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इस मुस्कुराहट का राज ,

मुस्कुराहट का राज़

मैं मुस्कुरा कर स्वागत करती हूँ ,
और वो हरदम पूछते हैं ,
इस मुस्कुराहट का राज़ ,
और मैं कहती हूँ ,
मैं हर दम खुश रहती हूँ ,
कारण गम मेरा हमदम नहीं हैं ,
खुशियों से हमने दोस्ती की हैं ,
अगर आप रोता हुआ चेहरा देखेंगे ,
और फिर करेंगे आप सवाल ,
क्या दुःख हैं हमें बतायो,
और मैं अपने दोस्तों को ,
अपने दुःख से दुखी न करूंगी ,
इसलिए आप को इस सवाल का ,
मौका नहीं दूंगी ,
हरदम खुश रहूंगी ,
अब समझ गए ना,
इस मुस्कुराहट की राज़

Views: 552

Comment

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Comment by satish mapatpuri on June 28, 2010 at 11:22am
मौका नहीं दूंगी ,
हरदम खुश रहूंगी ,
अब समझ गए ना,
इस मुस्कुराहट की राज़
मुस्कान ही मूलमंत्र है इंसानी जीवन का, धन्यवाद.

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Rana Pratap Singh on June 26, 2010 at 12:51am
बिकुल सही कहा है आपने.....मुस्कराहट ही खुश रहने का साधन है....मुस्कुराते रहो
Comment by baban pandey on June 25, 2010 at 7:36pm
bahut hi sundar abhivyakti ....kam se kam mujhe aisi hi kavitaye achchi lagti hai ....likhte rahiye..aur hamlogo ko comment ka mauka dijiye ...
Comment by Rash Bihari Ravi on June 25, 2010 at 7:24pm
bah ravina kya bat hain aate hi OBO pe chha gai jai ho

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