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Sarfaraz kushalgarhi
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"आदरणीय नवीन जी उम्दः ग़ज़ल हुई है दिली मुबारकबाद आपको मतले में ज़लज़ला की जगह सैलाब या ऐसा ही कोई लफ़्ज़ हो तो बेहतर हो सकता है सिर्फ़ निजी मशवरः है"
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"मुहतरमा डिंपल शर्मा जी बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबूल करें"
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"221 2121 1221 212 जब नाम तेरा मेरी कहानी में आएगा तूफान आँसूओं का रवानी में आएगा-1 ऊला को सुन के वाह नहीं कीजिये जनाब  असली मज़ा तो मिसर-ए-सानी में आएगा-2 ये अब्र कह रहा है न बारिश करूँ अगर दरया को लुत्फ़ कैसे रवानी में आएगा-3 कर लूँ दोबारा…"
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Profile Information

Gender
Male
City State
Kishangarh dis banswara,rajasthan
Native Place
Kushalgarh
Profession
Business
About me
Poetry

Sarfaraz kushalgarhi's Blog

नाज़ नख़रों का अंदाज़....

212 212 212 212

नाज़   नख़रों   का  अंदाज़  अच्छा  लगा

इस  मुहब्बत  का  आग़ाज़  अच्छा  लगा-1

सोचा  था  हम  न  देखेंगे  मुड़  के  कभी

पर   बुलाने   का   अंदाज़   अच्छा  लगा-2

बेदख़ल दिल  से हमको  न करना  कभी

धड़कनों  का   तेरा  साज़  अच्छा  लगा-3

मेरी ख़ालिस  मुहब्बत को ठुकरा…

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Posted on August 12, 2020 at 4:30pm — 15 Comments

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At 4:10pm on August 12, 2020, रवि भसीन 'शाहिद' said…

आदरणीय Sarfaraz kushalgarhi भाई, आपका बहुत स्वागत है!

 
 
 

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