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Neet Giri
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Gender
Female
City State
kolkata west bangal
Native Place
chapra bihar
Profession
student

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सुबह की किरण

मेरे आंगन में जब सुबह की पहली किरण आती हैं ,
तो कभी मैं उसको,
तो कभी अपनी माँ को निहारती हूँ ,
न जाने क्यों मुझे इन दोनों में
एक समानता सी लगती है 
उधर पूरब से भास्कर सफ़र शुरू करता है
और इधर माँ का दिन शुरू होता है
हाथ में जल का लोटा उठाये
कुछ मंत्रो के साथ,
हर सुबह मनमोहक हो जाती है
मेरे आंगन में जब सुबह की पहली किरण आती हैं ,

Posted on June 1, 2011 at 6:30pm — 4 Comments

दो शब्द प्यार के बोल कर देखो ,

दो शब्द प्यार के बोल कर देखो ,

दिल में उतर जाओगे ,

हर कदम पर साथ में पाओगे ,

मगर इसके लिए कुछ करना होगा ,

दो शब्द प्यार के बोलना होगा ,

भूलना होगा वो सब नफरत भरे शब्द ,

भूलने के बाद सोचने की जरुरत नहीं ,

कारण, नफ़रत सोचने के लिए नहीं होती,

सोचने के लिए तो बस प्यार होता हैं ,

मेरी बातो पे विश्वास ना हो तो ,

दो शब्द प्यार के बोल कर देखो ,

दिल में उतर जाओगे,

( राणा जी के सुझाव के अनुसार यह पोस्ट प्रबंधन स्तर से एडिट कर वर्तनी और…

Continue

Posted on June 25, 2010 at 7:30pm — 9 Comments

इस मुस्कुराहट का राज ,

मुस्कुराहट का राज़



मैं मुस्कुरा कर स्वागत करती हूँ ,

और वो हरदम पूछते हैं ,

इस मुस्कुराहट का राज़ ,

और मैं कहती हूँ ,

मैं हर दम खुश रहती हूँ ,

कारण गम मेरा हमदम नहीं हैं ,

खुशियों से हमने दोस्ती की हैं ,

अगर आप रोता हुआ चेहरा देखेंगे ,

और फिर करेंगे आप सवाल ,

क्या दुःख हैं हमें बतायो,

और मैं अपने दोस्तों को ,

अपने दुःख से दुखी न करूंगी ,

इसलिए आप को इस सवाल का ,

मौका नहीं दूंगी ,

हरदम खुश रहूंगी ,

अब समझ गए… Continue

Posted on June 25, 2010 at 6:30pm — 4 Comments

Comment Wall (4 comments)

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At 2:13pm on June 21, 2011, Sanjay Rajendraprasad Yadav said…


At 11:35pm on July 6, 2010,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 1:45pm on July 5, 2010, PREETAM TIWARY(PREET) said…

At 7:05pm on July 4, 2010, Admin said…

 
 
 

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