर के रखना सीख लिया है वहां तो आप सुबह ब्रश में टूथ पेस्ट भी आप लगा के देती थी टोस्ट में मक्खन भी लगा के हाथ में पकड़ा देती थी और प्यार भरी झिड़की से जल्दी से खाने की हिदायत देती थी पर अब तो सुबह बिना आप की प्यार भरी झुड़की के हॉस्टल के अलार्म पे…See More
Feb 17, 2020
MUKESH SRIVASTAVA commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post दो क्षणिकाएँ (गणेश जी बाग़ी)
"achee rachnaa mitra - badhaae"
Feb 15, 2020
MUKESH SRIVASTAVA commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post अतुकांत कविता : प्रगतिशील (गणेश जी बागी)
"achee rachnaa - badhaee"
Feb 12, 2020
MUKESH SRIVASTAVA commented on MUKESH SRIVASTAVA's blog post प्रेम गली अति सांकरी
"Aadarneeya  Samar Kabeer jee-  Rachna pasandgee ke liye bahut bahut aabhar"
Feb 12, 2020
Samar kabeer commented on MUKESH SRIVASTAVA's blog post प्रेम गली अति सांकरी
"जनाब मुकेश इलाहाबादी जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
Feb 12, 2020
MUKESH SRIVASTAVA posted a blog post

प्रेम गली अति सांकरी

प्रेम गली अति सांकरी------------------------सुमी, सुना है, किसी सयाने ने कहा है। ' प्रेम गली अति सांकरी, जा में दुई न समाय'जब कभी सोचता हूँ इन पंक्तियों के बारे में तो लगता है, ऐसा कहने वाला, सयाना रहा हो या न रहा हो, पर प्रेमी ज़रूर रहा होगा,जिसने प्रेम की पराकष्ठा को जाना होगामहसूस होगा रोम - रोम से , रग - रेशे से, उसके लिए प्रेम कोई शब्दों का छलावा नरहा होगा, किसी कविता का या ग़ज़ल का छंद और बंद न रहा होगा, किसी हसीनशाम की यादें भर न रही होगा, प्रेम -उसके लिए तो प्रेम अपने और अपने प्रेमी के…See More
Feb 12, 2020

Profile Information

Gender
Male
City State
PUNE
Native Place
ALLAHABAAD
Profession
SERVICE
About me
A SIMPLE & SENSTIVE INDIAN WHO LIKES READING & WRITING THE BOOKS

MUKESH SRIVASTAVA's Blog

"मै" इक  समंदर में तब्दील हो जाता हूँ

एक 
--------
रात 
होते ही 
"मै" इक  समंदर में तब्दील हो जाता हूँ 
और मेरे सीने के
ठीक ऊपर 
इक चाँद उग आता…
Continue

Posted on February 20, 2020 at 5:30pm — 1 Comment

टीन एजर बेटे के मेसेज - मम्मी के लिए

एक

-----

मुझे,

मालूम है आप

मेरी लापरवाहियां और बेतरतीबी की लिए

ऊपर ऊपर डांटते हुए भी

अंदर अंदर खुशी से और मेरे लिए प्रेम से भरपूर रहती हो

मेरे बिखरे हुए कपड़ों व किताबों को सहेजना अच्छा लगता है

पर यहाँ हॉस्टल में आ कर अब मुझे अपने कपडे खुद तह कर के रखना सीख लिया है

वहां तो आप सुबह ब्रश में टूथ पेस्ट भी आप लगा के देती थी

टोस्ट में मक्खन भी लगा के हाथ में पकड़ा देती थी

और प्यार भरी झिड़की से जल्दी से खाने की हिदायत देती थी

पर…

Continue

Posted on February 15, 2020 at 5:30pm

प्रेम गली अति सांकरी

प्रेम गली अति सांकरी

------------------------

सुमी,



सुना है, किसी सयाने ने कहा है। ' प्रेम गली अति सांकरी, जा में दुई न समाय'

जब कभी सोचता हूँ इन पंक्तियों के बारे में तो लगता है, ऐसा कहने वाला, सयाना

रहा हो या न रहा हो, पर प्रेमी ज़रूर रहा होगा,जिसने प्रेम की पराकष्ठा को जाना होगा

महसूस होगा रोम - रोम से , रग - रेशे से, उसके लिए प्रेम कोई शब्दों का छलावा न

रहा होगा, किसी कविता का या ग़ज़ल का छंद और बंद न रहा होगा, किसी हसीन

शाम की यादें भर न रही होगा,…

Continue

Posted on February 12, 2020 at 1:58pm — 4 Comments

कुर्सी

गुफा

से निकले हुए लोगों ने

'कुर्सी' बनाई,

अपने राजा के लिए

ज़मीन पर बैठे - बैठे

राजा कुर्सी पर बैठा है शान से

कुर्सी बनाने वाले ज़मीन पर

सबसे पहली कुर्सी 'पत्थर' की थी

फिर इंसान ने लकड़ी की कुर्सी बनाई

बाद में सोने ,चाँदी ,हीरे, जवाहरात की भी....

इतिहास में तो कई बार नरमुंडों की भी कुर्सियां बनाई गयी

और फिर उस पर बैठ के 'राजा' बहुत खुश हुआ...

कुर्सी बनाई गयी थी

इस उम्मीद में कि इस पर बैठा हुआ

राजा राज्य में

सुख शांति…

Continue

Posted on September 23, 2017 at 3:06pm — 5 Comments

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 1:18pm on January 30, 2014, Meena Pathak said…

स्वागत है आप का आदरणीय मुकेश जी | सादर 

At 10:28am on January 4, 2014,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Friday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Thursday
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

बरसात

बरसात घन गरजे अंधियारी छाई,बिजली अम्बर पर इठलाई  बूँदें टपकी टप-टप भाईरिमझिम रिमझिम बारिश आई पत्ते…See More
Jul 5
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"Dear respected Admin team: A few minutes ago, I typed my suggestion, but lost it all before it was…"
Jul 5
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"..."
Jul 5
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Jun 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service